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Post at: Jul 13 2021

वैश्विक प्रेषण, निवेश एवं विकास मंच शिखर सम्मेलन,2021

वर्तमान संदर्भ

  • 16 और 17 जून, 2021 को वैश्विक प्रेषण, निवेश एवं विकास मंच शिखर सम्मेलन, ‘2021’ का आयोजन किया गया । इसमें 96 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
  • ‘अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष’ और ‘प्रेषण के लिए वित्तपोषण सुविधा’ इस सम्मेलन के आयोजक हैं।
  • इस सम्मेलन का आयोजन प्रत्येक दो वर्ष पर अंतरराष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस (International Day of Family Remittances) के अवसर पर किया जाता है। यह दिवस प्रतिवर्ष 16 जून को मनाया जाता है।
  • वर्ष 2021 के लिए इस दिवस की थीम-‘डिजिटल और वित्तीय समावेशन के माध्यम से रिकवरी व लचीलापन’(Recovery and Resilience Through Digital and Financial Inclusion)है।
  • विदित हो कि ‘वैश्विक प्रेषण, निवेश और विकास मंच’ (Global Forum on Remittances, Investment and Development: GFRID)” अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ’ का ही एक बहुपक्षीय मंच (Forum) है।

अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (The International Fund for Agricultural Development : IFAD)

  • यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान है। इसका मुख्य कार्य निम्न और मध्यम आय वाले देशों में गरीबी उन्मूलन के लिए ग्रामीण क्षेत्रांे में निवेश करना है।
  • आई.एफ.ए.डी. एवं अन्य संगठनों द्वारा वित्त पोषित प्रेषण के लिए वित्तपोषण सुविधा (Financing Facility for Remittances: FFR) का उद्देश्य विकास पर प्रेषण के प्रभाव को अधिकतम करना व मूल देशों में डायस्पोरा जुड़ाव को बढ़ावा देना है।

इस बार के एजेंडे मे शामिल प्रमुख मुद्दे

  • डिजिटल व वित्तीय समावेशन की दिशा में निजी क्षेत्र की भूमिका
  • अंतरराष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस : 2021 अवलोकन
  • संकट के समय में प्रवासी निवेश
  • प्रेषण बाजार में पर्यावरण को सक्षम करना

उद्देश्य

  • वर्ष 2021 का शिखर सम्मेलन ‘बाजार मंे सुधार को मजबूत करने और प्रवासी कामगारों एवं उनके समुदायों के लचीलेपन में सुधार करने हेतु प्रेषण की भूमिका पर केंद्रित है।
  • यह शिखर सम्मेलन प्रवासियों व उनके परिवारों के लिए डिजिटल व वित्तीय समावेशन से संबंधित व्यावहारिक रणनीतियों और तंत्रों को साझा करने के लिए एक बहु-हितधारक मंच है।

प्रेषण और वैश्विक परिदृश्य

  • प्रेषण (Remittance) से तात्पर्य किसी प्रवासी कर्मचारी या प्रवासी सदस्य द्वारा अपने मूल देश में धन या सामान का गैर-व्यावसायिक हस्तांतरण है।
  • भारत ‘प्रेषण के अंतर्वाह (Remittance Inflow) के मामले में पिछले वर्ष के मुकाबले 0.2 % की मामूली कमी के बावजूद वर्ष 2020 में भी प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
  • भारत में प्रेषण अंतर्वाह में कमी का प्रमुख कारण संयुक्त अरब अमीरात से प्रेषण में 17 प्रतिशत की गिरावट है।
  • उल्‍लेखनीय है कि भारत वर्ष 2008 के बाद से लगातार सबसे बड़ा प्रेषण प्राप्तकर्ता बना हुआ है।
  • वर्ष 2020 में वैश्विक प्रेषण अंतर्वाह के मामले में चीन दूसरे व मैक्सिकों तीसरे स्थान पर है।
  • प्रेषण बहिर्वाह (Remittance Outflow) के मामले में अमेरिका प्रथम संयुक्त अरब अमीरात द्वितीय व सऊदी अरब तृतीय स्थान पर हैं। (सभी आंकड़े विश्व बैंक से)

संकलन-अभिषेक शुक्‍ला


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