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Post at: Aug 28 2021

भारत में आकाशीय बिजली संबंधी वार्षिक रिपोर्ट (2020-21)

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • लाइटिंग रेजिलिएंट इंडिया कैंपेन (LRIC) द्वारा हाल ही में आकाशीय बिजली (Lightning) पर, भारत की दूसरी वार्षिक रिपोर्ट जारी की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार,
  • 1 अप्रैल, 2020 से मार्च, 2021 के बीच 18.5 मिलियन आकाशीय बिजली की घटनाएं दर्ज की गईं।
  • यह रिपोर्ट देश के सभी राज्‍यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को आच्‍छादित (Cover) करती है।

  • इस कैम्पेन के कारण ओडिशा, आंध्र प्रदेश और नगालैंड में 60 प्रतिशत तक मृत्‍यु दर में कमी आई है।
  • आकाशीय बिजली से वर्ष 2020-21 में 1697 लोगों की मृत्‍यु हुई है।
  • इस अभियान का उद्देश्य 2022 तक आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों की संख्या 1200 प्रतिवर्ष से कम करना।

पृष्ठभूमि

  • हाल ही में देश के विभिन्‍न भागों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की मृत्‍यु हो गई।
  • प्राकृतिक कारणों से होने वाली आकस्मिक मृत्‍यु में आकाशीय बिजली का योगदान सर्वाधिक है।

प्रमुख निष्कर्ष

  • भारत में संपूर्ण देश के लिए आकाशीय बिजली मापन का मानचित्रण कर लिया है।
  • वर्ष 2019-20 की तुलना में 2020-21 में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में 34 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
  • यह आंकड़ा वर्ष 2019-20 में 13800000 (13.8 मिलियन) था, जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 18544367(18.5 मिलियन) हो गया, अर्थात इसमें 4683989 की वृद्धि दर्ज की गई।
  • आकाशीय बिजली गिरने के मामले में सर्वाधिक वृद्धि दर्शाने वाले राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेश-

  • आकाशीय बिजली गिरने के मामले में सर्वाधिक कमी दर्शाने वाले राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेश-

  • आकाशीय बिजली की सर्वाधिक घटनाएं जिन राज्‍यों में हुई-

  • आकाशीय बिजली से सर्वाधिक मृत्‍यु जिन राज्‍यों में हुई-

  • सुभेद्य वर्गों की पहचान-  यह रिपोर्ट सुभेद्य वर्गों की पहचान कर मृत्‍यु के तुलनात्‍मक आंकड़े प्रस्तुत करती है, जो कुल मृत्‍यु (100%) का वर्गीकरण है-

आकाशीय बिजली से मृत्‍यु के प्राथमिक कारण-

  • पेड़ के नीचे खड़े हाेने से मृत्‍यु 71 प्रतिशत
  • प्रत्‍यक्ष रूप से ऊपर आकाशीय बिजली गिरने से मुत्‍यु 25 प्रतिशत
  • अप्रत्‍यक्ष रूप से आकाशीय बिजली के प्रभाव से मृत्‍यु 4 प्रतिशत

अन्‍य बिंदु

  • पूर्व चेतावनी प्रणाली में अभूतपर्व सुधार हुआ है।
  • आईएमडी ने मध्यम रेंज की आकाशीय बिजली का पूर्वानुमान 3-5 दिन पहले तथा छोटी रेंज की आकाशीय बिजली का पूर्वानुमान 1-2 दिन पहले लगाने में सक्षम हुआ है।
  • अधिकतर आकाशीय बिजली की घटनाएं दिन के दूसरे पहर में घटित हुई।

आकाशीय बिजली संबंधी एनसीआरबी के आंकड़े- (2019 की रिपोर्ट के आधार पर)

  • वर्ष 2019 में प्राकृतिक कारणों (आपदा) से 8145 मृत्‍यु रिपोर्ट की गई, जिसमें 35.3 प्रतिशत (2876) आकाशीय बिजली की वजह से हुई, जो सर्वाधिक हैं। [प्राकृतिक कारकों में (आपदा)। ]
  • वर्ष 2001 से 2019 के बीच आकाशीय बिजली की वजह से 45300 लोगों की मृत्‍यु हुई है।
  • वर्ष 2010-2019 के बीच 26924 लोगों की मृत्‍यु आकाशीय बिजली की वजह से हुई।

आकाशीय बिजली- 

  • वायुमंडल में विद्युत आवेश के डिस्चार्ज (एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरण) होने तथा उससे उत्‍पन्‍न आवाज (Thunder) को आकाशीय बिजली कहते हैं।
  • एक आकाशीय बिजली से इतनी ऊर्जा उत्‍पन्‍न होती है कि 3 महीने तक 100 वाॅट का बल्‍ब जल सकता है।
  • भूमध्य रेखा एवं हिंद महासागर के निकटस्थ होने के कारण भारत में अत्‍यधिक मात्रा में गर्मी एवं नमी पाई जाती है, जिस कारण भारत आकाशीय बिजली की अधिक घटनाएं देखने को मिलती हैं।

सं. अशोक कुमार तिवारी


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