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Post at: Aug 11 2021

भारत-यूके सम्मेलन

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 4 मई, 2021 को भारत-यूनाइटेड किंगडम वर्चुअल शिखर सम्मेलन (India- United Kingdom Virtual Summit) का आयोजन किया गया ।

उद्देश्य

  • बहुआयामी रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करना है।

प्रमुख बिंदु

  • दोनों राष्ट्र लोकतंत्र, मौलिक स्वतंत्रता एवं कानून के शासन, मजबूत पारस्परिकताओं और निरंतर बढ़ते समन्वय के लिए आपसी प्रतिबद्धता पर आधारित रणनीति को साझा करते हैं।

सम्मेलन ‘रोडमैप, 2030’ (Roadmap 2030)

  • इस सम्मेलन में महत्वाकांक्षी ‘रोडमैप, 2030’ को शामिल किया गया। 
  • जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाकर ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) का मार्ग प्रशस्त करेगा।
  • इस रोडमैप के तहत निम्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा-
  • • पीपल -टू-पीपल (P-2-P) रिलेशनशिप
  • व्यापार और समृद्धि
  • रक्षा और सुरक्षा •
  • जलवायु कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवा

उन्‍नत व्यापार साझेदारी’ (Enhanced Trade Partnership : ETP)

  • दोनों नेताओं ने विश्व की 5वीं और 6वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार की संभावनाओं को उन्मुक्त किया।
  • वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से भी अधिक करने का महत्‍वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।
  • इसके लिए ‘उन्‍नत व्यापार साझेदारी’ का शुभारंभ किया गया।
  • ETP के एक हिस्से के रूप में दोनों देशों ने एक व्यापक एवं संतुलित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement : FTA) पर बातचीत करने के लिए एक रोडमैप पर भी सहमति जताई है।
  • मुक्त व्यापार समझौते का लाभ जल्द से जल्द प्राप्त करने हेतु एक अंतरिम व्यापार समझौते पर विचार करना भी उन्नत व्यापार साझेदारी का भाग है।

E.T.P के लाभ

  • ETP से दोनों देशों के मध्य प्रत्यक्ष एवं अप्रत्‍यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

वैश्विक नवाचार साझेदारी (Global Innovation Partnership : GIP)

  • वर्चुअल शिखर सम्मेलन में एक नई भारत-ब्रिटेन वैश्विक नवाचार साझेदारी की घोषणा की गई है ?
  • यूके, अनुसंधान और नवाचार संबंधी सहयोग के क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा साझेदार है।
  • इस साझेदारी का उद्देश्य, चुनिंदा विकासशील देशों को समावेशी भारतीय नवाचारों का हस्तांतरण करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।
  • इस दिशा में शुरुआत अफ्रीका से होगी।
  • रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। जिनमें समुद्री क्षेत्र, आतंकवाद का मुकाबला करना और साइबर स्पेस क्षेत्र भी शामिल हैं।

प्रवासन एवं आवाजाही (Migration and Mobility)

  • दोनों पक्षों ने ‘प्रवासन एवं आवाजाही पर एक व्यापक साझेदारी’ का शुभारंभ किया।
  • इससे दोनों देशों के बीच विद्यार्थियों एवं प्रोफेशनलों की आवाजाही के लिए और भी अधिक अवसर सुलभ होंगे।

अन्‍य क्षेत्रों में सहयोग

  • इस वर्ष के उत्तरार्द्ध में यूके द्वारा आयोजित की जाने वाली ‘CoP-26’ से पहले दोनों देशों ने आपस में सहभागिता करने पर सहमति जताई।
  • डिजिटल एवं आईसीटी उत्पादों सहित नई व उभरती प्रौद्योगिकियों पर आपसी सहयोग बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई ।

निष्कर्ष

  • यह सम्मेलन, प्रतिभाओं के निर्बाध आवागमन से दोनों देशों के बीच नवाचार इकोसिस्टम को मदद करेगा तथा दोनों पक्षों को अनियमित प्रवास और मानव तस्करी संबंधी मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

संकलन- आदित्‍य भारद्वाज


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