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Post at: Sep 24 2022

ऊर्जा क्षेत्र की पीएसयू का खेलों के विकास के लिए ‘एनएसडीएफ’ के साथ समझौता

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 14 सितंबर, 2022 को राष्ट्रीय खेल विकास कोष (National Sports Development Funds) और युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) ने खेलों के विकास के लिए समझौता-ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किया।
  • यह समझौता विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले दो प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (National Thermal Power Corporation : NTPC) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (Rural Electrification Corporation : REC) के साथ किया गया।
  • केंद्रीय विद्युत और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह और केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर की उपस्थिति में हस्ताक्षर  किए गए। 

प्रमुख बिंदु

  • भारत में खेलों के विकास को बढ़ावा देने के लिए दोनों सार्वजनिक उपक्रमों ने राष्ट्रीय खेल विकास निधि को 215 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई।
  • जिसमें राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम ने अगले पांच वर्षों में तीरंदाजी के लिए 115 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई।
  • वहीं ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (REC), महिला हॉकी एथलेटिक्‍स और बॉक्सिंग के लिए तीन वर्षों में 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

वित्तीय सहयोग के कारण

  • इस सहयोग का कारण भारत में खेलों के व्यापक आधार और खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना।

उद्देश्य

  • प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव और मंच के साथ विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना।
  • वित्तीय सहायता का उद्देश्य खेलों के जमीनी स्तर पर विकास, पहचान की गई प्रतिभाओं के प्रशिक्षण, विशिष्ट प्रतिभाओं के प्रशिक्षण आदि के लिए किया जाएगा।

अन्य बिंदु

  • आर. के. सिंह का मानना है, कि इस समझौते से आर्थिक सहायता देने के लिए ऊर्जा क्षेत्र की ओर से अधिक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) आगे आएंगे।
  • उल्‍लेखनीय है, कि राष्ट्रीय खेल विकास कोष को यह समर्थन काॅर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्‍सिबिलिटी (CSR)  के माध्यम से प्राप्त हुआ है।
  • विदित है, कि इस फण्ड का उपयोग विशेष रूप से बाॅक्सिंग, महिला हॉकी और एथलेटिक्‍स को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
  • इसके साथ-साथ अन्य खेल, जिसके लिए ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (REC) और राष्ट्रीय खेल विकास निधि सहमत हों, को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।

राष्ट्रीय खेल विकास कोष (National Sports Development Funds):

  • केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 1998 में राष्ट्रीय खेल विकास निधि की स्थापना की गई थी।
  • इस कोष की स्थापना चैरिटेबल एण्डॉमेंट्‍स एक्ट, 1890 (Charitable Endowments Act 1890) के तहत की गई थी।

राष्ट्रीय खेल विकास कोष का प्रमुख उद्देश्य

  • खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे और अन्य गतिविधियों के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • भारत में खेलों को गति और लचीलापन प्रदान करना। 
  • समस्याओं की पहचान कर और खेल में उत्कृष्टता के लिए सहायता प्रदान करने के लिए उचित कदम उठाना।

राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (NTPC)

  • एनटीपीसी, विद्युत मंत्रालय के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (Public Sector Undertaking: PSU) है।
  • भारत की सबसे बड़ी विद्युत कंपनी एनटीपीसी की स्थापना वर्ष 1975 में भारत में विद्युत विकास गति लाने के लिए की गई थी। 
  • वर्ष 2010 में इस कंपनी को महारत्न कंपनी का दर्जा दिया गया ।
  • एनटीपीसी का मुख्यालय नई दिल्‍ली अवस्थित है।
  • इसका उद्देश्य देश को विद्युत उत्पादन में विश्व का सबसे बड़ा और सर्वश्रेष्ठ विद्युत उत्पादन केंद्र बनाना है।
  • अन्य उद्देश्य नवाचार द्वारा संचालित किफायती, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से विश्वसनीय बिजली तथा संबंधित समाधान प्रदान करना है।

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्‍सिबिलिटी (CSR)

  • भारत सीएसआर को अनिवार्य घोषित करने वाला विश्व का पहला देश है।
  • सीएसआर को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 में अधिसूचित किया गया है।
  • भारत में सीएसआर 1 अप्रैल, 2014 से प्रभाव में आया।
  • उल्‍लेखनीय है, कि सीएसआर का नियम निम्नलिखित कंपनियों पर लागू होता है -
  • कंपनी का वार्षिक निवल मूल्य (Networth) 500 करोड़ रुपये हो।
  • कंपनी का वार्षिक कुल कारोबार (Turnover) 1000 करोड़ रुपये हो।
  • कंपनी का वार्षिक शुद्ध लाभ (Net Profit) 5 करोड़ रुपये हो।
  • कंपनियों को सीएसआर के तहत निम्नलिखित गतिविधियों में कार्य करना होता है - 
  • गरीबी (SDG-1), भुखमरी और कुपोषण उन्‍मूलन में।
  • शिक्षा (SDG-4) को बढ़ावा देने में
  • लिंग समानता (SDG-5) नारी सशक्तीकरण में इत्यादि।

संकलन-सुरेंद्र वर्मा
 


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