Contact Us - 0532-246-5524,25 | 9335140296
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Sep 20 2021

आर्थिक समीक्षा‚ 2020-21

आपदि प्राणरक्षा हि धर्मस्य प्रथमाङ्‌कुर:
महाभारत (शांतिपर्व)‚ अध्याय 13‚ श्लोक संख्या 598
कोविड-19 महामारी ने वर्ष 2020 में ऐसी परिस्थितियों को जन्म दिया जहां मानव जीवन के अस्तित्व का संकट उत्पन्न हो गया। ऐसी परिस्थितियों में महाभारत के शांतिपर्व का उपर्युक्त श्लोक प्रासंगिक हो जाता है‚ जिसका अर्थ है कि आपदाग्रस्त जीव की प्राणरक्षा करना ही धर्म है। इस महामारी के कारण वर्ष 1930 के बाद एक बार फिर से विश्व के 90 प्रतिशत देशों की प्रति व्यक्ति जीडीपी में संकुचन का अनुमान है।
कोविड-19 से उत्पन्न हुए आर्थिक प्रभावों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक गतिविधियों के व्यवधानों की भी प्रस्तुति इस वर्ष की आर्थिक समीक्षा में की गई है। आर्थिक समीक्षा‚ 2020-21, कोविड-19 योद्धाओं को समर्पित की गई है।
आर्थिक समीक्षा केंद्र सरकार का एक ऐसा दस्तावेज है‚ जिसमें अर्थव्यवस्था को बृहत रूप में सांख्यिकी आंकड़ों के माध्यम से 
प्रदर्शित किया जाता है। इसमें पूर्व वित्तीय वर्ष के बजट के संशोधित अनुमान प्रस्तुत किए जाते हैं‚ जो वास्तविकता के निकट होते हैं और आगामी बजट निर्माण हेतु आधार का काम करते हैं। आर्थिक समीक्षा‚ सरकार और सरकारी विभागों की नीतियां निर्धारित करने में मार्गदर्शक की भूमिका में होती है।
आर्थिक समीक्षा मुख्य वित्तीय सलाहकार के मार्गदर्शन में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा तैयार की जाती है। आर्थिक समीक्षा तब जारी की जाती है‚ जब इसे वित्त मंत्री की अनुमति मिल जाती है।
आर्थिक समीक्षा‚ केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने से पूर्व वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत की जाती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की आर्थिक समीक्षा को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 29 जनवरी‚ 2021 को संसद में प्रस्तुत किया। पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी आर्थिक समीक्षा दो खंडों में प्रकाशित की गई है। खंड-I में विश्लेषणात्मक सामग्री है और खंड-II में हाल के वर्षों के विकास कार्यों की समीक्षा है। इसके अतिरिक्त एक सांख्यिकी परिशिष्ट भी है।
अर्थव्यवस्था परिदृश्य‚ 2020-21

