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Post at: Jul 31 2021

भारत में क्रिप्‍टोकरेंसी सेविंग अकांउट

वर्तमान परिप्रेक्ष्य-

  • जुलाई 2021 में बैंकिंग प्‍लेटफॉर्म कैशा (Cashaa) ने भारत में क्रिप्‍टोकरेंसी सेविंग अकाउंट खोलने की घोषणा की है।
  • कैशा और यूनाइटेड ने यूनिका (Unicas) नाम से एक संयुक्‍त उद्यम की स्थापना की है।
  • यह भारत में नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बनाया गया विश्व का पहला भौतिक रूप से उपस्थित वित्‍तीय संस्थान होगा।

मुख्य बिंदु-

  • कैशा के अनुसार कंपनी भारत में व्यक्‍तिगत खाता खोलेगी जिसके तहत भारतीय रुपया एवं क्रिप्‍टोकरेंसी हेतु बचत खाता खोलने, क्रिप्‍टोकरेंसी खरीदने, क्रिप्‍टोकरेंसी के बदले ब्याज लेने जैसी सेवाएं प्रदान करेगी।

अन्‍य संबंधित तथ्य-

  • RBI द्वारा क्रिप्‍टोकरेंसी के उपयोग को प्रतिबंधित करने हेतु 6 अप्रैल, 2018 को एक परिपत्र (Circular) जारी किया गया था।
  • वर्ष 2020 में, उच्‍चतम न्‍यायालय ने भारतीय इंटरनेट एवं मोबाइल संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्‍पणी किया था कि वर्चुअल करेंसी के व्यापार पर RBI का प्रतिबंध तर्क-संगत नहीं है, क्‍योंकि-
  • RBI आभासी मुद्राओं के व्यापार या विधि में किसी खतरे अथवा कमी को नहीं बता पाया है।
  • भारत में आभासी मुद्रा या क्रिप्‍टोकरेंसी के व्यापार पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
  • जून 2021 में दक्षिण अमेरिकी देश अल सल्‍वाडोर ने विटकॉइन को अधिकारिक मुद्रा का दर्जा दिया है।

क्रिप्‍टोकरेंसी क्‍या है?

  • क्रिप्‍टोकरेंसी एक तरह की डिजिटल मुद्रा होती है जिसका कोई भौतिक अस्तित्‍व नहीं होता और इसे बेहद जटिल कोड से तैयार किया जाता है, साथ ही इसमें लेन-देन संबंधी सभी जानकारियों को कूटबद्ध तरीके से विकेन्‍द्रीकृत डेटाबेस में सुरक्षित रखा जाता है।

  • क्रिप्‍टोकरेंसी ब्लाकचेन तकनीक पर आधारित है। ब्लाक चेन एक विकेन्‍द्रीकृत तकनीक है जो कई कंप्‍यूटरों में बिखरे (spread) हुए ट्रांसजैक्‍शन का प्रबंधन एवं संग्रहण करती है।
  • क्रिप्‍टोकरेंसी के लेन-देन को उपयोगकर्त्ताओं के कम्प्‍यूटर द्वारा करेंसी के नेटवर्क में लॉग इन करके सत्‍यापित किया जाता है।
  • एक बार सत्‍यापन की प्रक्रिया नोड्स के द्वारा पूरी हाेने के बाद लेन-देन अर्थात ट्रांसजैक्‍शन एक नये ट्रांसजैक्‍शन के साथ जुड़कर एक नये ब्लॉक का निर्माण करेगा।
  • अब यह नया ब्लाक, पूर्व में बने ब्लाक चेन में जुड़ जाएगा एवं लेनदेन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे

क्रिप्‍टोकरेंसी के फायदे निम्न लिखित है-

  • दो पार्टियों या पक्षों के बीच वित्‍त का हस्तांतरण आसान हो जाएगा क्‍योंकि इसमें किसी थर्ड पार्टी जैसे क्रेडिट/डेबिट कार्ड या बैंक की आवश्यकता नहीं होती है।
  • क्रिप्‍टो-करेंसी वित्‍तीय समावेशन को बढ़ावा दे सकती है।
  • क्रिप्‍टोकरेंसी भारत के महत्‍वाकांक्षी लक्ष्य ‘कैशलेस इंडिया में अहम साबित हो सकती है।

क्रिप्‍टोकरेंसी से उत्‍पन्‍न चिंताएं

  • क्रिप्‍टोकरेंसी की गोपनीय प्रकृति के कारण इसका उपयोग धनशाेधन, कर चोरी, आतंकवादी वित्‍त पोषण आदि के लिए भी किया जा रहा है।
  • क्रिप्‍टोकरेंसी की माइनिंग के लिए अत्‍यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिससे कार्बन उत्‍सर्जन में वृद्धि होती है।

  • क्रिप्‍टोकरेंसी को भारत जैसे कई देशों ने अभी तक मुद्रा के रूप में स्वीकृति नहीं दी है।

भारत में क्रिप्‍टोकरेंसी का भविष्य

  • 22 जुलाई 2021 को भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के चरणबद्ध कार्यान्‍वयन रणनीति की सूचना जारी की गई।
  • CBDC केंद्रीय बैंक द्वारा डिजिटल रूप जारी एक कानूनी निविदा है। यह एक फिएट मुद्रा के समान ही विनियम का माध्यम है। केवल इसका रूप भिन्‍न है। यद्यपि यह क्रिप्‍टोकरेंसी से भिन्‍न है।
  • क्रिप्‍टोकरेंसी के अध्ययन के लिए गठित समिति ने निजी क्रिप्‍टोकरेंसी का विरोध किया था। हालांकि समिति ने ब्लाकचेन, DLT (Distributed Ledger Technology) आदि के प्रति सकारात्‍मक रुख रखने की सिफारिश की थी।

निष्कर्ष– यद्यपि क्रिप्‍टोकरेंसी व्यापार, निवेश, तकनीक और अन्‍य विभिन्‍न क्षेत्रों में तेज मितव्ययी अवधारणा प्रस्तुत करती है परन्‍तु वर्तमान में क्रिप्‍टोकरेंसी के संदर्भ में अनेक समस्याओं को देखते हुए देश में किसी निजी करेंसी को मान्‍यता देना एक बड़ी चुनौती होगी परन्‍तु उपर्युक्‍त विकास भविष्य में इन आभासी मुद्राओं से जुड़ी तकनीकों का अन्‍य कल्‍याणकारी योजनाओं में उपयोग करने हेतु इस विषय में जनजागरुकता बढ़ाने एवं सभी हित-धारकों के बीच समन्‍वयन स्थापित करने का प्रयास किया जाना चाहिए।

अभिषेक कुमार


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