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Post at: Aug 27 2021

वित्तीय समावेशन सूचकांक

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 17 अगस्त, 2021 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय समावेशन को मापने के लिए अपनी तरह के पहले समग्र वित्तीय समावेशन सूचकांक (FI-Index) की शुरुआत की गई।
  • इसके अनुसार मार्च, 2021 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक वित्तीय सूचकांक 53.9 है, जबकि मार्च, 2017 की अवधि के लिए यह 43.4 था।

वित्तीय समावेशन सूचकांक

  • इस सूचकांक को आर.बी.आई. द्वारा सरकार और संबंधित क्षेत्र के विनियामक संस्थानों के सहयोग से तैयार किया गया है,
  • इसमें बैंकिंग, निवेश, बीमा, डाक के साथ-साथ पेंशन क्षेत्र से संबंधित सूचनाओं को शामिल करते हुए, अधिक व्यपाक स्वरूप प्रदान किया गया है।
  • आर. बी. आई. द्वारा प्रति वर्ष जुलाई में यह सूचकांक जारी किया जाएगा।
  • यह सूचकांक वित्तीय समावेशन के विभिन्‍न पहलुओं से संबंधित सूचकों को 0 से 100 के बीच अंक प्रदान करता है, जहां 0 पूर्ण वित्तीय अपवर्जन को तथा 100 पूर्ण वित्तीय समावेशन को प्रदर्शित करता है।
  • इसके लिए तीन व्यापक मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें अलग-अलग भारांक दिए गए हैं-

  • तीनों मानदंडों के अंतर्गत शामिल 97 सूचकों के आधार पर इनकी गणना की जाएगी।
  • यह सूचकांक बिना किसी ‘आधार वर्ष’ (Base Year) के तैयार किया गया है। इस तरह यह वित्तीय समावेशन की दिशा में वर्षों से किए गए प्रयासों का द्योतक हैं।

सूचकांक का महत्‍व

  • इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थी को प्रदान करने में मदद मिलेगी।
  • साथ ही समाज के कमज़ोर वर्गों के लोगों को उनकी ज़रूरतों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के लिए धन की बचत करने, तथा विभिन्‍न वित्तीय उत्‍पादों जैसे – बैंकिंग सेवाओं, बीमा और पेंशन आदि तक पहुंच प्रदान करने में मदद मिलेगी।
  • इससे देश को ‘पूंजी निर्माण’ की दर में वृद्धि करने में भी सहायता प्राप्‍त होगी फलस्‍वरूप धन के प्रवाह से देश में आर्थिक क्रिया-कलापों में तेजी आएगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
  • इस सूचकांक द्वारा प्राप्त जानकारी का प्रयोग आंतरिक नीति निर्माण हेतु प्रयोग कर वित्तीय सेवाओं का तक पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

वित्तीय समावेशन हेतु किए गए प्रयास

  • प्रधानमंत्री जन धन योजना
  • वित्तीय साक्षरता केंद्र परियोजना
  • भारतीय डाक भुगतान बैंक
  • प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण ,आदि

निष्कर्ष

  • सूचकांक, जिसे प्रतिवर्ष जुलाई में प्रकाशित किया जाएगा, को सरकार और संबंधित क्षेत्रीय नियामकों के परामर्श से बैंकिंग, निवेश, बीमा, डाक के साथ-साथ पेंशन क्षेत्र के विवरण को शामिल करते हुए एक व्यापक सूचकांक के रूप में संकलित किया गया है।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी


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