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Post at: Aug 18 2021

ऊर्जा क्षेत्र : नियामकीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 6 अगस्त, 2021 को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने नियामकीय प्रशिक्षण देने के लिए ई-प्रमाणन प्‍लेटफाॅर्म लांच किया।

ई-प्रमाणन प्‍लेटफाॅर्म

  • यह आई आई टी, कानपुर द्वारा विकसित एक डिजिटल प्‍लेटफाॅर्म है।
  • इसके माध्यम से ‘बिजली क्षेत्र सुधार एवं नियामकीय ज्ञान आधार’ कार्यक्रम का क्रियान्‍वयन किया जाएगा।

उद्देश्य

  • ऊर्जा क्षेत्र की कार्य-प्रणाली में सुधार करना।
  • ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करना।
  • नियामकों द्वारा सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध करवाना

अन्‍य तथ्य

  • भारत, विश्व में विद्युत का तीसरा सबसे बड़ा उत्‍पादक एवं उपभोक्ता है।
  • 30 जून 2021 को राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड की कुल स्थापित क्षमता 384.116 GW थी।
  • कुल स्थापित क्षमता में नवीकरणीय (जल विद्युत सहित) ऊर्जा की भागीदारी 25.2 प्रतिशत है।

आगे की राह

वर्तमान समय में देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विद्युत क्षेत्र के आधुनिकीकरण एवं नवीन तकनीकों के प्रयोग के साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से विद्युत उत्‍पादन बढ़ाने की आवश्यकता है।

  • उत्‍पादन में वृद्धि के साथ ही इसके वितरण की खामियों को भी दूर करने की आवश्यकता है, जिससे विद्युत की क्षति कम-से-कम हो।
  • केंद्र सरकार ने संपूर्ण देश के लिए एक ग्रिड की स्थापना की है। इसके माध्यम से पूरे देश में विद्युत टैरिफ एवं वितरण में एकरूपता आएगी।

सं. प्रभाकर पाण्डेय


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