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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और अफगानिस्तान के स्वतंत्र प्रशासनिक सुधार और सिविल सेवा आयोग के मध्य समझौता

वर्तमान परिदृश्य

  • 23 मार्च, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के लोक सेवा आयोग (UPSC) और अफगानिस्तान के ‘‘स्वतंत्र प्रशासनिक सुधार और सिविल सेवा आयोग’’ (IARCSC) के बीच समझौता-ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी दे दी है।

महत्‍वपूर्ण बिंदु
समझौता-ज्ञापन (MoU) की प्रमुख विशेषताएं

(i) सार्वजनिक सेवा में भर्ती और चयन के आधुनिक दृष्टिकोण, विशेष रूप से UPSC और IARCSC के कार्य के संबंध में अनुभव का आदान-प्रदान।
(ii) ऐसी पुस्तकों, मार्गदर्शक पुस्तिकाओं तथा अन्‍य दस्तावेजों समेत सूचना और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, जो गोपनीय प्रकृति के नहीं हों।
(iii) लिखित परीक्षाओं की तैयारी तथा कंप्‍यूटर आधारित भर्ती परीक्षा और ऑनलाइन परीक्षाओं के आयोजन में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के उपयोग में विशेषज्ञता को साझा करना।
(iv) आवेदनों के शीघ्र जांच और त्‍वरित निपटान के लिए एकल खिड़की प्रणाली (सिंगल विंडो सिस्टम) के अनुभव को साझा करना।
(v) परीक्षा प्रणाली में शामिल विभिन्‍न प्रक्रियाओं पर अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करना।
(vi) अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण-सत्र आयोजित करना, इसमें पक्षों को मिले कार्य-आदेश से संबंधित सभी मामलों पर पक्षों को सचिवालय/मुख्यालय से अल्‍प अवधि के लिए जोड़ना शामिल है।
(vii) विभिन्‍न सरकारी एजेंसियों को प्राप्‍त शक्ति के तहत एजेंसियों द्वारा पदों की भर्ती में अपनाए गए तौर-तरीकों और प्रक्रियाओं पर अनुभव साझा करना।

लाभ-

  • यह एमओयू (MoU), आईएआरसीएससी (IARCSC) और यूपीएससी (UPSC) के बीच संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा।
  • यह उम्मीदवारों के चयन के क्षेत्र में दोनों पक्षों को अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)

  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भारत का केंद्रीय भर्ती अभिकरण है।
  • यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है।

पृष्ठभूमि

  • लाॅर्ड कार्नवालिस (1786-93 ई.) भारत में सिविल सेवा का जन्‍मदाता था।
  • इस सेवा हेतु 1855 ई. से प्रतियोगितात्‍मक परीक्षा होने लगी।
  • यह प्रारंभ में इंग्‍लैंड मंे होती थी, लेकिन वर्ष 1922 से यह भारत में भी होने लगी।
  • 1864 ई. में प्रथम भारतीय I.C.S. सत्‍येंद्र नाथ टैगोर थे।

वर्तमान स्वरूप

  • भारत में वर्ष 1919 के भारत सरकार अधिनियम के अधीन सर्वप्रथम वर्ष 1926 में लोक सेवा आयोग की स्थापना की गई थी।
  • लोक सेवा आयोग की स्थापना के लिए वर्ष 1924 में ली (Lee) आयोग ने सिफारिश की थी।

भारतीय संविधान में प्रावधान

  • संविधान के भाग-14 (संघ और राज्‍यों के अधीन सेवाएं) के तहत अनुच्‍छेद 315 से अनुच्‍छेद 323 तक में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की स्वतंत्रता, शक्तियां व कार्य के अलावा इसके संगठन तथा सदस्यों की नियुक्तियां व बर्खास्तगी आदि का विस्तृत वर्णन है।
  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों की संख्या निर्धारित करने की शक्ति राष्ट्रपति को है अर्थात संविधान में आयोग की सदस्य संख्या का उल्‍लेख नहीं है।
  • इसी प्रकार सदस्यों की योग्‍यता का भी उल्‍लेख संविधान में नहीं है।
  • वर्तमान में सदस्यों की संख्या 9 है।
  • आयोग के अध्यक्ष व सदस्य पद ग्रहण करने की तारीख से 6 वर्ष की अवधि तक या 65 वर्ष की आयु तक, इनमें से जो भी पहले हो, अपना पद धारण करता है।

महत्‍वपूर्ण अनुच्‍छेद

(i) अनुच्‍छेद 312 : अखिल भारतीय सेवाएं
(ii) अनुच्‍छेद 315 : संघ और राज्‍यों के लिए लोक सेवा आयोग।
(iii) अनुच्‍छेद 316 : सदस्यों की नियुक्ति और पदावधि।

Note-

  • अफगान संसद – डेलारम जरंज जलमार्ग
  • अफगानिस्तान-भारत मैत्री बांध (सलमा बांध) (वर्ष 2016)
  • शहतूत बांध (9 फरवरी, 2021 को निर्माण हेतु भारत के साथ समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर)
  • फुल-ए-खुमरी’ ट्रांसमिशन लाइन (202 किमी., काबूल) इत्‍यादि।

सं. शिशिर अशोक सिंह


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