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Post at: Sep 14 2021

ब्रिक्‍स - कृषि अनुसंधान मंच

वर्तमान परिप्रेक्ष्य 

  • 27 अगस्त, 2021 को केंद्रीय कृषि तथा किसान कल्‍याण मंत्री नरेंद्र तोमर ने ब्रिक्‍स कृषि मंत्रियों की 11वीं बैठक (आभासी) में, ब्रिक्‍स सदस्य देशों के बीच कृषि अनुसंधान एवं नवोन्‍मेषणों के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ बनाने के लिए भारत में तैयार एवं गठित ब्रिक्‍स कृषि अनुसंधान मंच के प्रचालन की घोषणा की।
  • बिक्‍स कृषि मंत्रियों की इसी 11वीं बैठक में ब्रिक्‍स  देशों के मध्य कृषि सहयोग बढ़ाने हेतु वर्ष 2021-24 की कार्ययोजना को अपनाया गया।
  •  इस बैठक का विषय ‘‘खाद्य और पोषण सुरक्षा हेतु कृषि जैव-विविधता को मजबूत करने के लिए ब्रिक्‍स साझेदारी’’ है।

पृष्ठभूमि

  • 9 जुलाई, 2015 को रूस के ऊफा में आयोजित 7वें ब्रिक्‍स शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्‍स कृषि अनुसंधान मंच की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।
  • 27-28 जून, 2016 को नई दिल्‍ली में आयाेजित ब्रिक्‍स कृषि अनुसंधान मंच के लिए ब्रिक्‍स विशेषज्ञों की बैठक में ब्रिक्‍स कृषि अनुसंधान मंच की रूपरेखा का दस्तावेजीकरण किया गया था।

मुख्य बिंदु 

  • यह ब्रिक्‍स देशों के बीच कृषि अनुसंधानों एवं नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने हेतु भारत में ही स्थापित और विकसित किया गया है।
  • इसकी स्थापना कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय (भारत) के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन पूसा (नई दिल्‍ली) राष्ट्रीय पशु अनुपूरक परिषद के परिसर में की गई है।
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद इसके संचालन के लिए जिम्मेदार शीर्ष संगठन है।
  • कार्य
  • वैज्ञानिक कृषि के लिए, एक वैश्विक मंच के रूप में ‘ब्रिक्‍स-कृषि अनुसंधान मंच’ कृषि तथा संबद्ध क्षेत्र में कार्यनीतिक सहयोग के माध्यम से सतत कृषि विकास को बढ़ावा देगा।
  • इससे दुनिया में भूख, कुपोषण, गरीबी तथा असमानता के मुद्दों के समाधान में सहायता मिलेगी।  
  • ब्रिक्‍स - एआरपी (Agricutural Research Platform) ब्रिक्‍स देशों के छोटे किसानों की उपज एवं आय में सतत वृद्धि के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकियों के प्रयोग के साथ ही अनुसंधान, नवोन्‍मेष एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्र में परस्पर सहयोग में तेजी लाएगा।
  • यह मंच ब्रिक्‍स देशों के बीच अनुसंधान निष्कर्षों नवोन्‍मेषों तथा सर्वश्रेष्ठ प्रचलनों के आदान-प्रदान को प्रोत्‍साहन प्रदान करेगा।

 

जैव-विविधता संरक्षण हेतु भारत के अन्‍य प्रयास

  • राष्ट्रीय जीन बैंक की स्थापना एवं रख-रखाव
  • राष्ट्रीय बांस मिशन
  • राष्ट्रीय पॉम ऑयल (ताड़-तेल) मिशन
  • जैविक कृषि को बढ़ावा

कृषि सहयोग हेतु कार्य-योजना - इस कार्य योजना में निम्नलिखित प्रावधान हैं
कार्ययोजना- ब्रिक्‍स देशों के मध्य कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का प्रावधान करती है।

  • यह खाद्य सुरक्षा, कृषि जैव-विविधता के संरक्षण पर ध्यान देती है।
  • यह कृषि उत्‍पादन प्रणालियों में लचीलापन डिजिटल कृषि समाधानों को बढ़ावा देने आदि विषयों पर ध्यान केंद्रित करती है।

संकलन - अशोक कुमार तिवारी
 


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