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Post at: Aug 27 2021

आपदा रोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 5 अगस्त, 2021 को बंाग्लादेश आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा (CDRI) गठबंधन में शामिल हुआ।
  • वर्ष 2019 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गठबंधन की शुरुआत की थी। 
  • इस गठबंधन में अब तक 25 देश और 7 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हो चुके हैं।


आपदा रोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन

  • भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 23 सितंबर, 2019 को न्यूयाॅर्क में  संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में इसे लांच किया गया था। 
  • यह देशों, संयुक्त राष्ट्र एजेसिंयों, निजी क्षेत्र, बहुपक्षीय विकास बैंकों और शैक्षणिक संगठनों का अंतरराष्ट्रीय गठबंधन है।
  • यह सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए जलवायु और आपदा जोखिमों के नवीन और मौजूदा बुनियादी ढांचा प्रणालियों की प्रतिरोध क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। 
  • इसका प्राथमिक उद्देश्य बुनियादी ढांचे का विकास जोखिम प्रबंधन, वित्तपोषण, मानकों और रिकवरी मैकेनिज्म के क्षेत्र में अनुसंधान और ज्ञान के साझाकरण को बढ़ावा देना है।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह गठबंधन (CDRI)  भारत द्वारा शुरू किया गया दूसरा गठबंधन है, पहला गठबंधन ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ है।
  • इसे जलवायु परिवर्तन के मामलों में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका प्राप्त करने के लिए, भारत के प्रयासों के रूप में देखा जाता है।
  • सदस्य 25 देश, 7 अंतरराष्ट्रीय संगठन 

मुख्यालय-नई दिल्‍ली, भारत (अंतरिम सचिवालय)
पृष्ठभूमि

  • आपदा रोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन (CDRI) को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2016 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित किया था।
  • इस गठबंधन की संकल्पना वर्ष 2018-19 में आयोजित आपदा रोधी बुनियादी ढांचा से संबंधी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला (Workshop IWDRI) के पहले एवं दूसरे संस्करण मंे की गई थी।

कैसे कार्य करेगा-

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन

  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति ने नवंबर, 2015 में पेरिस सम्मेलन (CoP-21) के दौरान संयुक्त रूप से की थी।
  • इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के तीव्र प्रसार के द्वारा पेरिस समझौते (2015) को लागू करना।
  • इस गठबंधन की कल्पना कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच में पूरी तरह या आंशिक रूप से स्थित सौर संसाधन संपन्‍न देशों के गठबंधन के रूप में की गई थी।
  • गठबंधन के फ्रेमवर्क में संशोधन के बाद अब संयुक्त राष्ट्र का कोई भी सदस्य देश इसका सदस्य बन सकता है।
  • 15 जनवरी, 2021 तक 89 देशों ने आईएसए प्रारूप समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि 72 देशों में गठबंधन को अनुमोदन पत्र सौंप दिए हैं।

मुख्यालय-गुरुग्राम (भारत)
महानिदेशक-अजय माथुर (भारत)

संकलन- अशोक तिवारी


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