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Post at: Aug 28 2021

सी कैट (SEA CAT) नौसैन्य अभ्यास, 2021

वर्तमान परिप्रेक्ष्य     

  • 10 अगस्त, 2021 को सिंगापुर में भारत सहित दुनिया  के 21 देशों  ने अमेरिकी नेतृत्व वाले दक्षिण -पूर्व एशियाई सहयोग एवं प्रशिक्षक [Southeast Asia Cooperation and Training(SEACAT)] नौसैन्य अभ्यास में वर्जुअल तौर पर भागीदारी की। 

उद्देश्य 

  • एकीकृत रणनीति, प्रमापीकृत प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन प्रक्रियाओं एवं प्रोटोकॉल के माध्यम से दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों  के मध्य सहयोग काे बढ़ाना।    
  • सहयोगी राष्ट्रों की साझा समुद्री सुरक्षा चिंताओं को दूर करने तथा नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अंतर-संचालनीयता को मजबूत करना।  

पृष्ठभूमि     

  • SEACAT - नौसैन्‍य अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2002 में हुई थी। तभी से इस बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास का आयोजन प्रति वर्ष किया जाता है।  
  • प्रारंभ में इसे ‘आतंकवाद के विरुद्ध दक्षिण-पूर्व एशिया सहयोग’ के नाम से जाना जाता था।   

महत्‍वपूर्ण बिंदु 

  • यह सीकैट अभ्यास का 20वां संस्करण है। 
  • इस अभ्यास में द.-पू. एशियाई देशों, सिंगापुर, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, िफलीपींस, ब्रुनेई एवं वियतनाम शामिल थे। 
  • इसके अतिरिक्त, फ्रांस, जर्मनी, यू.के., कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण कोरिया, जापान अादि देशों ने इस अभ्यास में भाग लिया।  
  • इस अभ्यास में अंतरराष्ट्रीय संगठनों एवं गैर-सरकारी संगठनों ने भी पहली बार भागीदारी की। जिसका उद्देश्य अधिक वास्तविक परिदृश्य का निर्माण करके स्वीकृत नियमों, कानूनों एवं मानदंडों की समझ एवं अनुपालन को बढ़ावा देना है। 
  • भाग लेने वाले संगठनों में निम्न शामिल हैं- 
  • संयुक्त राष्ट्र ड्रग्‍स एवं अपराध कार्यालय 
  • यूरोपीय संघ क्रिटिकल मैरीटाइम रूट डिवाइडर हिंद महासागर   
  • अंतरराष्ट्रीय रेड क्राॅस समिति
  • इस अभ्यास में 400 सैनिकों 10 जहाजों ने भाग लिया जिसमें अमेरिकी नौसेना का तटीय युद्धपोत ‘तुलसा’, टास्क फोर्स 72 के पी 8ए पॉसिडन एयरक्रॉफ्ट के अतिरिक्त टास्क फोर्स 73 और 76 एवं  7वें बेड़े ने भाग लिया। 
  • यह अभ्यास दक्षिणी चीन सागर में आयोजित किया गया। 
  • इस अभ्यास में महिला, शांति एवं सुरक्षा (Women, Peace and Seamity (WPS)) सिद्धांत को  भी अपनाया गया। जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत मानवाधिकार एवं महिलाओं के साथ उचित व्यवहार के मानक के अनुरूप है।  

दक्षिणी चीन सागर-   

  • यह पश्चिमी प्रशांत महासागर का एक भाग है, जो कि दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों से संलग्‍न है।  
  • इसकी अवस्थिति चीन के दक्षिणी भाग, बोर्नियो द्वीप समूह के उत्तरी भाग, िफलीपींस के पश्चिमी भाग तथा  वियतनाम के दक्षिण-पूर्वी भाग तक है।     
  • लूजान जल संधि ि‍फलीपींस सागर और ताइवान जल संधि-पूर्वी चीन सागर से जोड़ती हैं।
  • विश्व बैंक के एक अनुमान के अनुसार, दक्षिणी चीन सागर में लगभग 900 ट्रिलियन घन िफट प्राकृतिक गैस 7 बिलियन बैरल तेल सहित अन्य अनेक प्रकार की समुद्री परिसंपत्तियां उपलब्ध हैं।  
  • अपनी संसाधन प्रचुरता के कारण ही यह सागर क्षेत्र वैश्विक महाशक्तियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  
  • यह एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग होने के साथ ही सामरिक रूप से भी अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है। 

प्रभाकर पाण्डेय                        

 


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