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Post at: Sep 02 2021

ई-रुपी (e-RUPI)

वर्तमान परिप्रेक्ष्य 

  • 2 अगस्त, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियों कॉन्‍फ्रेस के माध्यम से विशेष डिजिटल भुगतान साधन ई-रुपी (e-RUPI) की शुरूआत की।

क्या है ई-रुपी ?

  • यह व्यक्ति विशिष्ट और उद्देश्य विशिष्ट डिजिटल भुगतान समाधान है।
  • यह डिजिटल भुगतान हेतु एक नगद रहित (Cashless) और संपर्क रहित (Contactless) साधन है।
  • यह सेवा प्रदाता और लाभार्थी को आपस में डिजिटल रूप में जोड़ेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इसका विकास यूपीआई (UPI) प्‍लेटफार्म पर भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण एवं सहयोगी बैंकों के साथ मिलकर किया है।
  • सहयोगी बैंक: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,एचडीएफसी बैंक,एक्‍सिस बैंक,पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा,केनरा बैंक, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक।

उपयोग

  • इसमें डिजिटल क्यूआर (QR) कोड या एसएमएस (SMS) से प्राप्त ‘ई-वाउचर’ के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है।
  • इस भुगतान साधन के माध्यम से उपयोगकर्ता कार्ड, डिजिटल भुगतान ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के बिना , बाउचर के द्वारा सेवा प्रदाता को भुगतान कर सकते हैं।
  • इसका उपयोग मातृ और बाल कल्याण योजना टीबी उन्मूलन कार्यक्रम आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के अंतर्गत औषधि और पोषक तत्व उपलब्ध कराने तथा उर्वरक सहायिकी (Subsidy) के लिए भी हो सकेगा।

लाभ

  • लाभ, लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचेगा तथा लोगों की आवाजाही न्यूनतम होगी जिससे समय एवं धन दोनों की बचत होगी।
  • सहायिकी (Subsidy) का कुशलतम वितरण होगा अर्थात जनहितकारी सहायिकी (Merit Subsidy) के उद्देश्यों की पूर्ति होगी।
  • पूर्व प्रदत्त (Prepaid) होने के कारण मध्यस्थ की भूमिका समाप्त होगी जिससे भ्रष्ट्राचार में कमी आएगी।
  • इससे लक्षित पारदर्शी और रिसाव मुक्त वितरण को बढ़ावा मिलेगा जो संसाधनों के कुशलतम उपयोग को सुनिश्चित करेगा।
  • निजी क्षेत्र भी अपने कर्मचारियों के हित और निगमित-सामाजिक दायित्व (CSR)  गतिविधियों में इन ‘डिजिटल वाउचर’ का लाभ का उठा सकेंगे।

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) और ई-रुपी

  • सीबीडीसी (CBDC) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भविष्य में जारी की जाने वाली एक डिजिटल मुद्रा है, जबकि ई-रुपी (e-RUPI) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा जारी किया गया एक समाधान (साधन) है।
  • सीबीडीसी (CBDC) नगदी व्यवस्था का इलेक्ट्राॅनिक रूप है, जबकि ई-रुपी (e-RUPI) नगदी व्यवस्था का वाउचर रूप है।

डिजिटल भुगतान संबंधी आंकड़े

  • रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के वित्त वर्ष, 2020-21 के आंकड़े बताते है कि पिछले वर्ष के मुकाबले डिजिटल भुगतान में 30.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नवगठित डिजिटल भुगतान सूचकांक (RBI DIGITAL PAYMENT INDEX) के अनुसार मार्च, 2021 के अंत में सूचकांक बढ़कर 270.59 हो गया जो एक साल पहले 207.84 था। 

ई- रुपी को लागू करने में चुनौतियां

  • डेटा इंटेलिजेंस फर्म डेटा पोर्टल के अनुसार, जनवरी 2020 तक भारत में मोबाईल कनेक्‍शन कुल आबादी का 78 प्रतिशत है।
  • 22 प्रतिशत आबादी तक इस सेवा का पहुंचना आसान नहीं होगा।

निष्कर्ष

  • इस नए भुगतान साधन से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा, सहायिकी (Subsidy) का कुशलतम वितरण होगा जिससे पारदर्शिता में वृद्धि एवं भ्रष्टाचार में गिरावट आएगी अर्थात संपूर्णता में कहें तो डिजिटल गवर्नेंस के नए आयाम स्थापित होंगे।

संकलन- अशोक कुमार तिवारी


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