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Post at: Aug 11 2021

लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 22 जुलाई, 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा, लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई।
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण की अनुमानित लागत 750 करोड़ रूपए है।
  • लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के प्रथम चरण को अगले चार वर्षों में पूरा किया जाएगा।
  • केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है।

पृष्ठभूमि

  • जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के अंतर्गत जम्मू एवं कश्मीर राज्य को दो नए केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित किया गया।
  • विभाजन के पश्चात केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में एक भी केंद्रीय विश्वविद्यालय नहीं रह गया था।
  • पिछले स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा भी लद्दाख में विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी।
  • वित्तीय वर्ष, 2021-22 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव रखा।

महत्व :

  • इस विश्वविद्यालय का अधिकार क्षेत्र लेह ओर कारगिल सहित पूरा लद्दाख क्षेत्र होगा। 
  • राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित करने के बाद इन क्षेत्रों को जम्मू और कश्मीर में केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया था।
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना से लद्दाख में उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र में उत्पन्न क्षेत्रीय असंतुलन समाप्त होगा।
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय लद्दाख के स्थानीय शिक्षण संस्थानों के लिए रोल मॉडल होगा और उन्हें मजबूती प्रदान करेगा।

निष्कर्ष

  • केंद्रीय विश्वविद्यालय समाज के भीतर बौद्धिक प्रवाह को प्रोत्साहित करने के साथ ही लद्दाख के समग्र विकास को दिशा प्रदान करने में सहायक होगा।
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय, लद्दाख में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

संकलन-अवनीश


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