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मिशन आधारित एकीकृत जैव परिशोधन की रूपरेखा

मिशन आधारित एकीकृत जैवपरिशोधन
मिशन आधारित एकीकृत जैव परिशोधन, मिशन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और सहयोग का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करता है। जैव आधारित सतत ईंधन, रसायन और सामग्री (एसएफसीएम) के विकास का समर्थन करते हैं, जो कि ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने (2030 तक 10% जीवाश्म-आधारित ईंधन, रसायन और सामग्री को जैव आधारित विकल्पों के साथ बदलने का लक्ष्य), आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन और विविधीकरण में सुधार के लिए आवश्यक हो,और शुद्ध-शून्य अर्थव्यवस्था के लिए वैश्विक संक्रमण का समर्थन करते हैं।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 23 सितंबर‚ 2022 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने “ मिशन आधारित एकीकृत जैव परिशोधन की नवोन्मेषी रूपरेखा”(Innovation Roadmap of the Mission Integrated Biorefineries) की घोषणा की।
  • यह घोषणा उन्होंने अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित पिट्सबर्ग में आयोजित वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा कार्यवाही मंच (Global Clean Energy Action Forum) के दौरान की।
  • ध्यातव्य है, कि 21-23 सितंबर, 2022 के मध्य अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित पिट्सबर्ग में वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा कार्यवाही मंच के  सातवें मिशन इनोवेशन और 13वें क्‍लीन एनर्जी मिनिस्टीरियल, 2022 का संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया गया है।
  • यह रूपरेखा ब्राजील, कनाडा, ईसी (European Commission) और यू.के. से मिले नतीजों और निष्कर्षों के आधार पर विकसित। 

पृष्ठभूमि

  • 4 अप्रैल, 2022 को केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सार्वजनिक-निजी समझौते के जरिए ’मिशन इंटीग्रेटेड बायो-रिफाइनरी’  को पूरी तरह से चालू किया था।
  • यह मिशन भारत ने नीदरलैण्ड्स के साथ मिलकर शुरू किया है।
  • ध्यातव्य है, कि ’मिशन इंटीग्रेटेड बायो-रिफाइनरी’ का संपूर्ण शुभारंभ नवंबर, 2021 में किया गया था।
  • इसका उद्देश्य उभरते सहयोगात्मक कार्यों के माध्यम से उभरते हुए स्वच्छ ऊर्जा समाधानों में वैश्विक विश्वास को बढ़ावा देना है।
  • मिशन इंटीग्रेटेड बायो-रिफाइनरी कम कार्बन वाले भविष्य के लिए अक्षय ईंधन, रसायन और सामग्री के लिए नवाचार में तेजी लाने के लिए देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, कॉर्पोरेट क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक समाज की एक गतिशील और परिणाम-उन्मुख साझेदारी को एकजुट करती है।

मिशन आधारित एकीकृत जैव परिशोधन रूपरेखा के महत्वपूर्ण बिंदु

  1. कार्यशालाओं के माध्यम से अनुसंधान, डिजाइन और विकास (आरडी एण्ड डी) के लिए समर्थन में सुधार करना साथ ही जैव शोधन प्रौद्योगिकियों और रूपांतरण प्रक्रियाओं के लिए प्रमुख चुनौतियों और समाधानों की पहचान करना;
  2. सह-प्रसंस्करण में सुधार के लिए बायोमास फीडस्टॉक और एण्डप्रोडक्ट के नए उपयोगों पर आरडी एण्ड डी का समर्थन करने के लिए एक शोध पहल का विकास करना;
  3. मौजूदा पायलट में ऊर्जा दक्षता और/या रूपांतरण प्रक्रिया दक्षता का समर्थन करना और प्रौद्योगिकी के समर्थन के लिए प्रदर्शन संयंत्र, तकनीकी व्यवहार्यता का प्रदर्शन, और लागत-कटौती के साथ परियोजनाओं के व्यावसायीकरण के प्रयासों का समर्थन करना;
  4. उद्योग के लिए प्रशासनिक बोझ और अधिक आसानी से वाणिज्यिक के लिए संक्रमण की सुविधा कम करने के लिए घरेलू बायो-रिफाइनिंग कानून और विनियमों की समीक्षा और तुलना करना;
  5. उद्योग के सहयोग से एक एकीकृत बायो-रिफाइनरी व्यवसाय योजना/ढांचे का विकास करना व्यवसाय मॉडल प्रकारों के बारे में जागरूकता में सुधार करके, जोखिम भरे निवेशों में मदद करके, और नए पायलटों और प्रदर्शनों को सक्षम करके व्यावसायीकरण को तेजी से ट्रैक करना;
  6. बायो-रिफाइनिंग प्रक्रियाओं, प्रौद्योगिकी का समर्थन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानकों का विकास करना;
  7. अंतिम उत्पादों में उपभोक्ता और निवेशकों के विश्वास में सुधार के लिए बायो-रिफाइनिंग प्रक्रियाओं और अंतिम उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्थिरता मानदण्ड विकसित करना;
  8. बायो-रिफाइनरियों के लिए जीवन-चक्र विश्लेषण (एलसीए) पद्धति का विकास और सामंजस्य बनाना साथ ही ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन रिपोर्टिंग और बायोरिफाइनिंग प्रक्रियाओं के बीच तुलना में सुधार करना।

संकलन-मनीष प्रियदर्शी
 


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