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Post at: Aug 28 2021

बांध सुरक्षा समझौता

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 4 अगस्त, 2021 को नई दिल्‍ली में भारत सरकार, केंद्रीय जल आयोग एवं दस राज्‍यों के प्रतिनिधियों ने विश्व बैंक के साथ, बांधों की सुरक्षा एवं सुधार के लिए 250 मिलियन डाॅलर की परियोजना पर हस्ताक्षर किया। 
  • इसमें शामिल राज्‍य हैं-गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मेघालय, राजस्थान और तमिलनाडु
     

पृष्ठभूमि

  • 18 अप्रैल, 2012 को विश्व बैंक के सहयोग से बांध, सुरक्षा एवं पुनर्वास परियोजना का प्रथम चरण (DRIP-1) शुरू किया गया था। 
  • इस परियोजना का कार्यकाल वर्ष 2017 में समाप्‍त होना था किंतु इसे 3 वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया। यह योजना नवंबर, 2020 में समाप्‍त हुई।
  • DRIP-1 परियोजना की कुल लागत (279+62) 341 मिलियन डाॅलर थी।
  • योजना के अंतर्गत देश के 7 राज्‍यों (झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तराखंड) और एक केंद्रीय एजेंसी के साथ 223 बांधों की सुरक्षा एवं क्षमता में सुधार किया गया।
     

ड्रिप-2 (DRIP-II)

  • परियोजना  के लिए विश्व बैंक 250 मिलियन डाॅलर  का ऋण दे रहा है।
  • परियोजना के ऋण की परिपक्‍वता अवधि 13 वर्ष है, जिसमें 6 वर्ष की छूट अवधि भी शामिल है।
  • यह योजना देश के 10 राज्‍यों के 120 बांधों पर लागू की जाएगी।
  • परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर लांच करने की जिम्मेदारी केंद्रीय जल आयोग पर होगी।
  • कार्यान्‍वयन के दौरान इस परियोजना के दायरे में अन्‍य राज्‍यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को भी शामिल किया जा सकता है।
  • यह परियोजना वैश्विक अनुभवों, अद्यतन तकनीकों के प्रयोग और बांध सुरक्षा दिशा-निर्देशों के माध्यम से बांधों की सुरक्षा को मजबूत करेगी।
  • इसके अंतर्गत जोखिम आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से बांध सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली पर विशेष बल दिया जाएगा।
  • परियोजना के अंतर्गत बाढ़ पूर्वानुमान और समेकित जलाशय संचालन प्रणाली को विशेष महत्‍व दिया जाएगा।
  • इसके तहत आपातकालीन योजना तैयार करने के साथ ही उसका प्रभावी क्रियान्‍वयन भी सुनिश्चित किया जाएगा। 
  • योजना के अंतर्गत प्रबंधन के खर्च लिए अतिरिक्त राजस्व सृजन का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सोलर पैनल जैसी पूरक योजनाओं का संचालन किया जाएगा।
  • इसके अंतर्गत बांध के अनुप्रवाह क्षेत्र में निवास करने वाले समुदायों को जलवायु परिवर्तन के संभावित नकारात्‍मक प्रभावों एवं जोखिमों के प्रति मानसिक रूप से दृढ़ बनाने का प्रयास किया जाएगा।
     

अन्‍य तथ्य

  • केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बांधों की संख्या के संदर्भ में भारत (5701 बांध) का विश्व में चीन और अमेरिका के पश्चात तीसरा स्थान है।
     

विश्व बैंक के विषय में
स्थापना- 1-22 जुलाई, 1944 तक अमेरिका के ब्रेटनवुड्स में हुए सम्मेलन के पश्चात 24 अक्‍टूबर,  1945 को स्थापित किया गया। इसमें कुल 5 संस्थाएं शामिल हैं, जिन्‍हें संयुक्त रूप से ‘विश्व बैंक समूह’ कहा जाता है।
1. अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (IBRD)
2. अंतरराष्ट्रीय विकास संघ    (IDA)
3. बहुपक्षीय निवेश प्रत्‍याभूति एजेंसी (MIGA)
4. अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (IMF)
5. निवेश विवाद निपटान अंतरराष्ट्रीय केंद्र (ICSID)
[IBRD+IDA = World Bank]
मुख्यालय- वाशिंगटन डीसी
अध्यक्ष- डेविड माल्‍पस
सदस्य संख्या- 189
नोट- यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषंगी संस्था है।

  • विश्व बैंक का सदस्य बनने के लिए किसी देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का सदस्य होना अनिवार्य है।

सं. प्रभाकर पाण्डेय


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