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गतिशील भूजल संसाधन आकलन रिपोर्ट, 2022

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 9 नवंबर, 2022 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने गतिशील भूजल संसाधन आकलन रिपोर्ट, 2022 जारी किया।
  • यह रिपोर्ट केंद्रीय भूजल बोर्ड और राज्यों के भूजल विभागों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई है।
  • यह इस रिपोर्ट का 9वां संस्करण है। 
  • पहला संस्करण वर्ष 1980 में प्रकाशित हुआ था।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • रिपोर्ट के अनुसार, भूजल पुनर्भरण में सुधार के संकेत मिले हैं।
  • कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण 437.60 बिलियन क्यूबिक मीटर है।

भारत में भूजल संसाधन और निष्कर्षण परिदृश्य, 2022

  • कुल वार्षिक भूजल निकासी 239.16 बिलियन क्‍यूबिक मीटर है।
  • वर्ष 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, वार्षिक पुनर्भरण 436 बिलियन क्‍यूबिक मीटर तथा भूजल निकासी 245 बिलियन क्यूबिक मीटर था।
  • वर्ष 2022 के आकलन से ज्ञात हुआ है, कि भूजल निकासी वर्ष 2004 के बाद से सबसे कम (239.16) है, जो वर्ष 2004 में 231 बिलियन क्‍यूबिक मीटर था।
  • देश की कुल 7089 मूल्‍यांकित इकाइयों में से 1006 इकाइयों को अतिदोहित इकाइयों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • वर्ष 2020 में 6965 इकाइयों का मूल्यांकन किया गया था।
  • देश में भूजल निकासी का स्तर 60.08 %  है।

भारत में वर्षा परिदृश्य

  • भारत में वार्षिक वर्षा का 75%  से अधिक केवल 4 महीनों ‘जून से सितंबर’ के मध्य होती है।
  • भारत में औसत वर्षा 119 सेमी. है ; किंतु इसमें स्थानिक भिन्‍नता पाई जाती है।
  • पश्चिमी घाट क्षेत्र, उत्तर-पूर्व में स्थित उप-हिमालयी क्षेत्र ओर मेघालय की पहाड़ियों में कुल वार्षिक वर्षा  250 सेमी. से अधिक होती है। 
  • जबकि उत्तरी कश्मीर एवं पश्चिमी राजस्थान  में वर्षा 40 सेमी. से कम होती है।

उत्तर प्रदेश की स्थिति

  • उत्तर प्रदेश को 5 विशिष्ट हाइड्रो जियाेलॉजिकल इकाइयों में वर्गीकृत किया गया है।
  • ये इकाइयां - भाबर, तराई, मध्य गंगा का मैदान, सीमांत जलोढ़ मैदान तथा दक्षिणी कठोर चट्टान क्षेत्र हैं।
  • प्रदेश का कुल वार्षिक पुनर्भरण 71.45 बिलियन क्‍यूबिक मीटर है।
  • प्रदेश का कुल वार्षिक निकासी योग्य भूजल संसाधन 65.30 बिलियन क्‍यूबिक मीटर है। 
  • प्रदेश का कुल भूजल निकासी 46.16 बिलियन क्‍यूबिक मीटर है।
  • इस आकलन में प्रदेश की 836 इकाइयों का मूल्यांकन किया गया है।

 

संकलन- अशोक कुमार तिवारी
 

 


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