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Post at: Aug 02 2021

स्पेसएक्स स्टारशिप प्रोजेक्ट

वर्तमान संदर्भ

  • 5 मई, 2021 को स्टारशिप राकेट सीरियल नंबर 15 (SN15) ने टेक्सास में स्टारबेस से स्पेसएक्स के स्टारशिप प्रोटोटाइप की पांचवी उच्‍च तुगता (High altitude) परीक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
  • राकेट ने आकाश में लगभग 6.2 मील (10 किलोमीटर) की दूरी तय की और उड़ान के छ: (6) मिनट बाद अपने निर्दिष्ट लैंडिंग पैड पर वापस आ गया।
  • दिसंबर, 2020 से लेकर अब तक स्टारशिप ने 5वीं बार उड़ान भरी है और पिछले 4 परीक्षण (SN8 , SN9, SN10 और SN11) रॉकेट उतरने के दौरान विस्फोट का शिकार हो गए थे।
  • SN15 की इस शानदार सफलता के बाद अब पुनर्प्रयोज्य रॉकेट (दोबारा इस्तेमाल) का रास्ता साफ हो गया है।

पृष्ठभूमि
स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट

  • स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट, अंतरिक्ष यात्रा को आसान और सस्ता बनाने की दिशा में एक नेक्स्ट जनरेशन स्पेसक्राफ्र्ट (Next-generation Spacecraft)बनाने से संबंधित है ।
  • इसकी शुरूआत 2012 से हुई थी।
  • स्पेसएक्स, अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में कार्य करने वाली अमेरिका की एक निजी क्षेत्र की कंपनी है। इसकी स्थापना एलन मस्क (Elon Musk)और कुछ अन्य द्वारा की गई है। इसका मुख्यालय हैथार्न, कैलिफोर्निया में है।
  • स्टारशिप नाम का यह रॉकेट पूरी तरह से पुन: उपयोग में लाया जा सकने वाला (Reusable)ट्रांसपोर्ट सिस्टम (Transport System)होगा।
  • SN-सीरीज (Series) के रॉकेट (SN8, SN9,SN10, SN11, SN15 और आगे के भी) इसी स्टारशिप प्रक्षेपण यान को बनाने की दिशा में प्रोटोटाइप्स हैं।
  • यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी की कक्षा, चंद्रमा और मंगल पर चालक दल और कार्गो के लिए एक पुन: प्रयोज्य परिवहन प्रणाली के तौर पर कार्य करने हेतु निर्मित है।

तकनीकी पक्ष(Technical Aspects)
इंजन(Engine)

  • इस यान में इस्तेमाल होने वाला राॅकेट `सुपर हैवी` (Super Heavy)के अंतर्गत आता है । इसमें राप्टर इंजन लगे हुए हैं, जो 72 मेगा न्यूटन से ज्यादा थ्रस्ट(Thrust) पैदा कर सकते है। इतने थ्रस्ट से हम अंतरिक्ष में 100 टन तक पे-लोड ले जा सकते हैं।

ईधन (Fuel)

  • इस यान के इंजन में ईंधन के तौर पर द्रवित ‘मीथेन’ और द्रवित ऑक्सीजन के मिश्रण का इस्तेमाल किया जाता है। इसके दो कारण हैं-

(1) मीथेन जलने के बाद यान को काफी थ्रस्ट देता है, जिससे ज्यादा पे-लोड अंतरिक्ष में ले जाया जा सकेगा।
(2) मंगल पर ‘मीथेन ईंधन’ आसानी से बनाया जा सकता है, जिससे ईंधन की उपलब्धता रहेगी और रॉकेट में पे-लोड को बढ़ाया जा सकेगा।

  • ऐसे में इस इंजन के माध्यम से पृथ्वी से मंगल और मंगल से पृथ्वी तक की यात्रा काे किफायती और आसान बनाया जा सकता है।

इसकी सफलता के लाभ

  • अभी तक अंतरिक्ष यानों द्वारा पृथ्वी पर वापस लाने के लिए पैराशूट या खास तरह के यान का उपयोग किया जाता था, जिससे वे पुन: उपयोग योग्य नहीं रह जाते थे।
  • SN-15 के इस स्टारशिप के सफल परीक्षण से यह स्पष्ट हो गया है कि एक स्पेसक्रॉफ्ट का कई बार उपयोग किया जा सकेगा।
  • इस स्टारशिप का सफलतापूर्वक परीक्षण हो जाने से इस बात की संभावना बढ़ गई कि स्पेसएक्स पृथ्वी से करीब 100 लोगों को अंतरिक्ष तक सुरक्षित पहुंचा सकेगा।
  • ध्यातव्य है कि अभी तक हम अपने अंतरिक्ष यानों के जरिए अंतरिक्ष में केवल 6 से 7 लोगों को ही भेज सकते हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • वर्ष 2020 में नासा (NASA) ने स्टारशिप प्रोजेक्ट को जल्द-से-जल्द पूरा करने के लिए स्पेसएक्स को 3.5 मिलियन डॉलर की सहायता दी थी।
  • स्पेसएक्स ‘आर्टेमिस’ (Artemis) प्रोग्राम का भी हिस्सा है।
  • ध्यातव्य है कि NASA के ‘Artemis Program’ के अनुसार वर्ष 2024 तक पहली महिला एवं पुरुष अंतरिक्ष यात्री को चांद पर उतारा जाएगा।
  • वर्ष 2020 में स्पेसएक्स अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक मानवों की पहुंच वाली प्रथम निजी कंपनी बन गई है।
  • एलन मस्क की ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनी टेस्ला मोटर्स ने हाल ही में भारत में कदम रखा है। इसने बंगलुरू में ‘Tesla India Motors and Energy Pvt. Ltd.’ के नाम से रजिस्ट्रेशन कराया है। यह कंपनी उन्‍नत किस्म की इलेक्ट्राॅनिक कार बनाने के लिए जानी जाती है।

संकलन-दीपक पांडेय


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