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Post at: Sep 27 2021

राष्ट्रीय खेल विकास कोष (NSDF)

वर्तमान परिप्रेक्ष्य 

  • 7 सितंबर, 2021 को कोल इंडिया लिमिटेड ने राष्ट्रीय खेल विकास कोष में 75 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
  • इस राशि से भारतीय खेल प्राधिकरण के खेल केंद्रों ग्‍वालियर, भोपाल एवं बंगलुरू में खिलाड़ियों हेतु हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।

परिचय 

  • राष्ट्रीय खेल विकास कोष की स्थापना वर्ष 1998 में धर्मार्थ (Charitable Endowments Act,1890) बंदोबस्ती अधिनियम, 1890 के तहत की गई थी।
  • इसे नवंबर, 1998 में भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया था। 
  • खेल अवसंरचनाओं के विकास तथा खिलाड़ियों को प्रोत्‍साहन देने हेतु ‘कॉर्पोरेट सामजिक उत्तरदायित्‍व’ (CSR) के तहत निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं तथा कंपनियों द्वारा भी योगदान देने का प्रावधान कंपनी एक्‍ट, 2013 के तहत किया गया है।

 

  • काॅर्पोरेट सामाजिक दायित्‍व की संकल्‍पना सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उद्यमों, कारखानों के परिचालन के संदर्भ में एक ऐच्‍छिक उत्तरदायित्‍व की भांति था ताकि वे परिचालन गतिविधियों से उत्‍पन्‍न प्रदूषण से पर्यावरण की सुरक्षा के लिए तथा समाज के हित में योगदान करें। इस ऐच्‍छिक प्रावधान को कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत अनिवार्य बनाते हुए इसे कुछ निश्चित मानकों के साथ कानूनी आधार प्रदान कर दिया गया। इसे 1 अप्रैल, 2014 से लागू किया गया।

उद्देश्य

  • खेल के बुनियादी ढांचे के निर्माण, आधुनिकीकरण तथा विकास से जुड़े कार्य करना।
  • राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को समर्थन तथा प्रोत्‍साहन देकर उत्‍कृष्टता प्राप्‍त करने में मदद करना।

उदाहरण

* ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने हेतु संचालित कार्यक्रम

  • खेल संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करना आदि।

प्रमुख घटक

  • इस कोष के कुशल संचालन तथा प्रबंधन हेतु द्विस्तरीय प्रशासनिक निकाय की स्थापना की गई है।

 

  • कोष का निर्माण सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र के योगदान से किया गया है।

* सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तर दायित्‍व के तहत न केवल (NSDF) में महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है, बल्‍कि निजी स्तर पर भी कई प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन भी करती रहती हैं।
* CSR के तहत 31 मार्च, 2021 तक 170 करोड़ रुपये प्राप्‍त हुए हैं। 
आगे की राह

  • ‘राष्ट्रीय खेल विकास कोष’ भारत में विभिन्‍न प्रकार के खेलों के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे के निर्माण, नवोदित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल उपकरणों एवं अन्‍य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे महत्‍वपूर्ण कार्यों में प्रयोग किया जाता है। 
  • वर्तमान समय में देश की कंपनियों के द्वारा भी अपने सामाजिक उत्तरदायित्‍व का निर्वहन करते हुए इसमें अपना योगदान दे रहीं हैं। इस एकीकृत प्रयास से देश में खेलों एवं खिलाड़ियों को प्रोत्‍साहन मिलेगा।

संकलन - प्रवेश तिवारी
 


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