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Post at: Aug 31 2021

प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  •  12 अगस्त, 2021 को भारत सरकार के पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 को अधिसूचित कर दिया।
  • प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2021 प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 में संशोधन का प्रस्ताव करता है।
  • यह निर्णय, स्थलीय एवं जलीय वातावरण (इको-सिस्टम) में बिखरे हुए प्‍लास्टिक कचरे के प्रतिकूल प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

उद्देश्य

  • एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक का उपयोग चरणबद्ध तरीके से समाप्‍त करना।
  • प्‍लास्टिक प्रदूषण को न्‍यूनतम करना।
  • पर्यावरण के प्रति विभिन्‍न वैश्विक मंचों पर की गई अपनी (भारत) प्रतिबद्धता को पूर्ण करना।
  • नागरिकों के लिए पर्यावरणीय न्‍याय सुनिश्चित करना।
  • इसका उद्देश्य वर्ष 2022 तक 20 एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से समाप्‍त करना है।
  • एकल उपयोग वाली प्‍लास्टिक वस्तुओं की वजह से होने वाला प्रदूषण सभी देशों के लिए एक महत्‍वपूर्ण चुनौती बन गया है। 

पृष्ठभूमि

  •  एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक के कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में कार्रवाई करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता।
  • वर्ष 2019 में आयोजित चौथे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सम्मेलन में वैश्विक समुदाय के सामने एकल उपयोग वाले प्‍लास्टिक उत्‍पादों के प्रदूषण से जुड़े महत्‍वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान देने की तत्‍काल जरूरत को स्वीकार करते हुए भारत ने इस प्रदूषण से निपटने से संबंधित प्रस्ताव पेश किया था।
  • इस (UNEA) सम्मेलन में भारत के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया था।

प्रमुख प्रावधान

  •  इस नियम में अधिसूचित किया गया है कि 1 जुलाई, 2022 से पॉलीस्टिरीन विस्तारित पॉलीस्टिरीन समेत निम्नलिखित एकल उपयोग वाली प्‍लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग को प्रतिबंधित किया जाएगा जिनमें शामिल हैं-
  • प्‍लास्टिक की छड़ियों से युक्त ईयर बड्स, गुब्बारों के लिए प्‍लास्टिक की छड़ें।
  • प्लास्टिक के झंडे, कैंडी की छड़ें, आइसक्रीम की छड़ें, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकॉल)।
  • प्‍लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्राॅ, ट्रे जैसी कटलरी।
  • मिठाई के डिब्बों के चारों ओर लपेटी जाने या पैकिंग करने वाली फिल्‍म।
  • निमंत्रण कार्ड और सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्‍लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिकर।
  • 30 सितंबर, 2021 से हल्‍के वजन वाले कैरी बैग की मोटाई 50 माइक्रोन से बढ़ाकर 75 माइक्रॉन और 31 दिसंबर, 2022 से 120 माइक्रॉन तक कर दी जाएगी, ताकि इसके पुनर्उपयोग की अनुमति देकर कूड़े की उत्‍पत्ति को रोका जा सके।
  • प्‍लास्टिक पैकेजिंग अपशिष्ट, जिसे चिह्नित की गई एकल उपयोग वाली प्‍लास्टिक वस्तुओं के चरण के तहत कवर नहीं किया गया है, को प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुरूप निर्माता, आयातक और ब्रांड मालिक के विस्तारित निर्माता उत्तरदायित्‍व के जरिए पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ तरीके से एकत्र एवं प्रबंधित किया जाएगा।
  • विस्तारित उत्‍पादक उत्तरदायित्‍व के कारगर कार्यान्‍वयन के लिए; विस्तारित उत्‍पादक उत्तरदायित्‍व से संबंधित दिशा-निर्देशों को प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 के जरिए कानूनी शक्ति प्रदान की गई है।

इस दिशा में अन्‍य प्रयास
प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016

  • प्‍लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इस नियम को अधिसूचित किया गया था।
  • यह नियम एकल उपयोग प्‍लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने, कचरे को इकट्ठा करने और पुनर्चक्रण के लिए प्‍लास्टिक निर्माता को जिम्मेदार बनाने, सड़क निर्माण, ऊर्जा उत्‍पादन आदि में प्‍लास्टिक कचरे के उपयोग को बढ़ावा देता है।
  • 2016 का नियम देश में 50 माइक्रॉन से कम मोटाई के कैरी बैग और प्‍लास्टिक शीट के निर्माण, आयात, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है।

प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2018

  • इस नियम में यह व्यवस्था दी गई कि ऐसी बहुस्तरीय प्‍लास्टिक पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा, जो गैर पुन: चक्रणीय या गैर पुन: ऊर्जा प्राप्‍य हैं।
  • संशोधित नियमों में उत्‍पादक/आयातक/ ब्रांड मालिक के पंजीकरण के लिए एक केंद्रीय पंजीकरण प्रणाली भी निर्धारित की गई।

कार्यान्‍वयन एजेंसी

  • पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत सभी राज्‍यों/केंद्र-शासित प्रदेशों को प्‍लास्टिक अपशिष्ट प्रबधंन नियम, 2016 के प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए संस्थागत तंत्र स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्‍य प्रदूषण निकायों के साथ प्रतिबंध की निगरानी करेगा।
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नियम का उल्‍लंघन करने वालों की पहचान करेगा और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत निर्धारित दंड लगाएगा।

एकल उपयोग प्‍लास्टिक पर प्रतिबंध का कारण

  • यह पुनर्नवीनीकरण योग्‍य नहीं होता और इसका प्रयोग केवल एक ही बार हो सकता है।
  • सस्ता और सुविधाजनक होने की वजह से पैकेजिंग उद्योग की अन्‍य सभी सामग्रियां को बाजार से बाहर कर देता है क्‍योंकि वे सामग्रियां प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाती हैं।
  • इनके विघटन में सैकड़ों वर्ष का समय लगता है।

  • यह नदियों के माध्यम से महासागरों में पहुंचता है, जिससे समुद्री जीवों की खाद्य श्रृखंला प्रभावित होती है।
  • इन प्‍लास्टिकों की विखंडन प्रक्रिया में कई प्रकार के जहरीले रसायन उत्‍पन्‍न होते हैं, जो स्रावित होकर मनुष्य की जल एवं खाद्य श्रृंखला में पहुंच जाते हैं तथा कई प्रकार की बीमारियों को जन्‍म देते हैं।

आलोचना

  • इस प्रतिबंध में एफएमसीजी (FMCG) यानी तेजी से आगे बढ़ने वाले उपभोक्ता कंपनियों की एकल उपभोग प्‍लास्टिक को शामिल नहीं किया गया है।
  • कुल प्‍लास्टिक कचरे में पैकेजिंग प्‍लास्टिक का भाग लगभग 60 प्रतिशत है, जिन्‍हें प्रतिबंध से मुक्ति प्राप्‍त है।
  • कम्पोस्ट युक्त प्‍लास्टिक की परिभाषा को लेकर दुविधा।

अन्‍य देश के प्रयास

  • यूरोपीय संघ ने स्पष्ट नीति के साथ रणनीति बनाकर वर्ष 2021 तक 10 एकता उपभोग प्‍लास्टिक को प्रतिबंधित किया है।
  • इस्राइल द्वारा एकल उपयोग प्‍लास्टिक एवं डिस्पोजेबल बर्तन पर रोक लगाई गई है, जिससे लगभग 41 प्रतिशत प्‍लास्टिक कचरे में कमी संभव है।

सं. अशोक कुमार तिवारी 


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