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Post at: Jul 13 2021

लेबनान संकट(Lebanon Crisis)

वर्तमान संदर्भ

हाल ही में,विश्व बैंक द्वारा जारी लेबनान आर्थिक निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान का आर्थिक एवं वित्तीय संकट 19वीं सदी के मध्य के बाद से, दुनिया के तीन सबसे गंभीर संकटों में से एक हो सकता है।

अन्य संबंधित तथ्य

  • रिपोर्ट के अनुसार, देश का सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) 2018 में करीब लगभग 55 अरब डॉलर से घटकर वर्ष 2020 में 33 डॉलर अरब हो गया है। साथ ही रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डॉलर के संदर्भ में प्रति व्यक्ति जी.डी.पी. में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट आई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार विश्व बैंक द्वारा अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2021 में लेबनान के आर्थिक वृद्धि दर में GDP के 9.5 प्रतिशत गिरावट होगी। इससे पूर्व वर्ष 2020 में 20.3 प्रतिशत तथा वर्ष 2019 में 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी थी।
  • देश में बेरोजगारी दर फरवरी, 2020 के 28 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2020 तक 40 प्रतिशत हो गई।
  • लेबनान पिछले वर्ष अपने ऋणों (Debt) का भुगतान करने असफल हो गया था। इस कारण वर्तमान में देश की मुद्रा के मूल्य में 2019 के मुकाबले 90 % की गिरावट आई है।

संकट के कारण

विश्व बैंक के रिपोर्ट के अनुसार लेबनान संकट के लिए निम्नलिखित कारक जिम्मेदार हैं-

संकट का प्रभाव

  • रिपोर्ट में सामाजिक प्रभाव इंगित है जिससे लेबनान की लगभग आधे से भी अधिक जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे पहुंच गई है।
  • लेबनानी पाउंड की घटती क्रय शक्ति के कारण देश के 40 प्रतिशत लोगों को भोजन एवं अन्य बुनियादी जरूरतों तक पहुंच बाधित हुई है।
  • देश में बेरोजगारी दर 40 प्रतिशत तक पहंुच गई है।
  • विश्व बैंक के अनुसार यह संकट लेबनान को ‘सिस्टेमेटिक फेलियर ’ (प्रणालीगत असफलता) की ओर ले जा सकता है।

(i) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सहायता की पेशकश की है।
(ii) देश में राजनीतिक स्थिरता आवश्यक
(iii) देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए आर्थिक सुधारों की शुरुआत, भ्रष्टाचार पर लगाम जैसे आवश्यक कदम नई सरकार को उठाने होगें।

संकलन-अभिषेक कुमार


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