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Post at: Jul 13 2021

विधि वक्तव्य और CBI निदेशक की नियुक्ति

वर्तमान संदर्भ-

  • 25 मई 2021 को केंद्र सरकार ने ‘‘सुबोध कुमार जायसवाल’’ को 2 वर्ष के कार्यकाल के लिए ‘‘केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो’’ (Central Bureau of Investigation : CBI) का निदेशक नियुक्त किया है।
  • ये ऋषि कुमार शुक्‍ला का स्थान लेंगे जिन्होंने 3 फरवरी 2021 को अपना 2 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण किया था।
  • CBI के निदेशक की नियुक्ति ‘‘दिल्‍ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946’’ की धारा 4A के तहत की जाती है।

महत्वपूर्ण बिंदु
(1) नियुक्ति समिति :
(i) केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश पर CBI के निदेशक की नियुक्ति की जाती है।
(ii) तीन सदस्यीय समिति में प्रधानमंत्री के अलावा लोक सभा में सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित सर्वोच्‍च न्यायालय (SC) का न्यायाधीश सदस्य के रूप में शामिल होते हैं।
(2) विधि वक्तव्य (Statement of Law) br>(i) प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली समिति में शामिल, भारत के मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमण (48वें) ने अपनी राय रखते हुए कहा कि CBI निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए 6 महीने से कम अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों के चयन से बचना चाहिए।

  • मुख्य न्यायाधीश (CJI) के अनुसार, समिति द्वारा अधिकारियों के चयन को ‘‘भविष्य में कानून द्वारा की जाने वाली जांच’’ का सामना करने में सक्षम होना चाहिए।

(ii) मुख्य न्यायाधीश (CJI) के उक्त राय को एक स्पष्ट ‘‘विधि वक्तव्य’’ (Statement of Law) कहा जा रहा है।

(3) मुख्य न्यायाधीश के उक्त राय के निहितार्थ :-

  • भारत के मुख्य न्‍यायाधीश (CJI) ने अपनी राय वर्ष 2019 के ‘‘प्रकाश सिंह मामला’’ के संदर्भ में SC के आदेश के आधार पर अपनी राय व्यक्त की है।
  • उक्त राय पर प्रधानमंत्री सहित अन्य दोनों सदस्य सहमत हुए हैं।
  • इसका तात्पर्य है कि जिन संवेदनशील पदों पर पदधारक के रूप में साफ चरित्र, ईमानदार और पेशेवर व्यक्तियों को नियुक्त करने के लिए केंद्र सरकार काे पहले जो विवेकाधिकार प्राप्‍त था, वह सुबोध कुमार जायसवाल के चयन के बाद सीमित हो जाएगा।
  • चंूकि जिन अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने में मात्र कुछ दिन शेष होते हैं, ऐसी संभावना होती है कि वे असुरक्षित मनोदशा में हो सकते हैं।

(4) उक्त संबंध मंे सर्वोच्‍च न्‍यायालय के विचार और निर्णय
(i) ‍प्रकाश सिंह मामला- (2006)

  • सुप्रीम कोर्ट (SC) ने DGP की नियुक्ति से संबंधित प्रकाश सिंह मामले में मार्च, 2019 के आदेश के माध्यम से ‘‘छह महीने का न्यूनतम शेष कार्यकाल’’ (Six – Month Minimum Residual Tenure) का नियम प्रारंभ किया।
  • बाद में, CBI निदेशक की नियुक्ति को भी इस नियम के अंतर्गत लाया गया था।

(ii) भारत संघ बनाम सी. दिनाकर, 2001

  • सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने माना है कि ‘‘आमतौर पर CBI निदेशक की सेवानिवृत्ति की तिथि पर सेवा में सबसे वरिष्ठ चार बेंचों के IPS अधिकारी, CBI निदेशक के पद नियुक्ति के लिए विचार हेतु पात्र होंगे, भले ही उनके नाम चयन सूची में शामिल हों अथवा न हों।’’

(iii) विनीत नारायण मामले में 1998 का निर्णय-

  • CBI निदेशक, न्यूनतम दो वर्ष के लिए पद धारण करेगा।
  • एक उच्‍चस्तरीय समिति की पूर्व सहमति के बिना उसका तबादला नहीं किया जा सकता है।

