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Post at: Aug 12 2021

भारत-ब्रिटिश संयुक्त नौसैन्‍य अभ्यास

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • भारतीय नौसेना ने 21 से 22 जुलाई, 2021 के मध्य बंगाल की खाड़ी में ब्रिटेन की राॅयल नेवी के साथ दो दिवसीय संयुक्‍त पैसेज युद्धाभ्यास (PASSEX) में भाग लिया।
  • यह संयुक्‍त युद्धाभ्यास दोनों नौसेनाओं की समुद्री क्षेत्र में एक साथ काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

महत्‍वपूर्ण बिंदु

  • इसमें ब्रिटेन का प्रतिनिधित्‍व रॉयल नेवी के नवीनतम एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस क्‍वीन एलिजाबेथ ने किया जिसमें सीएसजी-21 (CSG-21) भी शामिल था।
  • सीएसजी-21 में टाइप 23 फ्रिगेट और अन्‍य सतह पर कारगर लड़ाकू जहाजों के अलावा एक एस्टयूट क्‍लास पनडुब्बी भी शामिल थी।
  • भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्‍व आईएनएस सतपुड़ा, रणवीर, ज्‍योति, कवरत्‍ती, कुलिश और एक पनडुब्बी द्वारा किया गया।
  • पनडुब्बी रोधी तथा युद्ध में सक्षम लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान ‘पी8आई (P8I) ने भी अभ्यास में भाग लिया।
  • इस अभ्यास में एफ 35 बी (F35B) लाइटनिंग की पहली भागीदारी देखी गई जो एचएमएस ‘क्‍वीन एलिजाबेथ’ के डेक से संचालित होता है।

एलिजाबेथ एयरक्राफ्ट कैरियर: यह 280 मीटर लम्बा 65000 टन वजन एवं 25 नॉट की गति वाला भारी भरकम एयरक्राफ्ट वाहक (कैरियर) है। इस पर एक बार में 40 से ज्‍यादा विमानों को तैनात किया जा सकता है।

  • यह ब्रिटेन का अब तक का सबसे बड़ा (नियागरा जल-प्रपात से बड़ा) एवं सबसे शक्‍तिशाली पोत है।
  • इसमें लड़ाकू विमान, हेलीकाप्‍टर्स और दूसरे हथियारों को रखा जाता है।

उद्देश्य:

  • चीन की प्रसारवादी नीति को प्रति-संतुलित करना।
  • दोनों देशों (भारत-ब्रिटेन) के संबंधों में प्रगाढ़ता लाना।
  • हिन्‍द महासागर में भारतीय स्थिति को मजबूत करना।

संकलन- अशोक कुमार तिवारी


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