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Post at: Aug 19 2021

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा एडवांस्ड चैफ टेक्‍नोलॉजी का विकास

वर्तमान परिदृश्य

  • हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO द्वारा नौसेना के जहाजों को मिसाइल हमले से बचाने के लिए एडवांस्ड चैफ (Chaff) टेक्‍नोलॉजी को विकसित किया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • जोधपुर स्थित DRDO की प्रयोगशाला द्वारा भारतीय नौसेना की गुणात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु हुए आधुनिक उन्‍नत चैफ टेक्‍नोलॉजी के तीन वैरियंट विकसित किए हैं।
  • आधुनिक चैफ टेक्‍नोलॉजी के ये तीन वैरिएंट जैसे शार्ट-रेंज चैफ राकेट (SRCR), मीडियम-रेंज चैफ राॅकेट (MRCR) तथा लांग-रेंज चैफ राॅकेट (LRCR) हैं।
  • चैफ तकनीक एक ऐसी तकनीक है, जिसका उपयोग पूरे विश्व में नौसेना के जहाजों को दुश्मन के रडार और रेडियो फ्रीक्‍वेंसी (R.F.) मिसाइल से बचाने हेतु किया जाता है।
  • हाल ही में भारतीय नौसेना ने चैफ टेक्‍नोलॉजी के सभी तीनों वैरिएंट्स को अरब सागर में परीक्षण किया ।
  • चैफ को सबसे पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विकसित किया गया था।
  • आधुनिक चैफ तकनीक के विकास का महत्व इस तथ्य में निहित है कि जहाजों की सुरक्षा हेतु दुश्मन की मिसाइलों को नष्ट करने के लिए हवा में तैनात बहुत कम मात्रा में चैफ सामग्री कार्य करती है।
  • इस टेक्‍नोलॉजी के विकास तथा उत्पादन हेतु उद्योगों को बड़ी मात्रा में प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराई जा रही है।
  • एक रक्षा अधिकारी के मुताबिक चैफ टेक्‍नोलॉजी आत्‍मनिर्भर भारत की ओर एक अहम कदम है।

चैफ टेक्‍नोलॉजी द्वारा जहाजों की सुरक्षा

  • जब जहाज दुश्मन के क्षेत्र में होता है और दुश्मन के रडार से बचने के लिए जब चैफ राॅकेट हवा में दागा जाता है, तो बहुत बारीक कणों का क्‍लाउड बनता है, दुश्मन के रडार में यही क्‍लाउड नजर आता है और इसे ही लक्ष्य मानकर मिसाइल दागी जाती है जबकि तब तक जहाज आगे निकल चुका होता है।

आगे की राह-इस टेक्‍नोलॉजी के विकास से दुश्मन के लिए हमारे किसी भी जहाज को निशाना बनाना असंभव हो जाएगा, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत में कई गुना इजाफा हो जाएगा इसकी युद्धक क्षमता और भी मजबूत तथा प्रभावी हो जाएगी।

अन्‍य महत्वपूर्ण बिंदु

  • DRDO (Defence Research and development organisation) जिसका हिन्दी अर्थ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है।

वर्तमान में इस संस्थान की 51 प्रयोगशालाएं हैं, जो इलेक्‍ट्राॅनिक्‍स, रक्षा उपकरण आदि क्षेत्रों के अनुसंधान में कार्यरत हैं।

DRDO– भारत की रक्षा से जुड़े अनुसंधान कार्यों के लिए देश की अग्रणी संस्था है, जो रक्षा मंत्रालय की आनुषांगिक इकाई के रूप में कार्य करता है।

लेखक-अरविंद कुमार पाण्डेय


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