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Post at: Sep 06 2021

कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन (संगोष्ठी)

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 4 अगस्त, 2021 को श्रीलंका ने वर्चुअल रूप में आयोजित ‘कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन’ के तहत पहली ‘उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार’ स्तर के सम्मेलन की मेजबानी की। 
  • इस सम्मेलन में, श्रीलंका, भारत तथा मालदीव के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 
  • सम्मेलन में बांग्लादेश, मॉरीशस और सेशेल्स ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया।

पृष्ठभूमि :

  • नवंबर, 2020 में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तरीय (एनएसए) त्रिपक्षीय वार्ता के तुरंत बाद, इस समूह का नाम ‘समुद्री सुरक्षा पर त्रिपक्षीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक’ से ‘कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन’ करने का निर्णय लिया गया था।
  • ‘कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन ’ नाम से एक त्रिपक्षीय बैठक का प्रथम विचार श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे द्वारा सर्वप्रथम 2011 में आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता के दौरान दिया गया था।
  • इसके बाद पहली एनएसए स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक 1 अक्टूबर 2011 को मालदीव की राजधानी माले में आयोजित की गई।
  • पुन :  दूसरी बैठक 8 जुलाई 2013 को कोलंबो एवं तीसरी बैठक 6 मार्च 2014 को नई दिल्‍ली में आयोजित हुई ।
  • उपर्युक्त बैठकों के उपरांत 6 वर्ष बाद पुन :  नवंबर 2020 में अगली बैठक आयोजित की गई।
  • हिंद महासागर में व्याप्त सुरक्षा तथा संसाधन दोहन काे लेकर आपसी सहयोग बढ़ाने तथा विश्वास बहाली के क्रम में ‘कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन’ का औपचारिक नामकरण नवंबर, 2020 में आयोजित वार्ता के दौरान किया गया। इस वार्ता में भारत, मालदीव तथा श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उद्देश्य :-

  • इसका उद्देश्य हिंद महासागर के तीन देशों, भारत , श्रीलंका तथा मालदीव के बीच सामुद्रिक एवं समग्र सुरक्षा मामलों पर आपसी सहयोग बढ़ाना है।

प्रमुख तथ्य :-


भारत के लिए महत्व :-

  • भारत के पड़ोस में स्थित हिंद महासागर के 6 तटवर्ती देशों का एक समान समुद्री और समग्र सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर एक साथ आना व्यापक वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण है। 
  • सैन्य तथा सुरक्षा सहयोग पर आधारित यह तंत्र भू-रणनीतिक मुद्दों पर भारत श्रीलंका तथा मालदीव की चिंताओं का शमन करता है।
  • हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव पर अंकुश लगाने के संदर्भ यह क्षेत्रीय सुरक्षा गठबंधन अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
  • यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षी रणनीतिक पहल ‘सागर (SAGAR) Security and growth for all in the region) को और अधिक प्रभावशाली बनाने में भी सहायक हो सकता है।

इस वर्ष के अंत में मालदीप में होने वाले इस सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल बांग्लादेश सेशल्स और मॉरीशस शीघ्र ही इस क्षेत्रीय सुरक्षा मंच के पूर्णकालिक सदस्य बन सकते हैं। 

संकलन-प्रवेश तिवारी
 


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