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Post at: Sep 16 2021

इंडिया प्‍लास्टिक पैक्ट

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 3 सितंबर, 2021 को भारत ने, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII)  और वर्ल्ड वाइड फंड फॉर  नेचर के सहयोग से भारत प्‍लास्टिक समझौता (Plastic Pact) की शुरुआत की।
  • ऐसा करने वाला भारत एशिया का पहला देश बन गया है।
  • पहला प्‍लास्टिक समझौता वर्ष 2018 में यूनाइटेड किंगडम में शुरू किया गया था।

मुख्य बिंदु

  • भारत में ब्रिटिश उच्‍चायुक्त ‘अलेक्‍जेंडर एलिस’ द्वारा इस प्‍लेटफॉर्म का उद्‍घाटन किया गया।
  • भारत प्‍लेटफॉर्म समझौता एक महत्वाकांक्षी सहयोगात्मक पहल है, जो प्‍लास्टिक के लिए एक चक्रीय प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
  • यह समझौता प्‍लास्टिक पैकेजिंग क्षेत्र में चक्रीय बाधाओं को दूर करने पर केंद्रित है।
  • भारत में इस समझौते के सक्रिय होने के बाद विश्व स्तर पर यह (भारत) अन्य प्‍लास्टिक संधियों से जुड़ जाएगा।
  • यह समझौता वर्तमान रैखिक प्‍लास्टिक प्रणाली (एकल उपयोग) को चक्रीय अर्थव्यवस्था में बदलेगा।
  • यह समझौता मार्गदर्शन हेतु एक रोडमैप विकसित करेगा।
    •  इस रोडमैप के आधार पर सदस्यों का एक कार्य समूह बनाया जाएगा तथा एक नवोन्मेषी परियोजना प्रारंभ की जाएगी।
    • इस परियोजना के तहत महत्वाकांक्षी लक्ष्यों और डेटा रिपोर्टिंग के माध्यम से सदस्यों का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
  • प्रमुख फास्ट -मूविंग कंज्यूमर गुड्‍स (FMCG) ब्रांड, निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं और पुनर्चक्रणकर्ताओं सहित 27 व्यवसायों और सहायक संगठनों ने संस्थापक सदस्यों के रूप में समझौते के प्रति अपनी  प्रतिबद्धता जताई है। 
  • इस समझौते के द्वारा वर्ष 2030 तक भारत में प्‍लास्टिक कचरे की समस्या मे काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है।
  • भारत प्‍लास्टिक समझौता ‘एलेन मैकआर्थर फांउडेशन की ‘न्यू प्‍लास्टिक इकोनॉमी’ के चक्रीय अर्थव्यवस्था सिद्धांत पर आधारित है।

 

आवश्यकता क्‍यों ?

  • भारत में वार्षिक तौर पर 9.46 मिलियन टन कचरा उत्पन्‍न होता है।  
  • 40 प्रतिशत प्‍लास्टिक कचरे का संग्रहण नहीं होता  अर्थात खुले में फेंक दिया जाता है।
  • भारत में उत्‍पादित कुल प्‍लास्टिक का 43 प्रतिशत पैकेजिंग के लिए उपयोग होता है, जिसमें से अधिकांश एकल उपयोग प्‍लास्टिक होता है।

उपर्युक्त  के सार्थक समाधान के लिए यह समझौता प्रारंभ किया गया है।

लक्ष्य : निम्नलिखित लक्ष्यों को वर्ष 2030 तक प्राप्त करने का संकल्प है-

उद्देश्य

  • समस्यापरक प्‍लास्टिक के उपयोग को कम करना
  • मूल्यावान सामग्री को अर्थव्यवस्था में बनाए रखना।
  • रोजगार, निवेश एवं नए अवसर सृजित करना।
  • व्यवसायों, सरकारों एवं गैर-सरकारी संगठनों को अपनी मूल्य श्रृंखला में प्‍लास्टिक को कम करने, पुन: उपयोग करने एवं पुन:  चक्रित करने हेतु प्रेरित करना।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से प्‍लास्टिक को खत्म करने वाले समाधानों को खोजना।

प्‍लास्टिक प्रदूषण रोकने के भारत के प्रयास

  • प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 
  • प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2018
  • प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021
  • वर्ष 2022 तक एकल उपयोग प्‍लास्टिक का प्रयोग बंद करने की भारत की प्रतिबद्धता

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII)
स्‍थापना-1895
मुख्यालय-नई दिल्‍ली
महानिदेशक-चंद्रजीत बनर्जी

संकलन-अशोक तिवारी

 


 


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