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Post at: Sep 08 2021

भारत रक्षा स्टार्ट-अप चुनौती 5.0

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 19 अगस्त, 2021 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियों काॅन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से रक्षा उत्‍कृष्टता के लिए नवाचार रक्षा नवाचार संगठन (आईडेक्‍सडीआईओ) के अंतर्गत भारत रक्षा स्टार्ट-अप चुनौती (DISC) 5.0 का शुभारंभ किया।
  • डीआईएससी (DISC) 5.0 रक्षा क्षेत्र को आत्‍मनिर्भर बनाने के सरकार के संकल्‍प का परिचायक है।

पृष्ठभूमि

  • आईडेक्‍स पहल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्‍मनिर्भरता प्राप्‍त करने और रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में नवाचार और प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था।

अन्‍य संस्करण

DISC - 2.0 प्रारंभ - 21 फरवरी, 2019, बंगलुरू

DISC - 1.0 प्रारंभ - 4 अगस्त, 2018, बंगलुरू

DISC - 3.0  प्रारंभ - 27 दिसंबर, 2019,  नई दिल्‍ली

DISC - 4.0 प्रारंभ - 29 सितंबर, 2020, नई दिल्‍ली

डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज

  • आईडेक्‍स पहलों को आगे बढ़ाते हुए रक्षा भारत स्टार्ट अप चैलेंज को अटल इनोवेशन मिशन के साथ साझेदारी में रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किया गया।
  • इसका उद्देश्य राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में प्रोटोटाइप बनाने और उत्‍पादों का व्यावसायीकरण करने के लिए स्टार्ट-अप/एमएसएमई (MSMEs)/इनोवेटर्स का समर्थन करना है।
  • चैलेंज की दृष्टि दो स्तरीय है-

(i) राष्ट्रीय सुरक्षा (प्रोटोटाइपिंग) के लिए प्रासंगिक उत्‍पादों/प्रौद्योगिकों में कार्यात्‍मक प्रोटोटाइप बनाने में मदद करें और भारत के रक्षा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने वाले नवाचारों को बढ़ावा दें।

(ii)  नए तकनीकी उत्‍पादों/प्रौद्योगिकियों को भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के रूप में एक बाजार और शुरुआती ग्राहक (व्यावसायिकरण) खोजने में मदद करें।

  • ध्यातव्य है कि भी स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‍यूट (SIPRI) के अनुसार, भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है।  

मुख्य बिंदु  

  • डीआईएससी 5.0 को इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्‍सीलेंस- डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन (IDEX - DIO) के तहत लांच किया गया है।
  • इसे रक्षा मंत्रालय द्वारा अटल इनोवेशन के साथ साझेदारी में शुरू किया गया है।
  • डीआईएस (DISC) 5.0 के अंतर्गत 35 समस्या विवरण का अनावरण किया गया है, जिसमें 13 सेवाओं से और 22 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से हैं।

  • ये समस्या विवरण हैं - परिस्थितिजन्‍य जागरूकता संवर्धित वास्तविकता (Augmented Reality), कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विमान प्रशिक्षक, गैर-घातक उपकरण, 5G नेटवर्क, जल के भीतरी क्षेत्र की जागरूकता, ड्रोन स्वार्म और आंकड़े संग्रहण जैसे क्षेत्र।
  • रक्षा क्षेत्र में नवाचार, डिजाइन और विकास में सुधार के लिए डीआईएससी 5.0 प्रारंभ किया गया है।
  • यह युवाओं और उद्यमियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच है।

चुनौतियां
(i) निजी भागीदारी का अभाव
(ii) रक्षा क्षेत्र में व्याप्‍त भ्रष्टाचार
(iii) वित्तीय समस्याएं
(iv)  समन्‍वय का अभाव
(v)  विनिर्माण संबंधी बाधाएं
(vi)  विशेषज्ञता की कमी

निष्कर्ष

  • रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु रक्षा मंत्रालय की यह पहल महत्‍वपूर्ण है। इसके क्रियान्‍वयन में आने वाली सभी चुनौतियों को कदम दर कदम समाप्‍त कर सकारात्‍मक एवं दूरगामी परिणाम प्राप्‍त किए जा सकते हैं।

संकलन - अशोक कुमार तिवारी

 

 

 


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