Contact Us - 0532-246-5524,25 | 9335140296
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Aug 11 2021

वैश्विक साइबर सुरक्षा सूचकांक, 2020

वर्तमान प्ररिप्रेक्ष्य

  • 29 जून, 2021 को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International Telecommunication: ITU) द्वारा वैश्विक साइबर सुरक्षा सूचकांक (Global Cyber Security index: GCI), 2020 जारी किया गया।
  • 2015 से जारी हाेने वाले इस सूचकांक का यह चौथा संस्करण है।
  • 194 देशों के इस सूचकांक में 182 रैंक में भारत ने 37 स्थानों में सुधार के साथ 10वां स्थान हासिल किया है।
  • ध्यातव्य है कि वैश्विक साइबर सुरक्षा एजेंडा पहली बार 2007 में प्रस्तुत किया गया था।

आंकलन का आधार

  • यह प्रदर्शन साइबर सुरक्षा के पांच मानदंडों पर आधारित है:

 

  • इनके आधार पर प्रदर्शन का एक समग्र स्कोर प्राप्‍त किया जाता है जो निम्नलिखित है-

GCI, 2020 में शीर्ष 5 में देशों का स्थान

 

GCI, 2020 में निचले 5 में देशों का स्थान

 

GCI, 2020 में (BRICS) ब्रिक्‍स राष्ट्रों का स्थान

 

विश्लेषण

  • GCI, 2020 में सौ (100) अंक के साथ संयुक्त राज्‍य अमेरिका शीर्ष (1) पर है।
  • माइक्रोनेशिया, वेटिकन और यमन जीरो (0) अंक के साथ,GCI, 2020 में सबसे निचले स्थान (182वें) हैं।
  • चीन ने इस सूचकांक में 33वां स्थान हासिल किया है।

भारत का प्रदर्शन

  • सूचकांक में भारत ने 97.5 अंक के साथ 10वां स्थान हासिल किया है।
  • पिछले सूचकांक (2018) में भारत ने 47वां स्थान हासिल किया था।
  • सध: (नवीनतम) सूचकांक में ब्रिक्‍स (BRICS) राष्ट्रों की ओर से शीर्ष 10 में रूस (5वां) और भारत (10वां) ने स्थान हासिल किया है।
  • GCI, 2020 के अनुसार, एशिया-प्रशांत (Asia-Pacific: APAC) क्षेत्र में 98.52 अंकों के साथ दक्षिण कोरिया और सिंगापुर ने पहला (1st) स्थान हासिल किया है, जबकि भारत ने चौथा (4th) स्थान हासिल किया।
  • ब्रिक्‍स राष्ट्रों में रूस शीर्ष (1st) और भारत दूसरे (2nd) स्थान पर है।

नोट:ITU सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है।

  • भारत को वर्ष 2019-2022 के लिए पुन: ITU परिषद का सदस्य चुना गया है।
  • वर्ष 1952 से भारत ITU परिषद का नियमित सदस्य बना हुआ है।

निष्कर्ष

  • रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराध के कारण वैश्विक स्तर पर 2020 में जहाँ 1 ट्रिलियन डालर का नुकसान हुआ वहीं 2021 में यह 6 ट्रिलियन डालर नुकसान का अनुमान है।
  • जब 2030 में सतत विकास लक्ष्य (SDG) पूर्ण होंगे तब अनुमानत: 90 प्रतिशत वैश्विक जनसंख्या इंटरनेट से जुड़ी होगी।
  • 125 बिलियन तक डिवास IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स) से जुड़े होंगे।
  • ऐसी स्थिति में एडीजी प्रयासों में सुधार को सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल समाधान का सुरक्षित, विश्वसीनय और भरोसेमंद होना आवश्यक है।

सं. आदित्‍य भारद्वाज


Comments
List view
Grid view

Current News List