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मेघालय युवा नीति, 2021

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 19 जुलाई, 2021 को मेघालय सरकार के खेल एवं युवा मामलों के विभाग के द्वारा ‘ मेघालय युवा नीति, 2021 का मसौदा जारी किया गया।
  • इस नीति का मसौदा राज्य की युवा आबादी से जुड़े कई पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
  • इस नीति के तहत राज्य के युवाओं (15-29 वर्ष) के लिए उत्साहजनक कार्यक्रम और योजनाओं को शामिल किया गया है।

एक राजनीतिक दस्तावेज के रूप में नीति प्रदान करेगी-

(i) युवाअों के सशक्तीकरण हेतु एक सामान्य लक्ष्य
(ii) नीति प्राथमिकताओं का समुच्‍च
(iii) उद्देश्यपूर्ण प्रमुख हस्ताक्षेप
(iv) नीति लागू करने हेतु संस्थागत जिम्मेदारी एवं प्रक्रिया
(v) सभी भागीदारों के बीच समन्वय हेतु तंत्र का विकास

महत्वपूर्ण बिंदु

  • मेघालय युवा नीति, 2021 राज्य के युवाओं को 15-29 वर्ष के आयु वर्ग के व्यक्तियों के रूप में परिभाषित करती है।
  • नवीनतम नीति के अनुमानों के अनुसार, मेघालय राज्य की कुल जनसंख्या लगभग 36.31 लाख है, जिसमें से 35 वर्ष से कम आयु वर्ग की कुल आबादी 27.08 लाख है, जो राज्य की कुल जनसंख्या के 70 प्रतिशत से अधिक है। 
  • इस नीति के अनुसार, मेघालय में इस आयु वर्ग की जनसंख्या 11 लाख से अधिक है, जो कि राज्य की कुल जनसंख्या का 30.6 प्रतिशत है।
  • ध्यातव्य है कि राज्य में 5-29 वर्ष के आयु वर्ग की कुल जनसंख्या लगभग 19.9 लाख है, जो राज्य की कुल जनसंख्या का 54.8 प्रतिशत है।
  • यद्यपि की नीति 15-29 वर्ष के युवा पर केंद्रित है, परंतु महत्वपूर्ण मुद्दों एवं कार्यक्रम के तहत 5-14 वर्ष के आयु वर्ग को भी संबोधित करेगी।
  • नीति युवाओं की अलग-अलग श्रेणियों आठ (8) श्रेणियों जैसे छात्र एवं गैर-छात्र, शहरी एवं ग्रामीण तथा पुरुष आदि को संदर्भित करती है।
  • इस नीति एवं राज्य नीति को विजन प्रति व्यक्ति राज्य सकल घरेलू उत्पाद के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की उपलब्धि के संदर्भ में 2020-2030 के दशक के दौरान राज्य को शीर्ष 10 राज्यों में स्थान दिलाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

मेघालय के युवाओं का वर्तमान परिदृश्य

  • मेघालय सरकार द्वारा राज्य के युवाओं की वर्तमान स्थिति को जानने के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया, जिसके तहत 15-29 आयु वर्ग के 500 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया। इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष इस प्रकार हैं-
  • राज्य के युवाओं की वैवाहिक स्थिति के संदर्भ में 90 प्रतिशत युवा अविवाहित, 5 प्रतिशत विवाहित तथा 5 प्रतिशत अन्य हैं।
  • राज्य के कुल युवाओं की संख्या में 40 प्रतिशत स्नातक छात्र, 23 प्रतिशत हाईस्कूल, 8 प्रतिशत परास्नातक छात्र, 12 प्रतिशत रोजगार की तलाश में तथा 17 प्रतिशत अन्य शामिल हैं।
  • राज्य के युवाओं में 13 प्रतिशत खेल, 9 प्रतिशत सार्वजनिक प्रशासन, 9 प्रतिशत संगीत एवं नृत्य, 8 प्रतिशत आतिथ्य एवं पर्यटन, 8 प्रतिशत विदेशी भाषा, 7 प्रतिशत हाॅर्टीकल्‍च्‍ार एवं एग्रीकल्‍चर तथा 40 प्रतिशत अन्य कौशलों में रुचि रखते हैं।
  • राज्य के मात्र 35 प्रतिशत युवाओं की पहुंच कौशल संस्थानों तक है, जबकि 65 प्रतिशत युवा इस सुविधा से वंचित हैं।
  • राज्य में युवाओं के लिए आस-पास के क्षेत्रों में कॅरियर परामर्श केंद्रों की उपलब्धता 18 प्रतिशत है।
  • राज्य के 26 प्रतिशत युवाओं की भौतिक एवं डिजिटल पुस्तकालय तक पहंुच उपलब्ध है।
  • राज्य के केवल 29 प्रतिशत युवा ही सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

राज्य के लिए युवा विकास ढांचा

  • राज्य के लिए युवा विकास ढांचा निम्नलिखित 8 प्रमुख क्षेत्रों के तहत बनाया जाएगा-

  • राज्य में शिशु मृत्यु दर (IMR) प्रति 1000 जीवित जन्मों पर लगभग 32.3 है, जबकि मातृ मृत्यु दर (MMR) प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर लगभग 203 है। ये आंकड़े राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं।
  • राज्य सरकार 0-8 वर्ष के बच्‍चों के प्रारंभिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ‘अर्ली चाइल्‍डहुड एजुकेशन मिशन’ प्रारंभ करेगी।
  • मेघालय राज्य की साक्षरता दर 75.5 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत के लगभग है।
  • स्वास्थ्य के स्तर पर मेघालय के 44 प्रतिशत बच्‍चे ठिगनेपन (Stunting) से पीड़ित हैं तथा राज्य की 56 प्रतिशत महिलाएं रक्ताल्पता से संबंधित बीमारी से ग्रसित हैं।
  • भविष्य में राज्य के जिला अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा उपकेंद्रों सहित सभी 659 स्वास्थ्य केंद्रों में भौतिक बुनियादी ढांचे के उन्‍नयन की योजना है।
  • भारत सरकार के ‘िफट इंडिया मूवमेंट’ अभियान का लाभ उठाते हुए राज्य सरकार निकट भविष्य मंे विभिन्‍न खेल एवं शारीरिक गतिविधियों यथा-वॉकथॉन, साइक्‍लोथॉन, फिट इंडिया स्कूल सप्‍ताह तथा योग सेमिनार आदि में युवाओं की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
  • वर्तमान में राज्य के विभिन्‍न विभागों के माध्यम से युवा नेतृत्व एवं सांस्कृतिक योगदान को बढ़ावा देने हेतु अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
  • राज्य सराकर द्वारा गहन कला एवं संस्कृति विकास कार्यक्रम (IACDP) को संगीत, नृत्य एवं नाटक के क्षेत्र में लोक तथा आदिवासी कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु शुरू किया जा रहा है।
  • राज्य सरकार विभिन्‍न सांस्कृतिक संगठनों एवं खांसी-गारो साहित्य को विकसित करने वाले नवोदित लेखकों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • भविष्य में राज्य सरकार युवाओं को तकनीकी तथा वित्तीय सहायता प्रदान करके उन्हें कला एवं शिल्प को आजीविका के एक व्यवहार्य एवं टिकाऊ साधन के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहन देगी।

निष्कर्ष

  • मेघालय सरकार द्वारा जारी की गई यह नीति अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है। इस नीति के द्वारा राज्य के युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु समग्र दृष्टिकोण को दर्शाया गया है। यह भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय युवा नीति, 2014 के अनुरूप है।

संकलन- आलोक कुमार पांडेय


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