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Post at: Jul 19 2021

भारत-ओमान सैन्‍य सहयोग

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 20 मई, 2021 को भारत और ओमान ने सैन्‍य सहयोग और समुद्री सुरक्षा समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding-MOU) हस्ताक्षर का नवीनीकरण किया।

भारत-ओमान

  • ओमान, खाड़ी देशों (Gulf countries) में भारत का रणनीतिक साझेदार है।
  • इसके साथ ही खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council:GCC), अरब लीग तथा हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (India Ociean Rim Asociation-IORA) के लिए महत्‍वपूर्ण वार्ताकार है।
  • भारत GCC और अरब लीग का सदस्य नहीं है।
  • भारत IORA का सदस्य है।
  • दोनों राष्ट्र भौगोलिक (Geographical), ऐतिहासिक (Historical) तथा सांस्कृतिक (Cultural) रूप से जुड़े हैं।

प्रमुख द्विपक्षीय समझौते-

रक्षा-

  • बाह्य अंतरिक्ष का शांतिपूर्ण उपयोग
  • नागरिक और वाणिज्‍यिक मामलांे में कानूनी तथा न्‍यायिक सहयोग
  • प्रत्‍यर्पण
  • कृषि
  • नागरिक उड्डयन
  • दोहरे कराधान से बचाव
  • समुद्री मुद्दे

रक्षा संबंधित तथ्य

  • भारत ने ओमान को राइफलों की आपूर्ति की है।
  • भारत और ओमान द्वारा अपनी तीनों सैन्‍य सेवाओं के बीच नियमित द्विवार्षिक द्विपक्षीय अभ्यास किया जाता है।
  • सैन्‍य अभ्यास : अल नजाह
  • वायु सेना अभ्यास : ईस्टर्न ब्रिज
  • नौसेना अभ्यास : नसीम-अल-बहर

समुद्री सहयोग

  • ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर स्थित है।
  • होर्मुज के माध्यम से भारत अपने तेल आयात का पांचवां हिस्सा आयात करता है।
  • ओमान के दुकम बंदरगाह तक पहुंचने के लिए भारत ने वर्ष 2018 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किया।

चिंताएं

  • भारत, जिबूती में पोर्ट ऑफ डोरालेह में अपना आधार स्थापित करने सहित इस क्षेत्र में चीन द्वारा रणनीतिक संपत्‍ति के अधिग्रहण से चिंतित है।

आगे की राह

  • भारत का हिंद महासागर के पश्चिम तथा दक्षिणी भाग में अपनी इंडो-पैसिफिक पहुंच को बढ़ाने के लिए ओमान के साथ मिलकर कार्य करना होगा, साथ ही चीन की बढ़ती पकड़ का मुकाबला करने हेतु भारत को ओमान के समर्थन को बरकरार रखना होगा।

सं. आदित्‍य भारद्वाज


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