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Post at: Jul 31 2021

निपुण भारत

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 5 जुलाई, 2021 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘निपुण भारत कार्यक्रम’ शुरू किया गया।
  • निपुण का पूर्ण रूप है ‘आधारभूत साक्षरता और गणना में कुशलता हेतु राष्ट्रीय पहल’ (National Instiative for Proficiency: NIPUN) है।

कारण-

  • भारतीय स्कूलों में मूलभूत शिक्षा में हमेशा सुधार की संभावना रही है।
  • शिक्षा पर वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (Annual Status of Education Report: ASER) के मुताबिक भारत में 4 से 8 आयु वर्ग के 25 प्रतिशत स्कूली बच्‍चों में आयु-उपयुक्त संज्ञानात्‍मक (Cognitive) और संख्यात्‍मक कौशल (Numeracy Skills) में वृद्धि की आवश्यकता है।
  • अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया है कि स्कूलों के बंद हो जाने के कारण प्राथमिक विद्यालयों के लगभग 80 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने कम-से-कम एक गणितीय और भाषा कौशल खो दिया है।
  • इन मुद्दों से निपटने हेतु ‘निपुण भारत’ पहल शुरू की गई है।
  • यह कार्यक्रम/पहल 29 जुलाई, 2020 को जारी ‘नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ (NEP) के अनुरूप है।

निपुण भारत’ : उद्देश्य

  • खेल, खोज और गतिविधि-आधारित शिक्षा शास्त्र का विकास।
  • बच्‍चों को प्रेरित, स्वतंत्र, समझ के साथ पढ़ने-लिखने में संलग्‍न एवं लिखने और पढ़ने में स्थायी कौशल वाला बनाना।
  • इसके साथ ही उन्‍हें संख्या, माप और आकार के क्षेत्र को तर्क के साथ समझने और उन्‍हें गणना और समस्या के समाधान में स्वतंत्र बनाना।
  • आजीवन सीखने की मजबूत नींव बनाना।
  • पोर्टफोलियो, समूह और मिलजुल कर किए गए कार्यों एवं छोटे टेस्ट आदि के माध्यम से सीखना।
  • सभी विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की ट्रैकिंग सुनिश्चित करना।
  • शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षा के क्षेत्र से संबद्ध प्रशासकों में क्षमता निर्माण करना।

‘निपुण भारत पहल’ का लक्ष्य:-

  • बुनियादी कौशल को मजबूत करना।
  • आधारभूत साक्षरता और संख्यात्‍मकता (Foundational Literacy and Numeracy: FLN) को सभी के लिए सुलभ बनाने हेतु एक सक्षम वातावरण बनाना है, ताकि वर्ष 2026-27 तक कक्षा-3 तक प्रत्‍येक बच्‍चा पढ़ने-लिखने और अंकगणित में सीखने की क्षमता प्राप्‍त कर सके।

  • पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के क्रम में चरण-वार लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं।

 

  • आधारभूत शिक्षा के लिए सीखने के परिणामों को 3 विकासात्‍मक लक्ष्यों में विभाजित किया गया है।

 

आधारभूत साक्षरता और संख्या (FLN)

 

क्रियान्‍वयन

  • निपुण भारत को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा क्रियान्‍वित किया जाएगा।
  • इस कार्यक्रम (निपुण) को मिशन मोड में लागू किया जाएगा, जिसमें पांच स्तरीय क्रियान्‍वयन तंत्र स्थापित जाएगा।

मूल्‍यांकन-

  • प्राथमिक शिक्षा के दौरान मूल्‍यांकन को दो प्रमुख क्षेत्रों में बांटा गया है।

1. स्कूल आधारित मूल्‍यांकन (School Based Assessment : SBA)
2. बड़े पैमाने पर मानकीकृत मूल्‍यांकन (Large- Scale Standardised Assessment : LSSA)

शिक्षक करेंगे प्रशिक्षण प्राप्‍त-

  • समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों के सशक्तीकरण पर फोकस रखा गया है।
  • निष्ठा (NISHTHA) योजना की मदद से ‘FLN’ के लिए एक विशेष प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, जो प्री-प्राइमरी एवं प्राइमरी स्तर के सभी शिक्षकों को आच्‍छादित करेगा।
  • NISHTHA (नेशनल इनीशिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एण्ड टीचर्स होलीस्टिक एडवांस्मेंट) केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्राथमिक स्तर पर शिक्षा को सशक्‍त बनाने हेतु एक योजना शुरू की है।
  • DIKSHA (नॉलेज शेयरिंग के लिए डिजिटल इन्‍फ्रास्ट्रक्‍चर) स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय मंच है।
  • शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए दीक्षा (DIKSHA) का उपयोग करना।

निपुण’ के अपेक्षित परिणाम

  • राष्ट्र के बच्‍चे तेजी से सीखने के पथ पर पहुंचेंगे, जिसका बाद के जीवन परिणामों और रोजगार पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा।
  • प्राथमिक कौशल, बच्‍चों को कक्षा में रखने में सक्षम होते हैं, जिससे बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्‍चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए रोका जा सकता है और प्राथमिक से उच्‍च प्राथमिक व माध्यमिक चरणों में पढ़ाई छोड़ने की दर में कमी आएगी।

सं. आदित्‍य भारद्वाज


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