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Post at: Sep 27 2022

भारत का पहला लीथियम सेल निर्माण संयंत्र

लीथियम सेल

  • लीथियम आयन (Li-Ion) सेल वर्तमान विश्व में सबसे प्रमुख विद्युत रासायनिक ऊर्जा भण्डारण उपकरण हैं ; क्योंकि इनका उपयोग कई पैमानों पर कई अनुप्रयोगों में किया जाता है।
  • लीथियम आयन सेल का पहली बार वर्ष 2001 में अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में उपयोग किया गया था।
  • वाणिज्यिक लीथियम आयन सेल का उपयोग आमतौर पर पोर्टेबल उपकरणों को बिजली दने के लिए बैटरी निर्माण में किया जाता है।
  • वर्तमान में वाणिज्यिक लीथियम आयन सेल का उपयोग आमतौर पर ‘इलेक्ट्रिक वाहन,’ अंतरिक्ष के साथ-साथ पानी के नीचे के अनुप्रयोगों के लिए कस्टम बैटरी के निर्माण के लिए किया जाता है।
  • लीथियम आयन सेल तीन बुनियादी डिजाइनों में उपलब्ध है : बेलनाकार, प्रिज्मीय और पाउच।
  • लीथियम आयन सेल में प्रयुक्त इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) एक ज्वलनशील कार्बनिक विलायक है, जो एक अंतर्निहित सुरक्षा खतरा भी पैदा करता है, जिसे ‘थर्मल रनवे’ (Thermal Runway : TR) के रूप में जाना जाता है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 16 सितंबर, 2022 को इलेक्ट्राॅनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने भारत की पहली लीथियम सेल निर्माण सुविधा का दौरा किया।
  • यह संयंत्र आंध्र प्रदेश के तिरुपति में स्थापित किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 तक 300 अरब डाॅलर के इलेक्ट्राॅनिक्‍स विनिर्माण और निर्यात का लक्ष्य रखा गया है।
  • इसी लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में तिरुपति स्थित इलेक्ट्राॅनिक्स मैन्‍युफैक्‍चरिंग क्‍लस्टर (Electronics Manufacturing Cluster) में भारत के पहले लीथियम सेल विनिर्माण संयंत्र का निर्माण किया गया है।
  • संयंत्र का निर्माण चेन्‍नई स्थित मुनोथ इण्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा 165 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
  • ज्ञातव्य है, कि संयंत्र का निर्माण वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री द्वारा शहर में स्थापित दो इलेक्ट्राॅनिक्स विनिर्माण समूहों में से एक में स्थित है।

संयंत्र की विनिर्माण क्षमता

  • संयंत्र की स्थापित क्षमता 270 मेगावाॅट है और यह प्रतिदिन 10 ए.एच. (Ampere Hours; AH) क्षमता के 20,000 सेल का उत्पादन कर सकती है।
  • इन सेल का उपयोग पाॅवर बैंक में किया जाता है।
  • संयंत्र की सेल उत्पादन क्षमता भारत की वर्तमान आवश्यकताओं का लगभग 60 प्रतिशत होगी।
  • संयंत्र में अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्राॅनिक्स; जैसे मोबाइल फोन और सुनने योग्य उपकरणों के लिए सेल का उत्पादन किया जाएगा।
  • वर्तमान में भारत मुख्य रूप से चीन, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और हांगकांग से लीथियम आयन सेल की पूरी आवश्यकताओं का आयात करता है।

भारत में लीथियम परिदृश्य

  • हाल ही में परमाणु खनिज निदेशालय (Atomic Minirals Directorate)  द्वारा सर्वेक्षण में दक्षिणी कर्नाटक के माण्ड्‍या जिले में लीथियम का बड़ा भण्डार होने का अनुमान लगाया है।
  • राजस्थान, बिहार और आंध्र प्रदेश में भी संभावित भण्डार होने का अनुमान है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारत सरकार खनिज विदेश इण्डिया लिमिटेड (काबिल) द्वारा आॅस्ट्रेलिया के साथ लीथियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन को  बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है।
  • वाणिज्य विभाग के अनुसार,  भारत सरकार ने वर्ष 2020-21 में सर्वाधिक लीथियम का आयात हांगकांग से किया था।

    भारत द्वारा लीथियम का देशवार आयात :  शीर्ष तीन देश (वर्ष-2020-21)


    भारत द्वारा लीथियम आयन का देशवार आयात :  शीर्ष तीन देश (वर्ष-2020-21)


संकलन-पंकज तिवारी
 


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