Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Sep 30 2022

देश का पहला ’डुगोंग संरक्षण रिजर्व’

डुगोंग (Dugong)

  • डुगोंग एक शाकाहारी स्तनपायी जलीय जीव है। 
  • इसे ’समुद्री गाय’ (Sea Cow) के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसका वैज्ञानिक नाम ’डुगोंग डुगोन’ (Dugong Dugon) है।
  • इनकी लंबाई तीन मीटर तक हो सकती है‚ एवं इनका वजन लगभग 300 किलोग्राम होता है।
  • आहार के रूप में ये समुद्री घास खाते हैं एवं सांस लेने हेतु सतह पर आते हैं।
  • डुगोंग समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

पर्यावास

  • वर्तमान में डुगोंग 30 से अधिक देशों में पाए जाते हैं।
  • भारतीय वन्यजीव संस्थान के अनुसार‚ डुगोंग भारत में मन्नार की खाड़ी‚ पाक की खाड़ी‚ कच्छ की खाड़ी तथा अण्डमान एवं निकोबार में पाए जाते हैं। 
  • भारत में लगभग 240 डुगोंग मौजूद हैं‚ जिनमें अधिकांश तमिलनाडु तट (पाक की खाड़ी) में पाए जाते हैं।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 21 सितंबर‚ 2022 को तमिलनाडु सरकार द्वारा देश के पहले ’डुगोंग संरक्षण रिजर्व’ (Dugong Conservation Reserve : DCR) को स्थापित किया गया।
  • विदित हो कि 3 सितंबर‚ 2021 को राज्य सरकार ने इस रिजर्व की स्थापना की घोषणा की थी।

विस्तार

  • यह रिजर्व 448 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र के साथ तंजावुर Thanjavur) और पुदुकोट्टई (Pudukkottai) जिलों के तटीय जल को आच्छादित करता है।

संरक्षण की स्थिति

  • डुगोंग‚ अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा जारी की जाने वाली लाल सूची में सुभेद्य (Vulnerable) श्रेणी के अंतर्गत शामिल है।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह CITES की परिशिष्ट-1 में सूचीबद्ध है‚ जो प्रजातियों और उसके अंगों के व्यापार को प्रतिबंधित करता है।
  • वहीं‚ भारत में ’भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम‚ 1972’ की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित है।
  • जो डुगोंग के शिकार और मांस खरीद पर प्रतिबंध लगाता है।

संरक्षण से लाभ

  • डुगोंग के संरक्षण से ’समुद्री घास के बिस्तरों’ (Sea grass beds) को बचाने और सुधारने में सहायता प्राप्त होगी। 
  • इसके साथ ही अधिक वायुमण्डलीय कार्बन को अलग करने में मदद मिलेगी।
  • विदित है‚ कि समुद्री घास के बिस्तर व्यावसायिक रूप से मूल्यवान मछलियों और समुद्री जीवों (Marine Fauna) के प्रजनन और भोजन के मैदान भी हैं

संकलन - आदित्य भारद्वाज


Comments
List view
Grid view

Current News List