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Post at: Aug 28 2021

आर.बी.आई. का अधिशेष हस्तांतरण

संदर्भ

  • हाल ही में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा केंद्र सरकार को रु. 99,122 करोड़ की अधिशेष राशि का हस्तांतरण  किया गया। 

अन्‍य बिंदु-

  • मार्च, 2021 में समाप्‍त हुए वित्त वर्ष में कोरोना महामारी के चलते खर्च में कमी एवं विदेशी मुद्रा लेन-देन से लाभ के बाद आर.बी.आई. इस वर्ष सरकार को उच्‍च राशि हस्तांतरित करने में सक्षम हो पाया है।
  • आर.बी.आई. के इस हस्तांरण से सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी जिससे सरकार को कोविड-19 महामारी से निपटने में मदद मिलेगी। 

अधिशेष हस्तांतरण का प्रावधान- 

  • भारतीय रिजर्व बैंक अधनियम, 1934 की धारा-47 अधिशेष लाभ का आवंटन, के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक अधिशेष यानी व्यय से अधिक आय-सरकार को हस्तांतरित करता है। 
  • वाई एच मालेगाम (2013) की अध्यक्षता में गठित आरबीआई बोर्ड की एक तकनीकी समिति ने RBI के अधिशेष को सरकार को हस्तांतरित करने की सिफारिश की थी। 

अधिशेष हस्तांतरण का प्रभाव

  • कोरोना महामारी से निपटने में  सरकार को मदद करेगा।
  • बजट अनुशासन बनाए रखते हुए अर्थव्यवस्था को प्रोत्‍साहित करेगा। 
  • व्यय में कटौती किए बिना राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम होगा।
  • सरकार को संरचनात्‍मक सुधार के प्रयासों में मदद करेगा।

आर.बी.आई. के बारे में

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) भारत का केंद्रीय बैंक है। यह राष्ट्रीय मुद्रा (भारतीय रुपया) से संबंधित मौद्रिक नीतियों को नियंत्रित करता है।
  • इस केंद्रीय बैंक की स्थापना वर्ष 1926 में ‘‘भारतीय मुद्रा और वित्त पर रॉयल आयोग’’ के सुझावों के आधार पर 1 अप्रैल 1935 को की गई थी। इस आयोग को हिल्टन यंग कमीशन के नाम से भी जाना जाता है।
  • वर्ष1949 में भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किया गया और यह एशियन क्‍लीयरिंग यूनियन का सदस्य बना। 

कार्य 

निष्कर्ष
RBI के अधिशेष हस्तांतरण से कोरोना महामारी से निपटने में सहायता मिलेगी। हालांकि सरकार को इस वित्त के प्रयोग में समझदारी का परिचय देना होगा। 

सं. अभिषेक कुमार 


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