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Post at: Aug 09 2021

शुक्र ग्रह हेतु दो नए मिशन : नासा (NASA)

वर्तमान संदर्भ

  • 2 जून, 2021 को नासा (National Aeronautics and Space Administration: NASA) ने शुक्र ग्रह के लिए दो नए मिशनों की घोषणा की है।

मुख्य बिंदु

  • नासा द्वारा घोषित इन दो सहयोगी मिशनों का उद्देश्य यह समझना है कि कैसे शुक्र ग्रह की सतह पर सीसे को पिघलाने में सक्षम तापमान वाली ‘इन्फर्नो (नरक)’ जैसी दुनिया का निर्माण हुआ।
  • ये दो संयुक्त मिशन नासा के ‘डिस्कवरी प्रोग्राम’ का हिस्सा हैं।
  • डिस्कवरी कार्यक्रम (Discovery Program) की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी।
  • नासा का डिस्कवरी कार्यक्रम वैज्ञानिकों को अपनी कल्‍पनाओं में गहराई से जांच करने और हमारे सौर मंडल के रहस्यों को खोलने के नए तरीके खोजने का मौका देता है।

दाविंसी+ (DAVINCI+)

  • DAVINCI+ The Deep Atmosphere Venus Investigation of noble gases, Chemistry and Imaging का संक्षिप्‍त रूप है।
  • यह दो मिशनों में से पहला मिशन होगा।
  • दाविंसी+मिशन के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-
  • यह शुक्र ग्रह के वायु- मंडल का आकलन करेगा, जिससे यह जानकारी मिल सके कि शुक्र ग्रह का निर्माण तथा विकास किस प्रकार हुआ।
  • शुक्र ग्रह पर यह निश्चय करना कि क्‍या कभी कोई महासागर था।
  • इस ग्रह के ‘गोलीय आकार’ की भूगर्भीय विशेषताओं की पहले उच्‍च रिजॉल्‍यूशन वाले चित्र भेजना शामिल है, जिन्‍हें टेसेरा (Tesserae) के रूप में जाना जाता है।
  • इस मिशन के लांच की समय-सीमा वर्ष 2028-2030 रखी गई है।

वेरिटास (VERITAS)

  • वेरिटास The Venus Emissivity Radio Science, In SAR Topography and Spetroscopy का संक्षिप्‍त रूप है।
  • वेरिटास चट्टानी ग्रह की सतह का मानचित्र तैयार करके भूगर्भिक इतिहास की खोज करने वाला दूसरा मिशन होगा।
  • यह मिशन स्थलाकृति के 3D पुनर्निर्माण के लिए पूरे ग्रह की सतह पर स्थित ऊंचे स्थानों का चार्ट बनाने एवं ग्रह पर ज्वालामुखी तथा भूकंप की घटनाओं के होने या न हाेने की जानकारी के लिए एक सिंथेटिक एपर्चर राडार का प्रयोग करेगा।

शुक्र ग्रह के बारे में

  • इसका नाम प्रेम एवं सौंदर्य की (रोमन) देवी के नाम पर रखा गया है।
  • सूर्य से दूरी के क्रम में यह दूसरे स्थान पर तथा आकार और द्रव्यमान बड़ा में सौर-मंडल में छठां के संदर्भ में ग्रह है।
  • कार्बन डाइऑक्‍साइड की उच्‍च सांद्रता की वजह से यह सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह है।
  • हमारे सौर-मंडल में केवल शुक्र और यूरेनस (अरुण) ‘विपरीत दिशा’ में अर्थात पूर्व से पश्चिम घूर्णन करते हैं।
  • शुक्र ग्रह के परिघूर्णन में पृथ्वी के 243 दिनों के बराबर समय लगता है।
  • शुक्र को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में पृथ्वी के 225 दिनों के बराबर समय लगता है।

शुक्र ग्रह पर भेजे गए ऐतिहासिक मिशन

  • मैगलन (Magellan)-नासा (अमेरिका) 1994 में समाप्‍त।
  • वीनस एक्सप्रेस (Venus Express) यूरोपीय मिशन (2005)
  • अकात्सुकी (Akatsuki)- जापान (2015)
  • वेगास (Vegas)- रूस(1985)

भविष्य में भेजे जाने वाले मिशन

  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा ‘थेसस’ (Thesus) तथा ‘स्पिका’ (Spica)नामक दो खगोलीय प्रस्ताव एवं ‘एनविजन’ (Envision) नामक शुक्र मिशन विचारणीय हैं।
  • भारत द्वारा भी वर्ष 2024 में शुक्रयान नामक नया आर्बिटर (उपग्रह) लांच करने की योजना है।

सं. विकास प्रताप सिंह


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