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Post at: Jul 10 2021

OECD आर्थिक परिदृश्य, 2021-भाग-I

वर्तमान संदर्भ-

  • 31 मई, 2021 को OECD (The Organisation for Economic Co-operation and Development) द्वारा आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट का प्रथम भाग प्रकाशित किया गया।
  • रिपोर्ट के अनुसार विश्व अर्थव्यवस्था क लिए संभावाएं उज्‍ज्‍वल हुई हैं परंतु यह कोई सामान्‍य सुधार नहीं है।

प्रमुख बिंदु

  • 2022 में विश्व सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  • परंतु वैश्विक आय अभी भी, वर्ष 2022 के अंत तक महामारी से पूर्व अनुमानित आम से 3 ट्रिलियन डॉलर कम रहेगी। जो फ्रांस की कुल अर्थव्यवस्था के बराबर है।
  • रिपोर्ट के अनुसार कुछ देश दूसरों की तुलाने में बहुत तेज सुधार कर रहे हैं जैसे दक्षिण कोरिया एवं अमेरिका 18 महीने बाद पुन: महामारी के पूर्व प्रतिव्यक्ति आय के स्तर तक पहुंच रहे हैं।
  • वहीं यूरोप के अधिकांश हिस्सों को ठीक होने में लगभग 3 वर्ष लगने की उम्मीद है।
  • मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका को ठीक होने में 3 से 5 वर्ष लग सकते हैं।
  • चीन में उत्पादन संकट पूर्व की स्थिति में आ चुका है और 2021 और 2022 में वह इसी स्थिति में बना रहेगा।

रिपोर्ट में प्रकाशित महत्वपूर्ण आंकड़े

वास्तविक जीडीपी विकास दर

औसत

2013-2019

2019

2020

2021

प्रतिशत

2022

2020

Q4

2021

Q4

2022

Q4

विश्व

3.3

2.7

-3.5

5.8

4.4

-0.9

4.4

3.4

G20

3.5

2.8

-3.1

6.3

4.7

-0.4

5.0

3.4

OECD

2.2

1.6

-4.8

5.3

3.8

-2.9

5.1

2.4

सं.रा. अमेरिका

2.5

2.2

-3.5

6.9

3.6

-2.4

7.4

1.5

यूरो जोन

1.8

1.3

-6.7

4.3

4.4

-4.7

4.6

2.9

जापान

0.8

0.0

-4.7

2.6

2.0

-1.0

1.4

1.2

गैर OECD

4.3

3.7

-2.3

6.2

4.9

0.9

3.8

4.2

चीन

6.8

6.0

2.3

8.5

5.8

5.7

5.9

5.2

भारत

6.8

4.0

-7.7

9.9

8.2

ब्राजील

-0.3

1.4

-4.1

3.7

2.5

बेरोजगारी दर

6.5

5.4

7.1

6.5

6.0

6.9

6.4

5.7

मुद्रा स्फीति

1.7

1.9

1.5

2.7

2.4

1.4

3.1

2.4

वित्तीय संतुलन

-3.2

-3.1

-10.8

-10.1

-6.0

विश्व वास्तविक व्यापार विकास दर

3.4

1.3

-8.5

8.2

5.8

-4.7

6.4

4.8

भारत से संबंधित तथ्य

  • 2020 के विशाल सकल घरेलू उत्पाद संकुचन के बाद एवं 2022 में गिरावट से पहले, उपभोक्ता और निवेश वस्तुओं की मांग में वृिद्ध के फलस्वरूप 2021में आर्थिक विकास मंे तीव्र वृद्धि की संभावना है।
  • परंतु फरवरी, 2021 में संक्रमण में नाटकीय वृद्धि ने शुरुआती आर्थिक तीव्रता को कमजोर कर दिया है जिससे काॅर्पोरेट्स और बैंकों के वित्तीय संकट में वृिद्ध की संभावना है।
  • जैसे-जैसे वायरस फैल रहा है और लॉकडाउन बढ़ा है अप्रैल, जून तिमाही में उल्‍लेखनीय मंदी संभावित है। हालांकि समग्र वार्षिक प्रभाव मौन रहने की संभावना है।
  • थोक और खुदरा मुद्रास्फीति दरें ऊंची बनी हुई हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक की लक्ष्य सीमा के भीतर हैं।

भारत: मांग, उत्पादन एवं मूल्य

 

 

2017

2018

2019

2020

2021

2022

भारत

वर्तमान मूल्य

ट्रिलिमन रुपये में

प्रतिशत परिणाम

2011/2012

मूल्य  पर

 

 

बाजार मूल्य पर जीडीपी

170.9

6.5

4.0

-7.7

9.9

8.2

निजी उपभोग

100.4

7.6

5.5

-10.5

9.3

7.0

सरकार उपभोग

18.4

6.3

7.9

-1.9

9.8

3.9

कुल निश्चित पूंजी निर्माण

48.2

9.9

5.4

-14.0

16.3

16.4

अंतिम घरेलू मांग

166.9

8.1

5.8

-10.7

11.2

9.3

स्टॉक बिल्डिंग

9.4

0.4

-0.7

-1.1

0.0

0.0

कुल घरेलू मांग

176.3

5.9

4.4

-9.8

12.2

9.6

वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात

32.1

12.3

-3.3

-6.9

14.9

6.5

वस्तुओं एवं सेवाओं का आयात

37.5

8.6

-0.8

-16.5

25.7

13.0

शुद्ध  निर्यात

-5.4

0.4

-0.5

2.4

-2.4

-1.7

ज्ञापन मद

जीडीपी डिफ्‍लेटर

3.7

3.6

3.6

3.9

5.2

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

3.4

4.8

6.5

5.4

4.8

थोक मूल्य सूचकांक

4.3

1.7

0.6

4.0

3.7

सामान्य सरकार  वित्तीय संतुलन जीडीपी में

-5.5

-6.5

-10.0

-96

-7.0

चालू खाता शेष जीडीपी में

-2.1

-0.9

1.4

-0.4

-1.4

सुझाव

  • कोविड-19 से गरीबों को जो नुकसान हो रहा है, वह उन नीतियों को प्राथमिकता देना आवश्यक बनाता है जो निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि करें।
  • बैकिंग क्षेत्र की स्थिति नाजुक बनी हुई है हालांकि एक परिसंपत्ति वसूली कंपनी बनाने का प्रस्ताव और दो सार्वजनिक बैंकों के नियोजित निजीकरण ने सुधारों के लिए प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है।
  • स्वस्थ विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति को आने वाली अवधि में किसी भी संभावित बाहरी झटके से निपटने के लिए पर्याप्‍त अफर प्रदान करना चाहिए।
  • महामारी के अन्य नकारात्मक परिणाम स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में वृद्धि, बच्‍चों में कुपोषण का बढ़ना आदि है।

सं. मनीष प्रियदर्शी


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