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Post at: Aug 11 2021

एनईए स्काउट :अंतरग्रहीय मिशन

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • जुलाई, 2021 में नासा ने सौर सेल प्रणोदन (Solar Sail Propulsion) का प्रयोग करने वाले अपने प्रथम अंतर्ग्रहीय मिशन ‘नियर-अर्थ एस्टेरॉयड स्काउट’ (NEA SCOUT) का सफल परीक्षण किया।
  • एनईए स्काउट को स्पेस लांच सिस्टम (SLS) रॉकेट के अंदर सुरक्षित रूप से स्थापित कर दिया गया है।
  • यह उन पेलोड्स में से एक है, जो आर्टेमिस I (ARTEMISI) पर भेजा जाएगा, और जिसके नवंबर, 2021 में लांच होने की संभावना है। आर्टेमिस I ओरिऑन अंतरिक्ष यान और SLS रॉकेट की एक मानव रहित परीक्षण उड़ान है।
  • अर्टिमस I कार्यक्रम के तहत, नासा ने वर्ष, 2024 में ‘पहली महिला को चंद्रमा पर उतारने और वर्ष, 2030 तक ‘सतत (धारणीय) चंद्र अन्‍वेषण कार्यक्रम’ स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

एनईए स्काउट (Near Earth Asteroid Scout)

  • इसे नासा के एडवांस्ड एक्स्प्‍लोरेशन सिस्टम (Advanced Exploration System : AES) प्रोग्राम के तहत विकसित किया गया है।
  • यह एक छोटा अंतरिक्षयान है, जिसे क्‍यूबसैट (Cube Sat) के नाम से जाना जाता है।
  • ‘क्‍यूबसैट’, अंतरिक्ष आधारित, वैज्ञानिक अन्वेषणों , इंजीनियरिंग, पृथ्वी अवलोकन तथा संचार के लिए बड़ी क्षमता वाला लघु अंतरिक्षयान है।
  • क्षुद्रग्रह तक पहुंचने में इसे लगभग दो वर्ष का समय लगेगा
  • यह एक रोबोट टोही मिशन के रूप में काम करेगा।
  • इसका मुख्य उद्देश्य निकट पृथ्वी क्षुद्रग्रह (Near-Earth Asteroid : NEA) तक उड़ान भरना और डेटा एकत्र करना है।
  • यह विशेष कैमरों से लैस है, जो 50 सेमी/पिक्सेल से लेकर 10 सेमी/पिक्सेल तक की तस्वीरें ले सकता है।
  • यह उन्‍नत क्यूबसेट निकट पृथ्वी क्षुद्रग्रह के भौतिक गुणों (आकर, सघनता, मलबे, धूल आदि) को निर्धारित करने में मदद करने हेतु तस्वीरें लेगा।
  • एनईए स्काउट, हाल ही में चुने गए नासा सौर सेल मिशन, ‘सोलर क्रूजर’, के लिए एक मील का पत्थर है, जो वर्ष, 2035 में उड़ान भरते समय इससे 16 गुने बड़े सेल (Sail) का प्रयोग करेगा।
  • Cube-sat द्वारा प्राप्त आंकड़ों का उपयोग जोखिम को कम करने, प्रभावशीलता बढ़ाने, एवं रोबोटिक्स तथा पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर, भविष्य में मानव अंतरिक्ष अन्वेषण की डिजाइन तैयार करने के साथ ही संचालनात्मक सुधारों हेतु किया जा सकता है।

नोट :-

  • अब तक अंतरिक्षयान सौर ऊर्जा का उपयोग उन्हें बिजली देने तथा अन्‍य महत्वपूर्ण कार्यों को निष्पादित करने के लिए करते रहे हैं।
  • यह पहली बार होगा जब कोई अंतरिक्षयान जोर या थ्रस्ट (Thrust) उत्पन्न करने और आगे बढ़ने के लिए हवा के रूप में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करेगा।

संकलन-आदित्य भारद्वाज


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