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Post at: Jul 10 2021

अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा सूचकांक, 2021

बौद्धिक संपदा

  • बौद्धिक संपदा (Intellectual Property: IP), ऐसी संपदा है, जो बौद्धिक गुणों के व्यवहार द्वारा सृजित की जाती है। अर्थात् यह किसी व्यक्ति के बौद्धिक क्रियाकलापों का परिणाम होती है।
  • स्पष्ट है कि बौद्धिक संपदा, बुद्धिमत्ता द्वारा किए गए ऐसे सृजन (जैसे-आविष्कार, औद्योगिक डिजाइन, साहित्यिक, कलात्मक कार्य, पहचान चिह्न आदि)को इंगित करती है, जो अंतत : वाणिज्यिक प्रयोग में आते हैं।

बौद्धिक संपदा सूचकांक

  • विश्व के सबसे बड़े व्यापारिक संघ यू.एस.चैंबर ऑफ कॉमर्स (U.S. Chamber of Commerce) का ‘वैश्विक नवाचार नीति केंद्र’ (Global Innovation Policy Centre: GIPC) विश्वभर में बौद्धिक संपदा अधिकारों के समर्थन हेतु कार्यरत है, क्योंकि ये अधिकार नौकरियों के सृजन, जीवन-रक्षा, वैश्विक आर्थिक विकास को आगे ले जाने तथा वैश्विक चुनौतियों हेतु महत्वपूर्ण समाधान विकसित करने की दृष्टि से आवश्यक हैं।
  • इस संस्थान द्वारा अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा सूचकांक (International Intellectual Property Index: IIPI) वर्ष 2012 से जारी किया जा रहा है।

सूचकांक जारी करने का उद्देश्य

  • विभिन्‍न देशों के नीति-निर्माताओं को एक स्पष्ट रोडमैप उपलब्ध कराना, जिससे वे प्रभावी बौद्धिक संपदा प्रणाली का उपयोग कर बेहतर और मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण कर सकें।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 24 मार्च, 2021 को यू.एस. चैंबर ऑफ काॅमर्स के ‘वैश्विक नवाचार नीति केंद्र’ द्वारा ‘IIPI, 2021′ का 9वां वार्षिक संस्करण जारी किया गया।
  • इस सूचकांक में भारत को 40वां स्थान प्राप्त हुआ है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • सद्य: (नवीनतम ) सूचकांक में विश्व की 53 अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (Global GDP) के 90 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  • कोविड-19 की चुनौती के बावजूद भी IIPI, 2021 के अनुसार, 53 में से 32 अर्थव्यवस्थाओं में सकारात्मक सुधार हुआ है।
  • इस सूचकांक में 50 विभिन्‍न संकेतकों के आधार पर 53 देशों में बौद्धिक संपदा अवसंरचना का मूल्यांकन किया गया है।
  • उपर्युक्त 50 संकेतकों को नौ श्रेणियों में विभक्त किया गया है, जिनमें शामिल हैं-पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, डिजाइन अधिकार, व्यापार रहस्य, आइपी परिसंपत्तियों का व्यावसायीकरण, प्रवर्तन, प्रणालीगत दक्षता और अंतरराष्ट्रीय संधियों की सदस्यता एवं समर्थन।
  • ध्यातव्य है कि वर्ष 2020 के संस्करण (8वें) में 5 नए संकेतकों को जोड़ा गया था।
  • वर्ष 2020 के सूचकांक में भारत को 38.46 अंकों के साथ 40वां स्थान प्राप्त हुआ था।
  • वर्ष 2021 के सूचकांक में भारत ने 38.40 अंक हासिल किए हैं।

