Contact Us - 0532-246-5524,25 | 9335140296
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Jul 15 2021

केन-बेतवा लिंक परियोजना

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 22 मार्च, 2021 को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ‘केन-बेतवा लिंक परियोजना’ (Ken Betwa Link Project:KBLP) के समझौते पर हस्ताक्षर किया गया।
  • इस ऐतिहासिक परियोजना पर हस्ताक्षर विश्व जल दिवस (World Water Day: WWD) के अवसर पर किया गया।
  • इसी दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जलशक्‍ति अभियान ‘कैच द रेन’ का भी शुभारंभ किया। ÆKBLPराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (National Perspective Plan:NPP) के तहत देश की पहली नदी जोड़ाे परियोजना है-

उद्देश्य

  • जल अधिशेष क्षेत्रों से पानी की कमी वाले (सूखा) क्षेत्रों में जल स्थानांतरित करना।
  • मध्य प्रदेश में केन नदी से अधिशेष जल को उत्तर प्रदेश की बेतवा नदी में स्थानांतरित करना।
  • इससे सूखा-प्रवण बुंदेलखंड क्षेत्र के उत्तर प्रदेश में बांदा, ललितपुर, झांसी और महोबा जिलों एवं मध्य प्रदेश के पन्‍ना, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों को सिंचित किया जा सकेगा।
  • कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएं (10.62 लाख हे.), पेयजल आपूर्ति (62 लाख लोग) और जलविद्युत उत्‍पादन (103 MW) करना।

केन-बेतवा लिंक परियोजना

  • इसे अंतरराज्‍यीय नदी स्थानांतरण मिशन हेतु एक मॉडल परियोजना के रूप मंे माना जाता है।
  • राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (National Perspective Plan:NPP) के तहत नदियों को जोड़ने वाली यह पहली परियोजना है।
  • इस परियोजना में दाऊधन बांध बनाकर केन और बेतवा नदी को नहर के जरिए जोड़ना है। निचली अर्रे परियोजना, कोठा बैराज और बीना संकुल बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से केन नदी के पानी को बेतवा में पहुंचाना है।
  • इस परियोजना के तहत केन नदी से पानी बेतवा नदी में स्थानांतरित किया जाएगा।
  • केन (जबलपुर जिले के अहिरगवां गांव से) और बेतवा (रामसेन जिले के निकट बरखेड़ा गांव से) नदियों का उद्‍गम मध्य प्रदेश में होता है।
  • ये दोनों नदियां यमुना नदी की सहायक नदियां हैं। Æ इस परियोजना को 2 चरणों में पूरा किया जाएगा।

परियोजना के लाभ

नोट:-1. राजघाट, परीछा और माताटीला बांध बेतवा नदी पर स्थित हैं।
2. केन नदी, पन्‍ना बाघ अभयारण्य से होकर गुजरती है।

पन्‍ना बाघ अभयारण्य पर नकारात्‍मक प्रभाव

  • दाऊधन बांध का निर्माण केन नदी पर किया जाएगा।
  • दाऊधन बांध बनाए जाने से पन्‍ना बाघ अभयारण्य का लगभग 6,017 हेक्‍टेयर क्षेत्र डूब जाएगा।
  • जिसमें लगभग 4000 हेक्‍टेयर क्षेत्र कोर क्षेत्र के तहत आता है, जो बाघों का आवास है।

नदियों को जोड़ने के कार्यक्रम की पृष्ठभूमि

(i) जल संसाधन मंत्रालय (वर्तमान में जलशक्‍ति मंत्रालय) द्वारा अगर, 1980 में तैयार अंतर बेसिन जल अंतरण के माध्यम से जल संसाधन हेतु राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना ने साध्यता (Feasibility) रिपोर्ट तैयार की थी।
(ii) इस रिपोर्ट में 30 संपर्कों (16 प्रायद्वीपीय एवं 14 हिमालयी) की पहचान की गई।
(iii) संबंधित राज्‍यों की सहमति हेतु रिपोर्ट तैयार करना (2006)।
(iv) 2015 में नदियों को आपस में जोड़ने संबंधी कार्यबल का गठन।
(v) केन-बेतवा लिंक परियोजना इस कार्यक्रम की पहली योजना है।

अंतरबेसिन जल अंतरण जोड़ों की वर्तमान स्थिति, शामिल राज्‍य, नदियों के नाम

क्र.सं.

नाम

नदियां

संबंधित राज्‍य

स्थिति

1.

महानदी (मणिभद्रा)-गोदावरी

(दोलेश्वरम संपर्क)

महानदी और गोदावरी

ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश,

कर्णाटक और छत्तीसगढ़

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

2.

गोदावरी (इंचमपल्‍ली)-कृष्णा (पुलीचिंताला) संपर्क

गोदावरी और कृष्णा

’’

साध्यता रिपोर्ट (फआर) पूरी की गई

3.

गोदावरी (इंचमपल्‍ली)-कृष्णा

(नागार्जुन सागर) संपर्क

गोदावरी और कृष्णा

ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

4.

