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Post at: Aug 02 2021

ट्रस्टेड टेलीकॉम पोर्टल लांच

वर्तमान संदर्भ

  • सरकार ने 15 जून, 2021 को ‘ट्रस्टेड टेलीकॉम पोर्टल’ लांच किया है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट www.trustedtelecom.gov.in है। 
  • इस पोर्टल को ‘दूरसंचार क्षेत्र पर राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश’ (National Security Directive on Telecommunication Sector : NSDTS) के एक हिस्से के रूप में लांच किया गया है।

दूरसंचार क्षेत्र पर राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश

  • इसका उद्देश्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए दूरसंचार उत्‍पादों और उनके स्रोतों को ‘विश्वसनीय’ और गैर-विश्वसनीय श्रेणियों में वर्गीकृत करना है।
  • यह नीति संवेदनशील दूरसंचार क्षेत्र में उपकरण और हैंडसेट के स्थानीय निर्माताओं को अवसर प्रदान करती है।
  • साथ ही, यह नीति अन्‍य देशों द्वारा उत्‍पादों की डंपिंग का मुकाबला करने में भी सहायक है।

पृष्ठभूमि

  • वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से टेलीकॉम क्षेत्र निर्णायक हो गया है। इस पोर्टल का विकास दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
  • यह सुरक्षा चिंता विशेष रूप से पांचवीं पीढ़ी (5जी) सेवा को लेकर है।
  • साथ ही, इससे दूरसंचार नेटवर्क में किसी भी ‘बैकडोर’ या ‘ट्रैपडोर’ संबंधी समस्याओं को कम करने में सहायता मिलेगी।
  • ‘बैकडोर’ या ‘ट्रैपडोर’ दूरसंचार हार्डवेयर में इंस्टॉल (स्थापित) एक बग होता है, जो कंपनियों को नेटवर्क पर साझा किए जा रहे डाटा को सुनने या एकत्र करने की अनुमति प्रदान करता है।

ट्रस्टेड टेलीकॉम पोर्टल
मुख्य बिंदु

  • इस पोर्टल को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय’ के ‘साइबर विंग’ के तहत लांच किया गया है।
  • इस पोर्टल को सरकार की एक अनुसंधान और विकास इकाई ‘सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्‍स’ (Center for Development of Telematics : C-DoT) ने विकसित और कार्यान्‍वित किया है।

सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्‍स

  • सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्‍स (सी-डॉट) की स्थापना एक स्वायत्त दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र के रूप में अगस्त, 1984 में की गई थी।
  • यह ‘सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860’ के तहत एक पंजीकृत सोसाइटी है।
  • इसके परिणामस्वरूप दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (Telecom Service Providers : TSPs) को केवल ‘विश्वसनीय स्रोतों’ से ‘विश्वसनीय उत्‍पाद’ के रूप में नामित नए उपकरणों का प्रयोग अनिवार्य हो गया है।
  • ‘दूरसंचार सेवा प्रदाता’/दूरसंचार लाइसेंसधारक का अर्थ एक ऐसी कंपनी से है जिसे दूरसंचार सेवा प्रदान करने के लिए भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 के तहत एक वैध लाइसेंस प्रदान किया गया है।
  • टी.एस.पी. और संबंधित विक्रेताओं (वेंडर) को ट्रस्टेड टेलीकॉम पोर्टल में एक्‍सेस प्रदान किया जाएगा।
  • इन विक्रेताओं, उत्‍पादों, उनके महत्‍वपूर्ण घटकों और उनके स्रोतों का विवरण पोर्टल में डाला जाएगा।
  • इसके बाद विक्रेताओं और घटकों के स्रोतों का मूल्‍यांकन किया जायेगा।
  • हालांकि, पहले से और वर्तमान में प्रयोग किए जा रहे उपकरणों और उनको प्राप्‍त करने के अनुबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

विश्वसनीय उत्‍पाद (Trusted Products)

  • ‘विश्वसनीय उत्‍पाद’ ऐसे उत्‍पाद हैं, जिनके महत्‍वपूर्ण घटक और स्वयं वह उत्‍पाद विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्‍त किए जाते हैं।

शर्त

  • दूरसंचार विभाग की ‘तरजीही बाजार पहंुच नीति’ (Preferential Market Access Scheme) के मानदंडों को पूरा करने वाले ‘विश्वसनीय स्रोतों’ को ‘भारत के विश्वसनीय स्रोतों’ के रूप में प्रमाणित किया जाएगा।
  • किसी विक्रेता को एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में निर्धारित करने के लिए ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्‍वयक’ (The National Cyber security Coordinator : NCSC) नामित प्राधिकरण है।
  • यह प्राधिकरण उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता वाले ‘दूरसंचार राष्ट्रीय सुरक्षा समिति’ (National Security Committee on telecom : NSCT) के अनुमोदन पर कार्य करता है।

भारत में दूरसंचार : एक नजर में

  • वर्तमान में भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है।
  • 23 दिसंबर, 2020 तक भारत में टेलीफोन कनेक्‍शनों (Subscriber Base) की कुल संख्या 1171.80 मिलियन हो गई। इनमें से 1151.81 मिलियन मोबाइल टेलीफोन कनेक्‍शन थे।
  • इस समय तक देश में दूरसंचार घनत्‍व (Teledensity) 86.38 प्रतिशत है।
  • देश में इंटरनेट ग्राहकों (Internet Subscribers) की संख्या जनवरी, 2021 के अंत तक 624 मिलियन थी।

प्रमुख अधिनियम –

  • भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885
  • भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933
  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997

परियोजनाएं और पहल –

  • भारतनेट के माध्यम से गांवों में सेवाओं का प्रसार
  • चेन्‍नई और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के बीच समुद्री ओएफसी संपर्क
  • कोच्‍चि और लक्ष्यद्वीप के बीच समुद्री ओएफसी संपर्क
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए व्यापक दूरसंचार विकास योजना
  • लद्दाख के वंचित गांवों में मोबाइल कनेक्‍टिविटी
  • आकांक्षी जिलों में 4जी सेवा
  • प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्‍सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वानी)

संकलन – अभिषेक शुक्‍ला


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