रैंकिंग,2021

शीर्ष 5 देश

अंतिम 5 देश

देश

स्कोर

स्थान

देश

स्कोर

स्थान

संयुक्त राज्य अमेरिका

95.31

1

वेनेजुएला

14.10

53

यूनाइटेड किंगडम

93.90

2

पाकिस्तान

26.43

52

जर्मनी

92.27

3

अल्जीरिया

26.45

51

फ्रांस

91.43

4

नाइजीरिया

27.43

50

जापान

91.12

5

कुवैत

27.86

49

भारत एवं ब्रिक्स देशों की स्थिति

  • वर्ष 2012 में जब प्रथम रिपोर्ट आई थी तब से लेकर अब तक चीन के अपने कुल स्कोर में जहां 18.34 प्रतिशत का सुधार किया है वहीं भारत ने इसमें 13.44 प्रतिशत का सुधार किया है।
  • भारत के अतिरिक्त अन्य ब्रिक्स (BRICS) देशों में चीन 24वें (54.86 अंक), रूस 31वें (46.58 अंक), ब्राजील 34वें (42.32 अंक) और दक्षिण अफ्रीका 44वें (36.61 अंक) स्थान पर है।
  • सद्य: सूचकांक में भारत के अतिरिक्त शामिल एक अन्य दक्षिण एशियाई (South-Asian) देश पाकिस्तान 52वें (26.43 अंक) स्थान पर हैं।
  • एशिया महाद्वीप के अन्य देशों में जापान 5वें (91.12), सिंगापुर 11वें (84.38 अंक), कोरिया (गणराज्य)12वें (83.73 अंक) और मलेशिया 27वें (51.61 अंक)स्थान पर है।

प्रभावशाली-बौद्बिक संपदा व्यवस्था वाली अर्थव्यवस्थाएं

  • उद्यम पूंजी (Venture Capital) और निजी इक्‍विटी को 38 प्रतिशत अधिक आकर्षित करती हैं।
  • दो गुना अधिक नवाचार उत्पादन होता है।
  • प्रति मिलियन आबादी पर 550 से अधिक उच्‍च मूल्य के पेटेंट का आविष्कार होता है।
  • वैज्ञानिक एवं तकनीकी पत्रिकाओं में 5 गुना अधिक ज्ञान प्रकाशित होता है।
  • 10 गुना अधिक नैदानिकी परीक्षण होते हैं।
  • वैधानिक एवं सुरक्षित माध्यम से 2 गुना अधिक नए एवं बेहतर संगीत तक पहुंच होती है।

कोविड-19 एवं बौद्धिक संपदा अधिकार

कोविड-19 के दौर मंे पर्याप्त बौद्धिक सुरक्षा संभव होने के कारण टीका एवं चिकित्सा विकास को अमेरिका एवं पूरी दुनिया में अभूतपूर्व गति प्राप्त हुई।

  • रिसर्च एंड मैन्युफैक्चर्स ऑफ अमेरिका (PhRMA) द्वारा वर्ष 2020 के अंत में प्रकाशित डाटा के अनुसार लगभग 1600 नैदानिकी परीक्षण कोविड-19 के उपचार एवं टीके के विकास हेतु जारी हुए।
  • लगभग 600 अद्वितीय कोविड-19 उपचारों का परीक्षण किया जा रहा है, जिसमें 145 टीके क्‍लिनिकल परीक्षण एवं 162 प्री क्‍लिनिकल परीक्षण में शामिल हैं।
  • सबसे महत्वपूर्ण दिसंबर, 2020 में दो टीकों, िपफाइजर बायोनटेक (Pfizer-BioNtech) मोडर्ना थेराप्यूटिक्स (Moderma Theropeutics) को आपातकालीन उपयोग हेतु अनुमति प्रदान कर दी गई, जिसका उपयोग उत्तरी अमेरिका, यूरोप एवं एशिया मंे किया जा रहा है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, अनिवार्य लाइसेंसिंग कानून से लेकर विश्व व्यापार संगठन के ट्रिप्स छूट तक, कुछ वैश्विक बाजार और बहुपक्षीय संस्थान प्रभावी चिकित्सीय और टीकों की खोज एवं वितरण मंे आईपी की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानने में विफल रहे हैं।

संकलन-आदित्य भारद्वाज


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