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Post at: Jul 13 2021

न्‍यू अंब्रेला एंटिटी और रिजर्व बैंक

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • अप्रैल, 2021 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घोषणा की, कि वह न्यू अंब्रेला एंटिटी (New Umbrela Entity) पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण स्थापित करने के पक्ष में नहीं है।
  • NUEs की घोषणा RBI ने पिछले वर्ष अगस्त में की थी।

मुख्य बिन्दु

  • RBI का कहना है कि NUEs का नियंत्रण, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payments Corporation of India : NPCI) जैसी एजेंसियों के पास हो तथा ये एजेंसियां अपना क्षेत्र बढ़ाएं।
  • RBI द्वारा इस तरह की घोषणा के पीछे तर्क है कि उसके पास विशाल मानव-शक्ति का अभाव है।
  • RBI ने घोषणा की, कि वह NUEs के विनिमय पहलू को निगरानी में रखेगा, परंतु दैनिक निगरानी से वह स्वयं को दूर रखना चाहता है।

न्यू अंब्रेला एंटिटी (NUEs)

  • यह एक गैर-लाभकारी इकाई है, जो स्थापित नई भुगतान प्रणालियों का प्रबंधन और संचालन करेगी।
  • ऐसी इकाईयाँ कम्पनी अधिनियम 2013 के तहत निगमित कंपनी होगी।
  • NUEs (New Umbrella Entities) का उद्देश्य है, कि देश में ज्यादा से ज्यादा डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिल सके।
  • NUEs का मुख्य कार्य व्हाइट-लेबल पीओएस, एटीएम (ATMs); आधार-आधारित भुगतान आदि का नियमन एवं प्रबंधन करना है।

  • NUEs की संरचना
  • न्यू अंब्रेला एंटिटी के पास न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी होगी।
  • NUEs को हर समय न्यूनतम शुल्क मूल्य 300 करोड़ रुपये रखना होगा।
  • NUEs का नियंत्रण एवं स्वामित्व भारत के नागरिक को ही प्राप्‍त होगा।
  • NUEs केंद्र प्रमोटर के पास भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
  • जब तक विदेशी निवेशक NUEs के दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं, तब तक उन्हें NUEs में निवेश करने की अनुमति है।

NUEs की आवश्यकता

  • भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा UPI, Rupay, Fastag आदि का संचालन किया जा रहा है।
  • NPCI भारत में सभी खुदरा भुगतान प्रणालियों का प्रबंधन करने वाली एकमात्र इकाई है।
  • प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना।

सं. प्रशांत सिंह


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