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Post at: Sep 09 2021

जलियांवाला बाग स्मारक

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 28 अगस्त, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निमित परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया।
  • इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने स्मारक में संग्रहालय दीर्घाओं का भी उद््घाटन किया।

पृष्ठभूमि

  • आजादी के अमृत महोत्‍व के अंतर्गत देश की आजादी के संघर्ष में शहीद हुए सेनानियों एवं राष्ट्र नायकों से जुड़े स्थलों का संरक्षण किया जा रहा है।
  • उसी परिप्रेक्ष्य में आजादी के 75वें वर्ष पर जलियांवाला बाग स्मारक को नया स्वरूप दिया गया है।

मुख्य बिंदु

  • प्रवेश द्वार एवं तंग गली (जिससे जनरल डायर ने सेना को प्रवेश का आदेश दिया था) को शहीदों को समर्पित किया गया है। 
  • जलियांवाला बाग स्मारक में, नरसंहार और शहीदों को समर्पित तीन गैलरियों का निर्माण किया गया है।
  • इन गैलरियों में शहीदों से संबंधित दस्तावेज रखे गए हैं।
  • स्मारक के अंदर मौजूद कुएं के चारों तरफ गैलरी बनाई गई है और सुरक्षा के लिए उसमें कांच लगाए गए हैं, जिससे कुएं को गहराई तक देखा जा सके।
  • स्मारक के बीचोबीच स्थित शहीदी लाट के चारों तरफ पार्क का निर्माण किया गया है।
  • स्मारक के अंदर मौजूद दीवार, जिस पर गोलियों  निशान अंकित हैं, उसे संरक्षित करने के लिए दीवार के पहले रेलिंग का निर्माण किया गया है।
  • इस स्मारक का केंद्रीय स्थल माने जाने वाले ज्वाला स्मारक की मरम्मत करने के साथ-साथ इसका पुनर्निर्माण भी किया गया है। 
  •  यहां स्थित तालाब को एक ‘लिली तालाब’ के रूप में िफर से विकसित  किया गया है और लाेगों के आने-जाने के लिए, यहां स्थित मार्गों को चौड़ा किया गया है।
  • लंबे समय से बेकार पड़ी और कम उपयोग वाली इमारतों का अनुकूल इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए चार संग्रहालय दीर्घाएं निर्मित की गई हैं।
  • यहां से संबंधित घटनाओं को आधुनिक श्रव्य-दृश्य प्रौद्योगिकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।   
  • इसमें मैपिंग और 3डी (3D) चित्रण के साथ-साथ कला एवं मूर्तिकला अधिष्ठापन भी शामिल है।
  • 13 अप्रैल, 1919 को घटित विभिन्‍न घटनाओं के दृश्यांकन के लिए एक साउंड एवं प्रकाश (लाइट) शो की व्यवस्था की गई है।

जलियांवाला बाग हत्‍याकांड

  • जलियांवाला बाग हत्‍याकांड 13 अप्रैल, 1919 को घटित 10 मिनट की एक घटना थी।
  • जिसमें ब्रिटिश जनरल रेजिनाल्‍ड एडवर्ड डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में एकत्र निहत्‍थी भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया था।
  • इस घटना में सैकड़ों लोग शहीद एवं हजारों लोग घायल हुए थे।

शहीदों का आंकड़ा - अलग-अलग है-
484 (अमृतसर डिप्‍टी कमिश्नर कार्यालय), 388 (जलियांवाला बाग के शहीदों की सूची में), 379 (ब्रिटिश राज अभिलेख) कांग्रेस द्वारा यह आंकड़ा 1200 से 1500 तक बताया गया।

  • 13 अप्रैल, 1919 को बैसाखी वाले दिन, यह भीड़ सैफुद्दीन किचलू एवं डॉ. सत्‍यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में एकत्र हुई थी, जिन्‍हें रौलेट एक्‍ट का विरोध करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

रौलेट एक्‍ट (1919)

  • रौलेट एक्‍ट को काला कानून के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह 10 मार्च, 1919 को पारित किया गया था।
  • यह कानून सरकार को किसी व्यक्ति पर बिना मुकदमा चलाए उसे कैद करने का अधिकार देता था।

जलियांवाला बाग स्मारक

  • जलियांवाला बाग स्मारक की स्थापना भारत सरकार द्वारा वर्ष 1951 में की गई थी।
  •  इसका प्रबंधन जलियांवाला बाग ‘नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट’ द्वारा किया जाता है।

    संकलन - अशोक कुमार तिवारी


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