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Post at: Jul 02 2021

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‌यूट और वर्तमान संदर्भ

चर्चा में क्‍यों ?

  • हाल ही में वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‍यूट (सिपरी) द्वारा ‘वैश्विक हथियार हस्तांतरण’ रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2011-15 और 2016-20 के बीच हथियारों के आयात में 33 फीसदी की कमी आई है।

प्रमुख बिंदु
भारत का आयात :

  • SIPRI की इस रिपोर्ट के अनुसार, हथियारों की जटिल खरीद प्रक्रिया और रूसी हथियारों पर निर्भरता कम होने के कारण भारतीय हथियार के आयात में कमी देखी जा रही है।
  • भारत विश्व में हथियारों का सऊदी अरब के बाद दूसरा सबसे बड़ा आयातक है।
  • रूस, वर्ष 2011-15 और वर्ष 2016-20 दोनों अवधि में भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता देश है, किंतु हथियारों के आयात में रूस की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से गिरकार 49% हो गई है।
  • हथियारों की आपूर्ति में अमेरिका चौथे स्थान (2016-20) पर था, जबकि वर्ष 2011-15 में दूसरे स्थान पर था।
  • वर्ष 2016-20 के दौरान भारत को हथियार आपूर्ति करने वाले देशों में फ्रांस वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर तथा इस्राइल 82 प्रतिशत वृद्धि के साथ तीसरे स्थान पर है।
  • रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016-20 के दौरान भारत के शीर्ष तीन हथियार आपूर्तिकर्ता देश रूस (49%), फ्रांस (18%) और इस्राइल (13%) हैं।

भारत का निर्यात :

  • उल्‍लेखित है कि वर्ष 2016-20 के दौरान भारत के पास वैश्विक हथियारों के निर्यात में 0.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी, और भारत विश्व में हथियारों का 24वां सबसे बड़ा निर्यातक है।
  • वर्ष 2011-15 की तुलना में निर्यात में 200 प्रतिशत वृद्धि दृष्टिगोचर होती है।  भारत से शीर्ष हथियार प्राप्तकर्ता देश म्यांमार, श्रीलंका और मॉरीशस थे।

अंतरराष्ट्रीय हस्तांतरण :

  • वर्ष 2016-20 के कालखंड में सबसे बड़े आयातक सऊदी अरब, भारत, मिस्र, आॅस्ट्रेलिया और चीन हैं।
  • जबकि वर्ष 2016-20 के दौरान विश्व के पांच सबसे बड़े हथियार निर्यातक देश अमेरिका, रूस , फ्रांस , जर्मनी और चीन थे।
  • भारत हथियार क्षेत्र में सबसे ज्यादा आयात रूस से करता है, इसलिए रूस पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। वर्ष 2016-20 के दौरान रूस का हथियार निर्यात 22 प्रतिशत गिर गया है।
  • वर्तमान परिदृश्य में विश्व में हथियारों के सबसे बड़े निर्यातक अमेरिका का निर्यात बढ़ा है। वर्ष 2011-15 और 2016-20 में अमेरिका का निर्यात में ग्लोबल शेयर 32 प्रतिशत से 37 प्रतिशत बढ़ गया है।

भारत के आयात में कमी के कारण

  • भारत ने पिछले कुछ वर्षों में घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों को अपनाया है, जिससे सैन्‍य साजो-सामान के आयात पर निर्भरता कम हो सके।
  • ज्ञातव्य है कि भारत सरकार आत्मनिर्भर अभियान के तहत घरेलू रक्षा उत्‍पादन के बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वर्ष 2025 तक 1.75 लाख करोड़ रुपये के रक्षा कारोबार का लक्ष्य रखा है।
  • भारतीय हथियारों के आयात में गिरावट मुख्य रूप से जटिल खरीद प्रक्रियाओं के कारण आई है, जो रूसी हथियारों पर निर्भरता को कम करने के प्रयास से जुड़ा है।
  • सरकार ने 101 रक्षा उत्‍पादों की एक नकारात्‍मक आयात सूची की घोषणा की थी और घरेलू प्‍लेटफाॅर्म इस नकारात्‍मक सूची में शामिल वस्तुओं के निर्माण का अवसर प्रदान करेगा।

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‌यूट

  • स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‌यूट, 1966 में स्थापित एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्थान है।
  • युद्ध तथा संघर्ष युद्धक सामग्रियों ,हथियार नियंत्रण निरस्रीकरण के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य करती है और इनसे संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराती है।
  • इसका मुख्यालय स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में स्थित है।

विकास प्रताप सिंह


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