Contact Us - 0532-246-5524,25 | 9335140296
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Jul 31 2021

अग्‍नि पी (प्राइम) मिसाइल

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 28 जून, 2011 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा उड़ीसा के बालासोर (Balasore) तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से अत्‍याधुनिक परमाणु क्षमतायुक्‍त (Naculear Capable) बैलिस्टिक मिसाइल अग्‍नि पी का सफल परीक्षण किया गया।
  • पूर्वी तट पर तैनात विभिन्‍न टेलीमेट्री और रडार स्टेशनों ने मिसाइल की ट्रैकिंग एवं उसकी निगरानी की।
  • यह मिसाइल उच्‍च स्तरीय सटीकता (Textbook launch) के साथ सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा करते हुए अपने निर्धारित लक्ष्य को भेदने में सफल रही।

अग्‍नि पी मिसाइल की विशेषता

  • अग्‍नि पी, अग्‍नि श्रेणी के नई पीढ़ी की सतह-से-सतह पर मार करने वाली अत्‍याधुनिक (उन्‍नत) मिसाइल है।
  • इसकी मारक क्षमता (Range) 1000 किमी से 2000 किमी तक है।
  • इसमें 4,000 और 5,000 किमी के परास (Range) वाली अग्‍नि-IV एवं अग्‍नि-V के तकनीकों का प्रयोग किया गया है।
  • इसका भार अग्‍नि-III मिसाइल से 50 प्रतिशत कम है।
  • इसमें कई उन्‍नत प्रौद्योगिकियां जैसे- कंपोजिट प्रणोदन प्रणाली, इनोवेटिव गाइडेंस, नियंत्रण तंत्र एवं अत्‍याधुनिक नेविगेशन सिस्टम आदि का समावेश किया गया है।
  • इसमें दो चरणों वाली ठोस प्रणोदक ईंधन का प्रयोग किया गया है।
  • यह थर्मोबैरिक है और उच्‍च तापमान विस्फोट उत्‍पन्‍न करने के लिए आसपास की हवा से ऑक्‍सीजन का उपयोग करता है।
  • सके दोनों चरणों में इलेक्‍ट्रोमैकेनिकल (Electromechanical) एक्‍ट्यूएटर्स (Actuators) के साथ कंपोजिट मोटर और गाइडेंस सिस्टम लगा हुआ है।
  • इसे लक्ष्य के लिए ‘इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम’ (INS)द्वारा निर्देशित किया जाएगा जो उन्‍नत रिंग-लेजर गायरोस्कोप पर आधारित है।
  • यह मिसाइल पारंपरिक उच्‍च विस्फोटकों के साथ-साथ रासायनिक, जैविक एवं परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम है।

आवश्यकता एवं महत्‍व

  • अग्‍नि पी में प्रयुक्‍त आईएनएस सिस्टम और रिंग-लेजर गायरोस्कोप इसे उच्‍च सटीकता (High accuracy) प्रदान करते हैं।
  • इसके कनस्तरीकृत डिजाइन के कारण इसे सड़क एवं रेल मार्ग से प्रक्षेपित करने के साथ-साथ लंबे समय तक (Store) रखा जा सकता है।
  • यह मिसाइल रक्षा प्रणाली (Anti Missile System) के विरुद्ध अधिक गतिशीलता प्रदान करती है।
  • विश्लेषक अग्‍नि-पी को चीन की DF-21D मिसाइलों के समकक्ष देखते हैं। उल्‍लेखनीय है कि DF-21D मिसाइल पारंपरिक वारहेड के साथ 1800 किमी की दूरी तक एयर क्रॉफ्ट (Air craft carrier) पर हमला करने में सक्षम है।
  • अग्‍नि पी मिसाइल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को कम करने की रणनीति का प्रमुख हिस्सा है।

पृष्ठभूमि

  • अग्‍नि मिसाइलों का निर्माण वर्ष 1983 में, एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) के तहत डीआरडीओ द्वारा प्रारंभ किया गया जिसमें यह विकसित पांच मिसाइलों यथा – पृथ्वी, अग्‍नि, त्रिशूल, आकाश एवं नाग में से एक है।
  • उल्‍लेखनीय है कि आईजीएमडीपी, डा. एपीजे कलाम जी के दिमाग की उपज थी।
  • इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मिसाइल प्रौद्योगिकी में आत्‍मनिर्भरता प्राप्‍त करना था।

अग्‍नि श्रेणी की अन्‍य मिसाइलें

निष्कर्ष- यद्यपि अग्‍नि पी मिसाइल की परास चीनी मुख्य भ्ूमि तक पहुंचने के लिहाज से कम है फिर भी यह पाकिस्तान के पूरे क्षेत्र को कवर करने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र तक पहुंच प्रदान करती है। इसकी गतिशीलता एवं सटीकता भारत को परमाणु निरोधक सक्षमता प्रदान करती है।

सं- अभिषेक कुमार


Comments
List view
Grid view

Current News List