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Post at: Aug 09 2021

लेमरू हाथी रिजर्व

वर्तमान संदर्भ

  • 26 जून, 2021 को छत्तीसगढ़ के वन एवं पर्यावरण विभाग ने प्रस्तावित लेमरू हाथी रिजर्व का क्षेत्रफल 1995 वर्ग किमी से घटाकर 450 वर्ग किमी. करने का प्रस्ताव रखा है।
  • वर्ष 2007 में कोरबा जिले में लेमरू हाथी रिजर्व के निर्माण हेतु के 450 वर्ग किमी. क्षेत्र को केंद्रीय अनुमोदन प्राप्त हुआ था।
  • 2019 में सरकार ने इसके क्षेत्र का विस्तार कर 1995 वर्ग किमी कर दिया था।
  • लेमरू क्षेत्र मानव-पशु संघर्ष को रोकने हेतु प्रस्तावित हाथी रिजर्वों में से एक है, जहां पर ओडिशा और झारखंड से हाथी छत्तीसगढ़ में प्रवेश करते है।
  • बादलखोल तमोर पिंगला दूसरा हाथी रिजर्व है जिसे 2011 में अधिसूचित किया गया था लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है।

क्षेत्र कम करने के कारण

  • प्रस्तावित रिजर्व हसदेव अरण्य वन क्षेत्र का भाग है।
  • यह एक संपन्न जैव विविधता क्षेत्र है जो कोयले के भंडार में भी समृद्ध है।
  • इस क्षेत्र में 22 कोयला ब्लाक हैं।
  • पूर्व की नो-गो (No-Go) नीति के तहत संपूर्ण क्षेत्र कोयला खनन हेतु प्रतिबंधित था।
  • परंतु 2020 में इस क्षेत्र के पांच कोयला ब्लाकों को नीलामी सूची में डाला गया था।
  • भारतीय उद्योग परिसंघ के अनुसार, यदि लेमरू रिजर्व के क्षेत्र में वृद्धि होगी तो 4 करोड़ टन कोयले का नुकसान होगा।

संरक्षण की आवश्यकता

  • सिर्फ उत्तरी छत्तीसगढ़ में 240 से अधिक हाथी रहते हैं।
  • पिछले 20 वर्षो में राज्य में 150 से अधिक हाथियों की मौत हुई है।

भारत में हाथियों की स्थिति

  • भारतीय हाथी (एलीफस मैक्सिमस) मध्य और दक्षिणी पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत उत्तरी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं।
  • इसे भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I और वनस्पतियों और जीवों की लुप्तप्राय प्रजातियों (CITES) के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कंवेंशन के परिशिष्ट I में शामिल किया गया है।
  • यह देश के 16 राज्यों में पाए जाते है और अपनी वितरण सीमा में बढ़ती प्रवृत्ति दिखा रहे हैं।
  • 2007 में इनकी आबादी जहां 27657-27682 थी वहीं 2012 में यह 27785-31368 के बीच हो गई।

भारत में हाथी रिजर्व की राज्यवार सूची

  • क्षेत्रफल के साथ भारत में हाथी रिजर्व की सूची इस प्रकार है-

हाथी संरक्षण से संबंधित पहलें
(1) प्रोजेक्ट एलीफैंट

  • भारत सरकार ने फरवरी, 1992 में पूर्णत : केंद्रपोषित योजना के रूप में प्रोजेक्ट एलीफैंट शुरु किया।
  • इसके तहत जंगली तथा घरेलू व पालतू हाथियों को शामिल किया गया है।
  • यह प्रोजेक्‍ट भारत के 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में संचालित है।

(2) हाथी कॉरिडोर-

  • यह भूमि संकरा गलियारा या रास्ता होता है जो हाथियों को एक वृहद पर्यावास से जोड़ता है।
  • यह जानवरों के आगमन के लिए एक पाइपलाइन का कार्य करता है।
  • वर्ष 2005 में 88 ऐसे गलियारे चिह्नित किए गए थे जो वर्तमान में 101 हो गये हैं।

(3) हाथी मेरे साथी अभियान

  • पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) द्वारा संयुक्त रूप से मई, 2011 में शुरू किया गया।

(4) हाथियों की अवैध हत्या की निगरानी कार्यक्रम (Monitoring oIllegal Killing of Elephants: MIKE)

  • साइट्स (CITES) के दलीय सम्मेलन (CoP) द्वारा यह कार्यक्रम दक्षिण एशिया (जिसमें भारत शामिल हैं) के देशों में वर्ष 2003 में शुरु किया गया।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी


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