  • कोविड-19 महामारी के कारण पूरे विश्व को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा है। इस मंदी को वैश्विक वित्तीय संकट (1929-30) से भी अधिक गंभीर माना गया।
  • आईएमएफ के आकलन के अनुसार‚ वैश्विक आर्थिक उत्पादन  में वर्ष 2020 में 3.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई‚ जबकि विश्व बैंक के अनुसार यह आंकड़ा 4.3 प्रतिशत है।
  • भारत ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए चार आयामों वाली रणनीति (Four-pillar strategy) को अपनाया - महामारी पर नियंत्रण (Containment), राजकोषीय (Fiscal), वित्तीय (Financial) और दीर्घकालीन संरचनात्मक सुधार (Long - term Structural Reforms)।
  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अग्रिम अनुमान के अनुसार‚ भारत की वास्तविक जीडीपी वित्त वर्ष 2020-21 में –7.7 प्रतिशत रही।
  • वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की वास्तविक जीडीपी की विकास दर 11.0 प्रतिशत अनुमानित है तथा सांकेतिक जीडीपी (nominal GDP) की संवृद्धि दर 15.4 प्रतिशत रहेगी‚ जो स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सर्वाधिक होगी।
  • वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था में सुधार सरकारी खपत के कारण रहा‚ जिसमें वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 17% वृद्धि का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी छमाही में निर्यात में 5.8 प्रतिशत और आयात में 11.3 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में चालू खाता अधिशेष (Current Account Surplus) जीडीपी के 3.1 प्रतिशत के बराबर होने का अनुमान है।
    • वित्त वर्ष 2020-21 के अंत में चालू खाता अधिशेष जीडीपी के न्यूनतम 2 प्रतिशत के बराबर होने का अनुमान है। 17 वर्षों के बाद भारत के चालू खाता अधिशेष में वृद्धि हुई है।
  • वित्त वर्ष 2020-21 में कृषि की विकास दर 3.4 प्रतिशत आकलित की गई है।
  • वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान उद्योग और सेवा क्षेत्र में क्रमश: 9.6 प्रतिशत और 8.8 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है।
  • वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान भारत निवेश के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र रहा।
  • नवंबर‚ 2020 में कुल एफपीआई (Foreign Portfolio Investment) प्रवाह 9.8 बिलियन डॉलर रहा‚ जो महीने के संदर्भ में वर्तमान तक का सर्वाधिक है।
    • विश्व के उभरते बाजारों में भारत एकमात्र देश है‚ जिसे वर्ष 2020 में इक्विटी के रूप में एफआईआई (Foreign Institutional Investment) प्राप्त हुआ।
  • अक्टूबर‚ 2010 के बाद ऐसा पहली बार हुआ‚ जब सेंसेक्स और निफ्टी ने भारत की बाजार-पूंजी (Market-Cap) एवं जीडीपी अनुपात के 100 प्रतिशत को पार कर लिया।
  • भारत 6 दिन में सबसे तेजी से 10 लाख टीके लगाने वाला देश बन गया है‚ साथ ही अपने पड़ोसी देशों और ब्राजील को टीकों के अग्रणी आपूर्तिकर्ता के रूप में भी उभरा है।

क्रेडिट रेटिंग

  • वर्तमान में भारत को BBB-/Baa3 क्रेडिट रेटिंग दी गई है।

स्वास्थ्य

  • आर्थिक समीक्षा 2020-21 के अनुसार‚ सार्वजनिक स्वास्थ्य-सेवा खर्च जीडीपी के 1 प्रतिशत से बढ़कर 2.5-3 प्रतिशत होने से स्वास्थ्य देखभाल पर लोगों द्वारा किया जाने वाला खर्च 65 प्रतिशत से घटकर 35 प्रतिशत अनुमानित है।

वित्तीय घटनाक्रम

  • वर्ष 2020 के अंतिम तीन माह में मासिक जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया और दिसंबर‚ 2020 में यह उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8 जनवरी‚ 2021 को अब तक के सर्वोच्च 586.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच गया।
  • अप्रैल-अक्टूबर‚ 2020 के दौरान 27.5 बिलियन अमेरिकी
  • डॉलर का शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया‚ जो वित्त वर्ष 2019-20 के पहले 7 महीने की तुलना में 14.8 प्रतिशत अधिक है।
  • अप्रैल-दिसंबर‚ 2020 के दौरान 28.5 बिलियन अमेरिकी 
  • डॉलर का शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) आया। जबकि विगत वर्ष की इसी अवधि में यह 12.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • अप्रैल-दिसंबर‚ 2020 में भारत का वस्तु व्यापार घाटा (Merchandise trade deficit) कम होकर 57.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा‚ जबकि विगत वर्ष की इसी अवधि में यह 125.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • अप्रैल-दिसंबर‚ 2020 में वस्तुओं का निर्यात 15.7 प्रतिशत घटकर 200.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया‚ जबकि विगत वर्ष की इसी अवधि में यह 238.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • अप्रैल-दिसंबर‚ 2020 में वस्तुओं का कुल आयात विगत वर्ष की तुलना में 29.1 प्रतिशत की कमी के साथ 258.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया‚ जबकि विगत वर्ष की इसी अवधि में यह 364.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • वित्त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में सकल निजी हस्तांतरण प्राप्तियां (Net Private transfer receipts) 35.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर रही‚ जो विगत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6.7 प्रतिशत कम है।
    • सकल निजी हस्तांतरण प्राप्तियों में विदेशों में नौकरी कर रहे भारतीयों द्वारा प्रेषित धन (Remittances) को रखा जाता है।
  • जून-दिसंबर‚ 2020 के दौरान राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में मुद्रास्फीति की दर 3.2 प्रतिशत से 11 प्रतिशत के मध्य रही‚ जो विगत वर्ष की इसी अवधि में (–) 0.3 प्रतिशत से 7.6 प्रतिशत के मध्य थी।

