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Post at: Sep 02 2021

वाहन स्क्रैपिंग नीति

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 13 अगस्त, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय आ ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज नीति का शुभारंभ किया।
  • इस नीति का शुभारंभ वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात में निवेश शिखर सम्मेलन के दौरान किया गया।
  • वाहन स्क्रैपिंग नीति/राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज नीति (National Automobile Scrappage Policy : NASP) की घोषणा वर्ष 2021-2022 के बजट में की गई थी।
  • लक्ष्य
  • पुराने व खराब वाहनों की संख्या को कम करना,वायु प्रदूषकों को कम करना, सड़क और वाहनों की सुरक्षा में सुधार करना।
  • वाहनों को नष्ट करने के लिए असंगठित रूप से चल रहे उद्योगों को औपचारिक मान्यता देना। 
  • पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सभी हितधारकों के लिए एक कारगर चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular economy) की रचना और मूल्यसंवर्धन करना।

प्रावधान
प्रस्तावित प्रोत्साहन, हतोत्साहन और छूट

पुराने वाहनों को स्क्रैप करने और नए खरीदने के लिए प्रोत्साहन-

  • वाहन निर्माता नए वाहन खरीदने पर 5 प्रतिशत तक की छूट दे सकते हैं ।
  • नया वाहन के पंजीकरण पर शून्य शुल्क।
  • नए वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत के 4-6 प्रतिशत के बराबर स्क्रैप मूल्य।
  • राज्य व्यक्तिगत और वाणिज्यिक वाहनों के लिए रोड टैक्स पर क्रमशः 25 प्रतिशत और 15 प्रतिशत तक छूट दे सकते हैं।
  • कम रख-रखाव लागत और ईंधन से बढ़ी बचत।

पुराने वाहन रखने पर छूट 

  • राज्य अतिरिक्त 'हरित कर' लगा सकते हैं।
  • निजी वाहनों के पंजीकरण शुल्क के नवीनीकरण में वृद्धि कर सकते हैं।
  • वाणिज्यिक वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणन के नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि कर सकते हैं।
  • अनुपयुक्त वाहनों का स्वत: पंजीकरण निरस्त।

वाहनों को छूट

  • मजबूत हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन।
  • सीएनजी, इथेनॉल और एलपीजी जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने वाले वाहन।
  • खेत और कृषि उपकरण जैसे- ट्रैक्टर, टिलर और हार्वेस्टर।

अपेक्षित लाभ

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस नीति से निम्नलिखित अनुमानित लाभ होने की संभावना है-

  • भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए मौजूदा 4.5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार 30 प्रतिशत की वृद्धि के साथ आने वाले वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।
  • निर्यात घटक का मौजूदा कारोबार का 1.45 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ तक जाने की संभावना है।
  • स्टील, प्‍लास्टिक, रबर और एल्युमीनियम जैसे स्क्रैप की गई सामग्री की उपलब्धता में वृद्धि होगी। 
  • इसका उपयोग ऑटोमोबाइल पाट्‍र्स के निर्माण में किया जाएगा, जिससे लागत में 30-40 प्रतिशत की कमी आएगी।
  • हरित ईंधन और विद्युत वाहन को बढ़ावा देने के अलावा वाहनों के बेहतर माइलेज के साथ नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।
  • भारत के विशाल 10 लाख करोड़ रुपये के क्रूड आयात में कमी आएगी।
  • यह 10,000 करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करेगा और 35,000 नई नौकरियां सृजित होगी।

संकलन- आदित्य भारद्वाज
 


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