(4) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के बारे में-

(i) CBI की स्थापना वर्ष 1 अप्रैल 1963 को गृह मंत्रालय के एक संकल्प के द्वारा हुई। बाद में इसे ‘‘कार्मिक मंत्रालय’’ को स्थानांतरित कर दिया गया।

  • वर्तमान में, CBI ‘‘कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय’’ के ‘‘कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग’’ (DoPT) के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है।

(ii) CBI की स्थापना की अनुशंसा भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए गठित संथानम समिति (1962-1964) ने की थी।

Note: संथानम समिति की सिफारिश पर ही ‘‘केंद्रीय सर्तकता आयोग’’ (Central Vigilance Commission- CVC) का गठन हुआ था।

(iii) CBI एक वैधानिक संस्था/निकाय नहीं है। यह ‘‘दिल्‍ली विशेष पुलिस अधिष्ठान अधिनियम, 1946’’ से अपनी शक्तियां प्राप्‍त करता है।
(iv) आदर्श वाक्य : ‘‘उद्यम, निष्पक्षता तथा ईमानदारी’’।

(v) कार्य (Functions) –

  • CBI भारत सरकार की एक बहु-अनुशासनिक अनुसंधान एजेंसी है, जो भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध तथा पारंपरिक अपराधों के अन्वेषण (Investigation) के मामले देखती है।
  • सामान्यत: यह केंद्र सरकार, केंद्रशासित प्रदेशों तथा उनके लोक उद्यमों के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के अन्वेषण तक अपने को सीमित रखती है।
  • यह हत्या, अपहरण, बलात्कार आदि जैसे गंभीर अपराधों के मामले भी राज्य सरकारों द्वारा संदर्भित किए जाने पर अन्वेषण करती है।
  • ऐसे मामले सर्वोच्‍च न्यायालय द्वारा निर्देश प्राप्‍त होने पर भी अन्वेषण करती है।
  • यह केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और ‘लोकपाल’ को भी सहायता प्रदान करती है।
  • CBI भारत में नोडल पुलिस एजेंसी भी है, जो इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में कार्य करती है तथा इंटरपोल सदस्य देशों की ओर से जांच का समन्वय करती है।
  • पुलिस बल को नेतृत्व तथा दिशा-निर्देश देना तथा कानून लागू करने में अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना।

(vi) CBI की निम्नलििखत शखाएं हैं-
(1) भ्रष्टाचार निरोधक शाखा
(2) आर्थिक अपराध शाखा
(3) विशेष अपराध शाखा
(4) नीतिगत एवं अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग शाखा
(5) प्रशासनिक शाखा
(6) अभियोग निदेशालय
(7) केंद्रीय-फॉरेसिंक विज्ञान प्रयोगशाला

(vii) संगठन

  • CBI का प्रमुख : निदेशक
  • सहयोग के लिए विशेष निदेशक अथवा अतिरिक्त निदेशक होता है।
  • CBI निदेशक पुलिस महानिरीक्षक के रूप में, जबकि दिल्‍ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान ’’ CBI के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है।

(viii) कार्यकाल-

  • CBI के निदेशक को CVC अधिनियम, 2003 द्वारा 2 वर्ष के कार्यकाल की सुरक्षा प्रदान की गई है।

(ix) नियुक्ति
(1) लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम (2013) ने ‘‘दिल्‍ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम (1946)’’ में संशोधन किया, जिसके अनुसार CBI के निदेशक की नियुक्ति, केंद्र सरकार द्वारा तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश पर की जाएगी।
(2) ‘‘दिल्‍ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) अधिनियम, 2014’’ द्वारा CBI के निदेशक की नियुक्ति से संबंधित समिति की संरचना में बदलाव किया गया।

  • लोक सभा में विपक्ष का कोई मान्यता प्राप्‍त नेता नहीं होने की स्थिति में लोक सभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को चयन समिति में शामिल किया जाएगा।

Note : CBI अकादमी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में अवस्थित है।

  • इसने वर्ष 1996 से कार्य आरंभ किया।
  • कोलकाता, मुंबई तथा चेन्‍नई में तीन क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र भी कार्यरत हैं।

सं. शिशिर अशोक सिंह


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DS

13 Jul 2021

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