Contact Us - 9792276999 | 9838932888
Timing : 12:00 Noon to 20:00 PM (Mon to Fri)
Email - ssgcpl@gmail.com
|
|

Post at: Sep 27 2022

भारत बना विद्युत आधिक्य राष्ट्र

पृष्ठभूमि

  • वर्तमान केंद्र सरकार का विजन है, भारत को प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना। इस कड़ी में भारत को ऊर्जा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए वर्ष 2014 से अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं।
  • सरकार ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को भी आमंत्रित कर रही है, जिससे बिजली के उत्पादन में वृद्धि हो।
  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की लोड जनरेशन बैलेंसिग रिपोर्ट-
  • वित्तीय वर्ष 2017-18 में विद्युत आपूर्ति में प्रतिशत कमी = 2.1%
  •  वित्तीय वर्ष 2018-19 में विद्युत की कुल मांग 177.02 गीगावाॅट ; विद्युत आपूर्ति-175.52 गीगावाॅट; कमी-1.5 गीगावाॅट; विद्युत आपूर्ति में प्रतिशत कमी-0.84 % 
  •  वित्तीय वर्ष 2019-20 में मांग-169.46 गीगावाॅट; आपूर्ति -168.74 गीगावाॅट 
  • विद्युत आपूर्ति में कमी-
  •     0.42 %
  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की रिपोर्ट से यह पता चलता है, कि बिजली के उत्पादन में लागातार सुधार हो रहा है; अर्थात मांग और आपूर्ति में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है।
  • विद्युत आधिक्य का तात्पर्य -
  • विद्युत उत्पादन > मांग
  • इसके लिए सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं-

1. प्रधानमंत्री कुसुम योजना
2.सौभाग्य योजना (25 सितंबर, 2017)
3.दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (25 जुलाई, 2015)

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 13 सितंबर, 2022 को चार लाख मेगावाॅट से अधिक उत्पादित बिजली क्षमता के साथ भारत विद्युत अाधिक्य राष्ट्र बन गया।
  • केंद्र सरकार सतत विकास लक्ष्य, 2030 को ध्यान में रखते हुए कभी न समाप्‍त होने वाले ऊर्जा (अक्षय ऊर्जा) स्रोतों के द्वारा बिजली उत्पादन प्रतिशत को बढ़ा रहा है; अर्थात केंद्र अक्षय ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन पर जोर दे रहा है।
  • वर्तमान में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा राष्ट्र है, जो अक्षय ऊर्जा (सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा) से अपनी 40 प्रतिशत बिजली प्राप्त करता है।
  • वर्ष 2020 में अक्षय ऊर्जा द्वारा 51226 गीगावाॅट ऑवर विद्युत का उत्पादन होता था, जो वर्तमान में 138337 गीगावाॅट ऑवर हो गया।

 

  • 19 सितंबर, 2022 तक विद्युत उत्पादन की कुल स्थापित क्षमता-404132.95 मेगावाॅट है, जिसमे से- सौर ऊर्जा =57973.78 मेगावॉट =14.35% ; जैविक ऊर्जा =10682.36 मेगावॉट = 2.64% ; लघु पनबिजली परियोजनाएं=4887.90 मेगावॉट = 1.21%

पवन ऊर्जा =40893. 33 मेगावॉट = 10.12% ;
परमाणु ऊर्जा = 6780000 मेगावॉट =1.68%
जलविद्युत =46850.17 मेगावॉट =11.59%;
तापीय विद्युत = 236065042 मेगावॉट = 58.41%

  • 20 सितंबर, 2022 तक कुल स्थापित क्षमता में विभिन्‍न क्षेत्रकों का योगदान (404132.95) मेगावॉट 

केंद्रीय क्षेत्र = 99004.93 मेगावॉट =24.50%;
राज्य क्षेत्र = 104969.33 मेगावॉट = 25.97%;
निजी क्षेत्र = 200158.7 मेगावॉट = 49.53%

आगे की राह

  • भारत की भावी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने तथा विकास की गति को बनाए रखने के लिए देश की विद्युत उत्पादन क्षमता में अनवरत वृद्धि बनाए रखने  की आवश्यकता है।
  • वर्ष 2026-27 के अंत तक भारत की कुल स्थापित क्षमता 619066 मेगावॉट हो जाने का अनुमान है।
  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अद्यतन अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2029-30 तक भारत की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 817254 मेगावॉट हो जाएगी।
  • जिसमें से-
  •  कोयले से उत्पादन-266911 मेगावॉट
  • गैस से उत्पादन-25080 मेगावॉट
  • जलविद्युत = 71128 मेगावॉट
  • परमाणु ऊर्जा =18980 मेगावॉट
  •  नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत-435155 मेगावॉट

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण

  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (Central Electricity Authority of India) की स्थापना वर्ष 1975 में हुई।
  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के कार्य
  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के कार्य एवं कर्तव्य विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 73 के अधीन वर्णित हैं।
  • राष्ट्रीय विद्युत नीति और योजना निर्माण
  • जलविद्युत उत्पादन
  • सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति से संबंधित उपबंध
  • मीटरों आदि का प्रयोग
  • विनियम बनाने के लिए प्राधिकरण की शक्तियां।

 

अंतरराष्ट्रीय सोलर गठबंधन (ISA)

  • ISA का गठन CoP-21 के दौरान वर्ष 2015 में पेरिस, फ्रांस में हुआ था।
  • इसमें संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य हिस्सा ले सकते हैं।
  • 101वां राष्ट्र संयुक्त राज्य अमेरिका बना है।
  • 102वां सदस्य देश के रूप में एंटीगुआ और बारबुडा शामिल हुआ।
  • अब तक कुल 109 राष्ट्र इस पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
  • समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले अंतिम पांच देश हैं-नेपाल, नाॅर्वे, हंगरी, पनामा और और भूटान।
  • इसका मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है।
  • अक्षय ऊर्जा (Renewable-Energy)  को बढ़ावा देना इसका मुख्य उद्देश्य है।

संकलन-अतुल शुक्‍ला
 

 


Comments
List view
Grid view

Current News List