कृषि और खाद्य प्रबंधन

  • वर्ष 2019-20 के लिए देश के सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में कृषि और सहायक क्षेत्रों की हिस्सेदारी चालू मूल्यों पर 17.8 प्रतिशत (CSO - P.E. of National Income) रही।
  • जीवीए से जुड़े सकल पूंजीगत निर्माण (GCF) में उतार-चढ़ाव की प्रवृत्ति देखने को मिली। जहां यह वर्ष 2013-14 में 17.7 प्रतिशत था‚ वहीं वर्ष 2015-16 में गिरकर 14.7 प्रतिशत पर आ गया‚ जबकि वर्ष 2018-19 में पुन: बढ़कर 16.4 प्रतिशत हो गया। 

उद्योग और बुनियादी ढांचा

  • भारत की जीडीपी के 15 प्रतिशत के समतुल्य प्रोत्साहन पैकेज के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान घोषित किया गया।
    • भारत सरकार द्वारा देश की विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात वृद्धि हेतु आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत 10 प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI : Product Linked Incentive) योजना की घोषणा की गई।
  • वित्त वर्ष 2020-21 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) अंतर्वाह 49.98 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा‚ जबकि वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान यह 44.37 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

सेवा क्षेत्र

  • वैश्विक स्तर पर बाधाओं के बावजूद भारत के सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश अंतर्वाह वर्ष-दर-वर्ष 34 प्रतिशत वृद्धि के साथ अप्रैल-सितंबर‚ 2020 में 23.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। 
  • लॉकडाउन के बाद सभी प्रमुख आर्थिक संकेतकों में V आकार में सुधार परिलक्षित हुआ।
  • कोविड-19 ने भारत की अर्थव्यवस्था पर आपातकालीन ब्रेक लगाया‚ जो वर्ष 2020 की शुरुआत में बढ़ रही थी।

 

  • वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई‚ जबकि दूसरी तिमाही में 7.5 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। अर्थव्यवस्था में ये उतार-चढ़ाव वी-आकार रिकवरी (V-Shaped recovery) को दर्शाते हैं।

 

  • उच्च खाद्य कीमतें वर्ष 2020 में मुद्रास्फीति का एक प्रमुख कारक बनी रहीं।
    • हालांकि दिसंबर‚ 2020 में मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लक्ष्य सीमा में 4+/-2 प्रतिशत तक गिरकर वर्ष-दर-वर्ष 4.6 प्रतिशत तक पहुंच गई।

 

  • आर्थिक समीक्षा‚ 2020-21 में सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई)‚ निवल राष्ट्रीय आय (एनएनआई) और प्रति व्यक्ति निवल राष्ट्रीय आय के आंकड़ों को सम्मिलित किया गया है।
    • जीएनआई‚ एनएनआई और प्रति व्यक्ति निवल राष्ट्रीय आय के आंकड़ों को 2011-12 शृंखला के आधार पर तैयार 

 

 

 

 

 

 


Comments
List view
Grid view

Current News List