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Post at: Aug 02 2021

‘सार्थक योजना’

वर्तमान पृष्ठभूमि

  • 8 अप्रैल, 2021 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने ‘सार्थक योजना’ की शुरुआत की।
  • सार्थक योजना, नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
  • स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने इसे स्कूल शिक्षा के लिए एक निर्देशात्‍मक और विचारोत्तेजक योजना के रूप में जारी किया है।
  • सार्थक (SARTHAQ) का पूरा नाम- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से ‘छात्रों’ और ‘शिक्षकों’ की समग्र उन्‍नति(Students and Teachers’ Holistic Advancement Through Quality Education) है।

सार्थक योजना के संबंध में :

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुसरण में, और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को इस कार्य में सहायता करने हेतु यह योजना शुरू की गई है।
  • इसका उद्देश्य प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है।
  • साथ ही यह योजना छा़त्रों तथा शिक्षकों के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करेगा।
  • सार्थक योजना को इस रूप में देखा जा रहा है, कि इससे लक्ष्यों, परिणामों तथा समय-सीमा की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की जा सकेगी।

इस योजना को NEP, 2020 के निम्नलिखित उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए लागू किया जा रहा है-

  • यह प्रायोगिक शिक्षा पर केंद्रित होगी।
  • यह पाठ्‍यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा, खेल, कला, भारत का ज्ञान, 21वीं सदी के कौशल, नागरिकता के मूल्यों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को भी शामिल करेगी।
  • यह कक्षा 3 तक गुणवत्तापूर्ण, बाल्यकालीन देखभाल और शिक्षा तथा मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्‍मकता के सार्वभौमिक अधिग्रहण तक पहुंच प्रदान करेगी।
  • इससे शिक्षक-शिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
  • यह स्कूली शिक्षा के लिए नए राष्ट्रीय एवं राज्य पाठ्‍यक्रम ढांचे, शुरुआती बचपन की देखभाल एवं पाठ्‍यक्रम सुधारों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।
  • यह सभी स्तरों पर सकल नामांकन अनुपात, शुद्ध नामांकन अनुपात, ड्राॅप-आउट एवं स्कूल तक न पहुंचने वाले बच्‍चों की संख्या कम करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
  • क्षेत्रीय,स्थानीय, भाषा में पाठ्‍य-पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • बोर्ड परीक्षाओं और विभिन्‍न प्रवेश परीक्षाओं में सुधार करना।

लाभ

  • इस योजना के कार्यान्‍वयन से 25 करोड़ छात्रों, 15 लाख विद्यालयों तथा 94 लाख शिक्षकों, शैक्षणिक प्रशासकों, अभिभावकों आदि सभी हितधारकों को लाभ होगा, क्‍योंकि शिक्षा एक न्‍यायसंगत और न्‍यायपूर्ण समाज का आधार है।

संकलन-प्रशांत सिंह


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