गोदावरी (पोलावरम)-कृष्णा (विजयवाड़ा) संपर्क

गोदावरी और कृष्णा

ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

5.

कृष्णा (श्रीसेलम)-पेन्‍नार संपर्क

कृष्णा और पेन्‍नार

’’

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

6.

कृष्णा (श्रीसैलम)-पेन्‍नार संपर्क

कृष्णा और पेन्‍नार

’’

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

7.

कृष्णा (नागार्जुन सागर)-पेन्‍नार (सोमसिला) संपर्क

कृष्णा और पेन्‍नार

महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

8.

पेन्‍नार (सोमसिला)-कावेरी (ग्रैंड एनीकट) संपर्क

पेन्‍नार और कावेरी

आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुदुच्‍चेरी

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

9.

कावेरी(कट्टालाई)-वैगई-गुंडार संपर्क

कावेरी, वैगाई और गुंडार

कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, और पुदुच्‍चेरी

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

10.

केन-बेतवा संपर्क

केन और बेतवा

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश

साध्यता रिपोर्ट और विस्तृत साध्यता रिपोर्ट (चरण-I एवं चरण-II) पूरी की गई

11.

पार्वती-कालीसिंध-चंबल संपर्क

पार्वती, कालीसिंध व चंबल

मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्‍तर प्रदेश (उत्‍तर प्रदेश ने सहमति बनाने के समय विचार-विमर्श करने का अनुरोध किया)

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

12.

पार-तापी-नर्मदा संपर्क

पार, तापी और नर्मदा

महाराष्ट्र और गुजरात

साध्यता रिपोर्ट और विस्तृत साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

13.

दमनगंगा-पिंजाल संपर्क

दमनगंगा और पिंजाल

’’

साध्यता रिपोर्ट और विस्तृत साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

14.

बेदती-वर्दा संपर्क

बेदती और वर्दा

महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक

साध्यता पूर्व रिपोर्ट पूरी की गई

15.

नेत्रावती-हेमावती संपर्क

नेत्रवती और हेमवती

कर्नाटक तमिलनाडु और केरल

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

16.

पंबा-अच्‍चनकोविल-वैप्‍पार संपर्क

पंबा, अच्‍चनकोविल और वैप्‍पार

केरल और तमिलनाडु

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

हिमालयी घटक

1.

मानस-संकोश-तीस्ता-गंगा (एम-एस-टी-जी) संपर्क

मानस-संकोश-तीस्ता-गंगा

असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और भूटान

साध्यता पूर्व रिपोर्ट पूरी की गई

2.

कोसी-घाघरा संपर्क

कोसी और घाघरा

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और नेपाल

साध्यता पूर्व रिपोर्ट पूरी की गई

3.

गंडक-गंगा संपर्क

गंडक और गंगा

’’

प्रारूप साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई (भारतीय भाग)

4.

घाघरा-यमुना संपर्क

घाघरा और यमुना

’’

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई (भारतीय भाग)

5.

शारदा-यमुना संपर्क

शारदा और यमुना

बिहार, उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और नेपाल

साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई (भारतीय भाग)

6.

यमुना-राजस्थान संपर्क

यमुना और सुकरी

उत्‍तर प्रदेश गुजरात, हरियाणा और राजस्थान

प्रारूप साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

7.

राजस्थान-साबरमती संपर्क

साबरमती

-वही-

प्रारूप साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

8.

चुनार-सोन बैराज संपर्क

गंगा और सोन

बिहार और उत्‍तर प्रदेश

प्रारूप साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

9.

सोन बांध-गंगा संपर्क की दक्षिणी उपनदियां

सोन और बदुआ

बिहार और झारखंड

साध्यता पूर्व रिपोर्ट पूरी की गई

10.

गंगा (फरक्‍का)- दामोदर-सुबर्णरेखा संपर्क

गंगा, दामोदर और सुबर्णरेखा

पश्चिम बंबाल, ओडिशा और झारखंड

प्रारूप साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

11.

सुबर्णरेखा-महानदी संपर्क

सुबर्णरेखा और महानदी

पश्चिम बंगाल और ओडिशा

प्रारूप साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

12.

कोसी-मेची संपर्क

कोसी और मेची

बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल

साध्यता पूर्व रिपोर्ट पूरी की गई, पूरी तरह नेपाल में पड़ता है

13.

गंगा (फरक्‍का)-सुंदरबन संपर्क

गंगा और इच्‍छामती

पश्चिम बंगाल

प्रारूप साध्यता रिपोर्ट पूरी की गई

14.

जोगीघोपा-तीस्ता-फरक्‍का संपर्क (एम-एस-टी-जी का विकल्‍प)

मानस, तीस्ता व गंगा

’’

(एम-एस-टी-जी संपर्क का विकल्‍प) छोड़ दिया गया।

सं. आदित्‍य भारद्वाज


Comments
List view
Grid view

Current News List