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Post at: Aug 09 2021

A I- आधारित पोर्टल : SUPACE

वर्तमान परिदृश्य

  • भारत के सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने 6 अप्रैल, 2021 को आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस-संचालित अनुसंधान पोर्टल SUPACE लाॅन्च किया।

SUPACE- सुप्रीमकोर्ट पोर्टल फॉर असिस्टेंट इन कोट् र्स एफिसियंसी।

पृष्ठ भूमि

  • आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस कमेटी, (सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया) के पहले अध्यक्ष एस.ए. बोबड़े ने वर्ष 2019 में भारत के मुख्य न्‍यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण करने के दौरान न्‍यायिक प्रणाली में AI का लाभ उठाने की महत्‍वाकांक्षी योजना के बारे में चर्चा की थी।
  • भारतीय न्‍यायपालिका में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के कार्यान्‍वयन हेतु ‘ई-कोर्ट परियोजना, 2005’ राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना पर आधारित अवधारणा है।

महत्‍वपूर्ण बिंदु

  • SUPACE- न्‍यायधीशों को डाटा संग्रह, तथ्यों की खोज एवं तथ्यों को संसाधित करने में मदद पहुँचाएगा, जिससे कार्य की दक्षता में सुधार तथा समय की बचत होगी।
  • इसे जानकारी संसाधित करने और निर्णय लेने में सक्षम बनाने हेतु न्‍यायाधीशों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने हेतु डिजाइन किया गया है। यह निर्णय प्रक्रिया का भाग नहीं होगा।
  • प्रारंभ में केवल दिल्‍ली और मुंबई उच्‍च न्‍यायालयों के न्‍यायाधीश, प्रयोगात्‍मक आधार पर इसका प्रयोग करेंगे।
  • कृत्रित बुद्धिमत्ता न्‍यायपालिका में कठिन प्रक्रियाओं के स्वचालन को सक्षम बनाता है।
  • भारतीय न्‍यायपालिका में प्रारंभ हुए इस कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण में न्‍यायाधीशों को कानूनी अनुसंधान कार्य, प्रासंगिक तथ्यों के संग्रह तथा तथ्यों की खोज के साथ -साथ न्‍यायिक प्रक्रिया में तीव्रता लाने की शक्ति है।
  • भारत के मुख्य न्‍यायाधीश एस.ए.बोबड़े ने इसे ‘हाइब्रिड सिस्टम’ और ‘मानव बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निग का एक सही मिश्रण’ बताया जिसे मानव बुद्धि के साथ जोड़ा गया है।

अन्‍य महत्‍वपूर्ण पहल

  • 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने अपने सभी बेंच को पेपरलेस बनाने हेतु SCI-Interact नामक सॉफ्टवेयर का प्रयोग शुरू किया।
  • यह सॉफ्टवेयर न्यायाधीशों की फाइलों तक पहुँच, याचिकाओं के अनुलग्नकों और कम्प्यूटर पर नोट्स बनाने में मदद करता है।

अन्‍य महत्‍वपूर्ण बिंदु

  • भारत में सर्वप्रथम, 1973 के रेग्युलेटिंग एक्‍ट के तहत कलकत्ता में एक उच्‍चतम न्‍यायालय की स्थापना की गई । इसमें एक मुख्य न्‍यायाधीश तथा तीन अन्‍य न्‍यायाधीश थे।
  • भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत, भारत मंे पहली बार ‘संघीय न्‍याय-पालिका की स्थापना की गई।
  • भारतीय संविधान के लागू होने के साथ भारत का सर्वोच्‍च न्‍यायालय भी अस्तित्‍व में आया। इसकी पहली बैठक 28 जनवरी, 1950 को हुई।
  • संविधान के भाग 5 के अनुच्‍छेद 124 से 147 तक सर्वोच्‍च न्‍यायालय के गठन, अधिकार क्षेत्र, स्वतंत्रता शक्तियों एवं प्रक्रियाओं का उल्‍लेख है।

सं. अरविंद कुमार पांडेय


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