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Post at: Aug 24 2021

वैश्विक स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी सूचकांक: स्टार्ट-अप ब्लिंक रिपोर्ट, 2021

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • जून, 2021 में स्टार्ट-अप ब्लिंक ने वैश्विक स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी पर अपनी 5वीं वार्षिक रिपोर्ट जारी किया।
  • उल्‍लेखनीय है कि स्टार्ट-अप ब्लिंक वर्ष 2017 से प्रतिवर्ष यह रिपोर्ट जारी कर रही है।

महत्‍वपूर्ण बिंदु-

  • इस सूचकांक में 100 देशों और विश्वभर से 1000 शहरों को शामिल किया गया है।
  • इसमें मापनीय आर्थिक मॉडल के अनुरूप अभिनव समाधान (नवाचार) लागू करने वाले व्यवसायों को शामिल किया जाता है।
  • एक स्टार्ट-अप के रूप में यह नवाचार कोई विशिष्ट व्यावसायिक मॉडल, उत्‍पाद, सेवा अथवा प्रक्रिया हो सकते हैं।
  • सूचकांक में प्रत्‍येक स्थान के लिए एक स्कोर होता है।
  • इस स्कोर की गणना निम्नलिखित तीन मानदंडों के आधार पर की जाती है-
  • (i) गुणवत्ता (Quality) - इसके अंतर्गत अन्‍य घटकों के अतिरिक्त स्टार्ट-अप कामगारों की संख्या, यूनिकॉर्न (विशिष्टता) का होना, निर्गम एवं प्रसिद्ध कंपनियां वैश्विक स्टार्ट-अप कार्यक्रम, वैश्विक स्टार्ट-अप प्रेरक आदि को मूल्‍यांकन में शामिल किया जाता है।
  • (ii) मात्रा (Quantity)- इस मानदंड के तहत, स्टार्ट-अप की संख्या, स्टार्ट-अप्‍स से संबंधित सम्मेलनों की संख्या, एक साथ काम करने वाले उद्यमों की संख्या और उत्‍प्रेरकों की संख्या आदि को शामिल किया जाता है।
  • (iii) व्यावसायिक वातावरण (Professionaly Environment)- इस मानदंड के तहत कंपनियों के पंजीकरण एवं व्यवसाय में सुगमता, इंटरनेट की गति और स्वतंत्रता, अंग्रेजी भाषा में प्रवीणता का स्तर, शोध एवं विकास में निवेश, प्रति व्यक्ति पेटेंटों की संख्या, विभिन्‍न तकनीकी सेवाओं जैसे- भुगतान पोर्टल, साझा करने वाले ऐप्‍स और क्रिप्‍टोकरेंसी आदि को शामिल किया जाता है।

सूचकांक के प्रमुख निष्कर्ष

  • अमेरिका, ब्रिटेन, इस्राइल, कनाडा और जर्मनी वर्ष 2020 की अपनी शीर्ष स्थिति बरकरार रखने में सफल रहे हैं।
  • अमेरिका के 5 और चीन के दो शहर शीर्ष 10 शहरों में शामिल हैं।

भारत की स्थिति

  • रिपोर्ट में वैश्विक क्षेत्रों में सर्वाधिक स्टार्ट-अप वाले शहरों की रैकिंग में यूरोप (38.6% के साथ) को शीर्ष स्थान दिया गया है। उसकंे बाद क्रमश: उत्तरी अमेरिका एवं एशिया पैसेफिक का स्थान है।
  • भारत ने वर्ष 2020 की अपनी रैंकिंग (23वीं) में तीन पायदान का सुधार करते हुए 20वीं रैंकिंग हासिल की है।
  • उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2019 में भारत 17वें पायदान पर था, किंतु वर्ष 2020 में 6 पायदान फिसलकर 23वें पायदान पर चला गया था।
  • भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 5वें स्थान पर है।
  • जबकि वैश्कि स्तर पर शिक्षा में 8वें एवं परिवहन प्रौद्योगिकी में 10वें स्थान पर है।
  • सूचकांक में शामिल विश्व के 1000 शहरों में भारत के 43 शहरों को स्थान प्राप्‍त हुआ है।
  • भारत के तीन शहरों, ‘बंगलुरू (10वें), नई दिल्‍ली (14वां) मुंबई (16वां) को शीर्ष 20 में शामिल किया गया है, जो दक्षिण एशिया के भी शीर्ष शहर हैं।
  • बंगलुरू विश्व में परिवहन प्रौद्योगिकी में चौथे, शिक्षा प्रौद्योगिकी में छठे एवं विपणन और बिक्री प्रौद्योगिकी में नौवें स्थान पर है।
  • भारत के नौ शहरों ने पहली बार इस सूची में स्थान प्राप्‍त किया है। ये शहर हैं- विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, रायपुर, पटना, वाराणसी, जमशेदपुर, औरंगाबाद, उडुपी एवं आगरा।
  • रिपोर्ट के अनुसार, जोमाटो, योयो रूम्स एवं रेजोरपे भारत के प्रमुख स्टार्ट-अप एवं पारिस्थितिकी तंत्र हैं।

समर्थक

  • भारत के स्टार्टअप में अमेरिका सबसे बड़ा प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश रहा है।

नोट- * में भारतीय शहरों के द्वारा श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले उद्योगों (स्टार्ट-अप) की वैश्विक रैंकिंग दी गई है।

भारत की स्थिति में सुधार के लिए सुझाव

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपने आधारभूत ढांचे जैसे विद्युत आपूर्ति, इंटरनेट की गति में सुधार करके स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी के संदर्भ में अपनी स्थिति में सुधार ला सकता है।
  • स्टार्ट-अप्‍स को ऐसे अभिनव समाधान करने चाहिए, जो वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय हो। इनका ध्यान केवल स्थानीय स्तर पर केंद्रित नहीं होना चाहिए

 

आगे की राह
किसी भी देश के विकास में नवाचार (Innovation) का महत्‍व सदैव रहा है। यह निर्माण, विनिर्माण, उत्‍पाद, सेवा किसी भी क्षेत्र के लिए अति आवश्यक है। परिवर्तनशील अभिरुचियों के अनुसार वस्तुओं एवं सेवाओं में गुणात्‍मक सुधार किए बिना उन्‍हें बाजार की प्रतिस्पर्धा में बनाए रखना असंभव है। हालांकि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में न केवल आधारभूत ढांचे का विकास किया है, बल्‍कि व्यावसायिक गतिविधियों में आने वाली बाधाओं (लाइसेंस प्रक्रिया, कर संरचना आदि) को दूर करने का भी सफल प्रयास किया है, किंतु इस दिशा में और भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।

सं. प्रभाकर पाण्डेय

 


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